UPPSC : अभ्यर्थियों को चयन परिणाम से पहले चाहिए उत्तरकुंजी, सीएम योगी को भेजा पत्र
पूर्व में आयोग अंतिम चयन परिणाम जारी होने से पहले संशोधित उत्तरकुंजी जारी कर देता था। अगर अभ्यर्थी संशोधन से संतुष्ट नहीं होते थे तो उचित फोरम पर अपनी बात रखने का उन्हें पूरा वक्त मिल जाता था।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पिछली कई भर्तियों से उत्तरकुंजी अंतिम चयन परिणाम आने के बाद जारी कर रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इसकी आड़ में धांधली हो रही है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि अंतिम चयन परिणाम से पहले संशोधित उत्तरकुंजी जारी की जाए, ताकि इसमें गलती होने पर वह मजबूती से अपना दावा कर सकें। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर परिणाम से पहले उत्तरकुंजी जारी करने की मांग की है।
पूर्व में आयोग अंतिम चयन परिणाम जारी होने से पहले संशोधित उत्तरकुंजी जारी कर देता था। अगर अभ्यर्थी संशोधन से संतुष्ट नहीं होते थे तो उचित फोरम पर अपनी बात रखने का उन्हें पूरा वक्त मिल जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं रह गया है। आयोग ने पीसीएस-2019 और इसके बाद हुईं परीक्षाओं की संशोधित उत्तरकुंजी जारी करने की व्यवस्था ही बदल दी। अभ्यर्थियों को अंतिम चयन परिणाम के बाद भी काफी दिनों तक संशोधित उत्तरकुंजी के लिए इंतजार करना पड़ा। आयोग ने जब पीसीएस-2019 और 2020 की उत्तरकुंजी एक साथ जारी की तो उसमें 38 सवाल गलत थे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि अब अंतिम चयन परिणाम आने तक यह मालूम नहीं होता कि उन्होंने जिन प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई थी, उन्हें संशोधित किया गया या नहीं। अभ्यर्थियों ने इस मसले पर पूर्व में जब आयोग में ज्ञापन सौंपा तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। ऐसे में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने रविवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजा।
हाई पॉवर कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करे आयोग
स्केलिंग के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से गठित हाई पॉवर कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग की गई है। युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने आयोग पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाई पॉवर कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों की भागीदारी इसलिए जरूरी है, क्योंकि आयोग लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि पीसीएस में स्केलिंग की व्यवस्था लागू है और कमेटी के गठन का मुख्य उद्देश्य इसे लेकर छात्रों के भ्रम को दूर करना है।