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UPPSC : स्केलिंग के लिए प्रतियोगियों ने चलाया अभियान
Fri, 03 Jun 2022 12:59 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 03 Jun 2022 12:59 AM IST
सार
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई गई है कि पीसीएस-2020 में एक छात्र को वैकल्पिक विषय रसायन विज्ञान में 400 में से 352 अंक मिले, जबकि मानविकी विषयों में 250 अंक लाना भी बहुत मुश्किल होता है।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पीसीएस परीक्षा में स्केलिंग लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने अभियान शुरू किया है। छात्रों ने पीसीएस 2018, 2019 एवं 2020 में शामिल अभ्यर्थियों के अंकपत्रों का हवाला देते हुए दावा किया है कि आयोग पीसीएस परीक्षा में स्केलिंग नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से मानविकी विषय के हिंदी भाषी छात्र छंटकर बाहर हो जा रहे हैं। वहीं, आयोग के अफसरों का कहना है कि विज्ञापन में शामिल नियमों के अनुरूप ही स्केलिंग की जा रही है।
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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई गई है कि पीसीएस-2020 में एक छात्र को वैकल्पिक विषय रसायन विज्ञान में 400 में से 352 अंक मिले, जबकि मानविकी विषयों में 250 अंक लाना भी बहुत मुश्किल होता है। अगर स्केलिंग की जा रही होती तो मानविकी और विज्ञान विषयों के अभ्यर्थियों के अंकों में इतना अंतर नहीं होता।
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समिति की ओर से लिखे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि पीसीएस-2018 से अब तक जितनी परीक्षाओं के अंकपत्र जारी हुए हैं, उनमें स्केल्ड और नॉन स्केल्ड अंक हटा दिए गए। ऐसे में स्पष्ट है कि परीक्षा में स्केलिंग नहीं हो रही है। इन दिनों पीसीएस-2021 की मुख्य परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य अंतिम दौर में है और 12 जून को पीसीएस-2022 की प्रारंभिक परीक्षा है। समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय और मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने मांग की है कि आगामी सभी परीक्षाओं में स्केलिंग लागू की जाए और मार्कशीट पर स्केल्ड एवं नॉन स्केल्ड अंकों का जिक्र किया जाए।
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