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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UP: Production of Nano Urea started in IFFCO Phulpur, 50 thousand bottles are being produced daily

UP : इफको के फूलपुर-आंवला संयंत्रों से नैनो यूरिया का उत्पादन आरंभ, रोजाना 50 हजार बोतल किया जा रहा उत्पादन

Mon, 26 Dec 2022 11:51 PM IST
विनोद सिंह राम नरेश यादव, प्रयागराज
राम नरेश यादव, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 26 Dec 2022 11:51 PM IST
सार

कृषि भूमि की उर्वराशक्ति बचाने और फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए इफको ने नैनो यूरिया तरल का उत्पादन शुरू किया है। इफको प्रबंधन का दावा है कि नैनो यूरिया से भूमि की उर्वराशक्ति ही नहीं, उत्पादन भी बढ़ेेगा।

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UP: Production of Nano Urea started in IFFCO Phulpur, 50 thousand bottles are being produced daily
इफको फूलपुर में नैनो यूरिया लिक्विड संयंत्र में उत्पादन के मौके पर मौजूद इकाई प्रमुख व अधिकारीगण - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इफको के फूलपुर और आंवला संयंत्रों से एक साथ नैनो यूरिया का उत्पादन शुरू हो गया है। ट्रायल के तौर पर अभी इन दोनों यूनिटों से 50-50 हजार बोतल प्रतिदिन उत्पादन होगा। अगले महीने इसका औपचारिक उद्घाटन होगा। इसके बाद दोनों यूनिटों को पूरी क्षमता से चलाने की कवायद होगी।

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कृषि भूमि की उर्वराशक्ति बचाने और फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए इफको ने नैनो यूरिया तरल का उत्पादन शुरू किया है। इफको प्रबंधन का दावा है कि नैनो यूरिया से भूमि की उर्वराशक्ति ही नहीं, उत्पादन भी बढ़ेेगा। यह नैनो तरल 45 किलो वाली एक बोरी यूरिया से सस्ती होगी। बोरी वाली यूरिया की कीमत जहां 267 रुपये प्रति बोरी है, वहीं नैनो तरल की आधा लीटर खाद सिर्फ 240 रुपये में ही किसानों को मिल जाएगी और काम एक बोरी यूरिया के बराबर करेगी। इफको फूलपुर में स्थापित नैनो प्लांट की क्षमता 100 किलो लीटर यानी दो लाख बोतल प्रतिदिन की है।

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दो दिन पहले प्लांट का ट्रायल हुआ और 50 हजार बोतल से उत्पादन शुरू किया गया। इफको फूलपुर के कार्यकारी निदेशक संजय कुदेशिया एवं संयंत्र के वरिष्ठ महाप्रबंधक गिरिधर मिश्र ने बताया कि नैनो यूरिया कृषि के क्षेत्र में देश की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। अफसरों ने बताया कि जुलाई 2023 से यह प्लांट पूरी क्षमता से शुरू कर दिया जाएगा। यहां उत्पादित नैनो यूरिया सोमवार से कारडेट इफको द्वारा हजारों एकड़ भूमि में की जा रही फसलों में इस्तेेमाल के लिए भेजी गई। विदेशों में भी इसकी मांग है।

विश्व का सबसे बड़ा आविष्कार है इफको नैनो
इफको के कार्यकारी निदेशक संजय कुदेशिया इस नए उत्पाद की सफलता का श्रेय प्रबंध निदेशक डॉ. यूएस अवस्थी को देते हैं। उनका कहना है कि प्रबंध निदेशक के कठिन परिश्रम और उनकी दूरगामी सोच की वजह से ही यह संभव हो सका है। यह उर्वरक के क्षेत्र में विश्व का बड़ा आविष्कार है। नैनो टेक्नोलाजी में इफको का अनुसंधान एवं विकास जरूरी रासायनिक संरचना के साथ विश्व स्तर पर उर्वरक उत्पादन को बेहतर बनाने की क्षमता प्रदान करता है।

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