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यूपीपीएससी : विज्ञापन निरस्त होने के साथ नौकरी के दरवाजे बंद, प्रवक्ता भर्ती के ओवरएज अभ्यर्थियों ने मांगी राहत
Thu, 07 Oct 2021 09:15 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 Oct 2021 09:15 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने कुछ दिनों पहले पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ता भर्ती का विज्ञापन निरस्त कर दिया था और इसकी जगह नया विज्ञापन जारी किया है। इसकी वजह से तमाम अभ्यर्थियों के लिए सरकार नौकरी के दरवाजे बंद हो गए हैं।
पुराने विज्ञापन के तहत आवेदन करने वाले तमाम अभ्यर्थी अब ओवरएज हो चुके हैं और नए विज्ञापन के तहत आवेदन नहीं कर सकते हैं। ऐसे ओवरएज अभ्यर्थियों ने आयोग में ज्ञापन देकर राहत की मांग की है। आयोग ने वर्ष 2017-18 में पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ता एवं प्रधानाचार्य के 1261 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।
इनमें प्रधानाचार्य के 13 एवं प्रवक्ता के 1248 पद शामिल थे। ऑल इंडिया कौंसिल टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) की ओर से नियमालवी में संशोधन किए जाने के कारण आयोग ने बीते सात सितंबर को विज्ञापन निरस्त कर दिया और 15 सितंबर को प्रवक्ता के 1254, प्रधानाचार्य के 13, कर्मशाला अधीक्षक के 16 एवं पुस्तकालयाध्यक्ष के 87 पदों पर भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया, लेकिन इसमें आयु सीमा की गणना एक जुलाई 2021 से की। ऐसे में वर्ष 2017-18 में आवेदन करने वाले तमाम अभ्यर्थी जो ओवरएज हो चुके हैं, वे अब चयन से
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प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।
नए विज्ञापन के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्तूबर निर्धारित की गई है। एक अभ्यर्थी ने बताया कि उसे मैकेनिकल में प्रवक्ता पद के लिए ओवदन किया था, लेकिन विज्ञापन निरस्त हो गया। अभ्यर्थी ओवरएज हो चुका है और उसके सामने अब कोई रास्ता नहीं बचा है। ऐसे ही तमाम अभ्यर्थी हैं, जिन्हें इस बार आवेदन का मौका नहीं मिला तो उनके लिए सरकारी नौकरी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे। अभ्यर्थी दो बार आयोग में ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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पुराने विज्ञापन के तहत आवेदन करने वाले तमाम अभ्यर्थी अब ओवरएज हो चुके हैं और नए विज्ञापन के तहत आवेदन नहीं कर सकते हैं। ऐसे ओवरएज अभ्यर्थियों ने आयोग में ज्ञापन देकर राहत की मांग की है। आयोग ने वर्ष 2017-18 में पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ता एवं प्रधानाचार्य के 1261 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।
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इनमें प्रधानाचार्य के 13 एवं प्रवक्ता के 1248 पद शामिल थे। ऑल इंडिया कौंसिल टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) की ओर से नियमालवी में संशोधन किए जाने के कारण आयोग ने बीते सात सितंबर को विज्ञापन निरस्त कर दिया और 15 सितंबर को प्रवक्ता के 1254, प्रधानाचार्य के 13, कर्मशाला अधीक्षक के 16 एवं पुस्तकालयाध्यक्ष के 87 पदों पर भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया, लेकिन इसमें आयु सीमा की गणना एक जुलाई 2021 से की। ऐसे में वर्ष 2017-18 में आवेदन करने वाले तमाम अभ्यर्थी जो ओवरएज हो चुके हैं, वे अब चयन से
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प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।
नए विज्ञापन के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्तूबर निर्धारित की गई है। एक अभ्यर्थी ने बताया कि उसे मैकेनिकल में प्रवक्ता पद के लिए ओवदन किया था, लेकिन विज्ञापन निरस्त हो गया। अभ्यर्थी ओवरएज हो चुका है और उसके सामने अब कोई रास्ता नहीं बचा है। ऐसे ही तमाम अभ्यर्थी हैं, जिन्हें इस बार आवेदन का मौका नहीं मिला तो उनके लिए सरकारी नौकरी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे। अभ्यर्थी दो बार आयोग में ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
अभ्यर्थियों ने आयोग पर लगाया पक्षपात का आरोप
प्रवक्ता भर्ती के ओवरएज अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने पिछले दिनों अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा-2013 को निरस्त कर दिया था, लेकिन पुराने विज्ञापन के तहत आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया है। ऐसे में पॉलीटेक्निक संस्थानों में पुराने विज्ञापन के तहत प्रवक्ता भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के साथ पक्षपात क्यों किया जा रहा है। जो अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं, उन्हें भी नई भर्ती में शामिल होने का मौका मिलना चाहिए।
प्रवक्ता भर्ती के ओवरएज अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने पिछले दिनों अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा-2013 को निरस्त कर दिया था, लेकिन पुराने विज्ञापन के तहत आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया है। ऐसे में पॉलीटेक्निक संस्थानों में पुराने विज्ञापन के तहत प्रवक्ता भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के साथ पक्षपात क्यों किया जा रहा है। जो अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं, उन्हें भी नई भर्ती में शामिल होने का मौका मिलना चाहिए।