फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Upbhokta Ayog: Insurance company and bank should give compensation in case of theft from jewellery shop

Upbhokta Ayog : आभूषण की दुकान से चोरी के मामले में बीमा कंपनी व बैंक मुआवजा दे

Thu, 28 Aug 2025 03:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 28 Aug 2025 03:17 PM IST
सार

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और इंडियन बैंक को ज्वैलरी दुकान से चोरी के मामले में 1,65,900 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
Upbhokta Ayog: Insurance company and bank should give compensation in case of theft from jewellery shop
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और इंडियन बैंक को ज्वैलरी दुकान से चोरी के मामले में 1,65,900 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए 5,000 रुपये का भी भुगतान करने का निर्देश दिया। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम व सदस्य सरला ने मेसर्स इलाहाबाद ज्वैलर्स के मालिक मोहम्मद सिद्दीक खां की ओर से दायर एक शिकायत पर दिया।
विज्ञापन


सदर तहसील स्थित मेसर्स इलाहाबाद ज्वैलर्स के प्रोपराइटर ने 28 अप्रैल 2004 को इंडियन बैंक के माध्यम से यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से दुकान में रखे गहनों का बीमा कराया था। पॉलिसी 28 अप्रैल 2004 से 27 अप्रैल 2005 तक वैध थी। डिस्प्ले में रखे आभूषणों का 2,55,000 रुपये का बीमा और लॉकर में रखे आभूषण का 2,70,000 रुपये का बीमा कराया था। बीमा के दौरान ही 11-12 मार्च 2005 की रात को दुकान में चोरी हो गई। 12 मार्च 2005 को शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
विज्ञापन


1,65,900 रुपये कीमत के गहनों की चोरी का दावा कर उन्होंने बीमा कंपनी के समक्ष बीमा राशि का भुगतान करने के लिए आवेदन किया जिसे खारिज कर दिया गया। इसके खिलाफ उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया। बीमा कंपनी ने दावा किया प्रोपराइटर ने दावा किया कि लॉकर सुरक्षित थी और चोरी केवल तिजोरी के बाहर रखे सामान की हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी ने अपने दावों को साबित करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया। साथ ही डिस्प्ले में रखे गहनों का भी 2,55,000 रुपये का बीमा था। ऐसे में भले ही लॉकर नहीं तोड़ा गया था, फिर भी बीमा कंपनी दावे के भुगतान के लिए जिम्मेदार है। आयोग ने बैंक और बीमा कंपनी को सेवा में कमी के उत्तरदायी मानते हुए दो माह के अंदर मुआवजा आठ प्रतिशत ब्याज के सहित भुगतान का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed