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यूपीपीएससी : संशोधित कैलेंडर में भी शामिल नहीं की गई एपीएस भर्ती
Sat, 12 Jun 2021 09:38 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 12 Jun 2021 09:38 PM IST
सार
- यूपीपीएससी को मिल चुका है ढाई सौ पदों का अधियाचन, पर जारी नहीं हो रहा विज्ञापन
- एपीएस की आठ साल पुरानी भर्ती प्रक्रिया भी अब तक नहीं हुई पूरी, कई अभ्यर्थी हो गए ओवरएज
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uppsc
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से जारी संशोधित परीक्षा कैलेंडर में भी अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती को जगह नहीं दी गई, जबकि एपीएस के ढाई सौ पदों का अधियाचन आयोग को काफी पहले ही मिल चुका है। वहीं, एपीएस-2013 की भर्ती प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं की जा सकी है। ओवरएज हो रहे अभ्यर्थियों ने आयोग ने मांग की है कि एपीएस भर्ती का नया विज्ञापन शीघ्र जारी किया जाए, ताकि वे नई भर्ती वे वंचित न हों।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपने संशोधित कैलेंडर में 14 परीक्षाओं को शामिल किया है। इनमें से 13 भर्ती परीक्षाएं पूर्व में जारी कैलेंडर में भी शामिल की गईं थी, जबकि स्टाफ नर्स की नई भर्ती को संशोधित कैलेंडर में जगह दी गई है। एपीएस भर्ती के अभ्यर्थियों का कहना है कि जब संशोधित कैलेंडर में स्टाफ नर्स की भर्ती को शामिल किया जा सकता है तो एपीएस भर्ती को जगह क्यों नहीं दी गई, जबकि आयोग को काफी पहले ही एपीएस के तकरीबन ढाई सौ पदों का अधियाचन मिल चुका है। इस मसले पर अभ्यर्थी आयोग के बाहर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और ज्ञापन भी दिया है।
हालांकि पूर्व में इस मसले पर आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को बताया गया था कि एपीएस भर्ती परीक्षा के पाठ्यक्रम संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। अभ्यर्थी अब दावा कर रहे हैं कि पाठ्यक्रम संशोधन के मसले पर शासन से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन आयोग भर्ती शुरू नहीं कर रहा है। अभ्यर्थी दीपक कुशवाहा, उमेश चंद्र पांडेय, विपिन पटेल, कौशलेंद्र सिंह, शैलेंद्र पांडेय का कहना है कि आयोग ने एपीएस-2013 की भर्ती प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं की है।
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कई चरणों की परीक्षा भी करा दी गई और उनका रिजल्ट भी आ गया, लेकिन कंप्यूटर की परीक्षा अब तक नहीं कराई गई और इसी वजह से भर्ती फंसी हुई है। भर्ती शुरू हुए आठ साल हो चुके हैं। इस बीच कई अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं तो कुछ होने जा रहे हैं। पुरानी भर्ती पूरी न होने से अभ्यर्थियों को भविष्य अधर में है और अगर नई भर्ती जल्द शुरू नहीं की गई तो तमाम अभ्यर्थी ओवरएज होने के कारण एपीएस की नई भर्ती में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने आयोग से नई भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी करने की मांग की है।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपने संशोधित कैलेंडर में 14 परीक्षाओं को शामिल किया है। इनमें से 13 भर्ती परीक्षाएं पूर्व में जारी कैलेंडर में भी शामिल की गईं थी, जबकि स्टाफ नर्स की नई भर्ती को संशोधित कैलेंडर में जगह दी गई है। एपीएस भर्ती के अभ्यर्थियों का कहना है कि जब संशोधित कैलेंडर में स्टाफ नर्स की भर्ती को शामिल किया जा सकता है तो एपीएस भर्ती को जगह क्यों नहीं दी गई, जबकि आयोग को काफी पहले ही एपीएस के तकरीबन ढाई सौ पदों का अधियाचन मिल चुका है। इस मसले पर अभ्यर्थी आयोग के बाहर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और ज्ञापन भी दिया है।
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हालांकि पूर्व में इस मसले पर आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को बताया गया था कि एपीएस भर्ती परीक्षा के पाठ्यक्रम संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। अभ्यर्थी अब दावा कर रहे हैं कि पाठ्यक्रम संशोधन के मसले पर शासन से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन आयोग भर्ती शुरू नहीं कर रहा है। अभ्यर्थी दीपक कुशवाहा, उमेश चंद्र पांडेय, विपिन पटेल, कौशलेंद्र सिंह, शैलेंद्र पांडेय का कहना है कि आयोग ने एपीएस-2013 की भर्ती प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं की है।
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कई चरणों की परीक्षा भी करा दी गई और उनका रिजल्ट भी आ गया, लेकिन कंप्यूटर की परीक्षा अब तक नहीं कराई गई और इसी वजह से भर्ती फंसी हुई है। भर्ती शुरू हुए आठ साल हो चुके हैं। इस बीच कई अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं तो कुछ होने जा रहे हैं। पुरानी भर्ती पूरी न होने से अभ्यर्थियों को भविष्य अधर में है और अगर नई भर्ती जल्द शुरू नहीं की गई तो तमाम अभ्यर्थी ओवरएज होने के कारण एपीएस की नई भर्ती में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने आयोग से नई भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी करने की मांग की है।