दंगा-हंगामे पर नजर रखने के लिए स्मार्ट पुलिस की वर्दी में होंगे खुफिया कैमरे
आने वाले दिनों में पुलिस पर हमला या तोड़फोड़ करने वाले जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उनकी पहचान का संकट नहीं होगा। चेहरे समेत उनकी पूरी हरकत कैमरे में कैद हो जाएगी। इतना ही नहीं पुलिस की मनमानी पर भी रोक लगेगी। यानी, पुलिस भी पब्लिक फ्रेंडली होगी। जी हां, शहर की पुलिस और स्मार्ट होने जा रही है। उसकी वर्दी में ही खुफिया कैमरे होंगे। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत पहले चरण में 300 पुलिस निरीक्षकों तथा ऊपर के अफसरों को यह वर्दी दी जाएगी। सब कुछ तय गति से चला तो सूचीबद्ध पुलिस अफसर अगले महीने से बॉडीवाल कैमरे से लैस वर्दी पहनेंगे।
स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत बॉडीवाल कैमरे युक्त वर्दी का प्रस्ताव जून में स्वीकृत किया गया। वर्दी में लगे कैमरे कैमरे इंट्रीग्रेडेट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़े होंगे। ऐसे में यदि किसी आंदोलन या भीड़भाड़ वाली जगह पर कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा करता है या पुलिस पर हमला करता है तो उसकी पूरी हरकत कैमरे में कैद हो जाएगी।
साथ ही आईसीसीसी को भी इसकी सूचना पहुंच जाएगी। इन कैमरों की रेंज सीधे तो काफी दूर तक होगी ही, 180 डिग्री कोड़ तक ये सभी तरह की गतिविधियों को कैच करने में भी सक्षम होंगे। स्मार्ट सिटी के आईटी अफसर मणि शंकर त्रिपाठी ने बताया कि आईसीसीसी में निगरानी टीम मौजूद रहेगी, जो इन कैमरों की मदद से पुलिस अफसरों तथा हर गतिविधि पर नजर रखेगी।
एंटी रोमियो स्क्वायड टीम के सदस्य भी पहनेंगे यह वर्दी
लड़कियों पर छींटाकशी या बदतमीजी करने वालों पर भी बॉडीवाल कैमरे की नजर होगी। पहले चरण में जिन 300 पुलिस कर्मियों को खुफिया कैमरे से लैस वर्दी देने का निर्णय लिया गया है उनमें एंटी रोमियो स्क्वायड टीम भी शामिल है।
अक्तूबर में चालू हो जाएगा पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम
स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत सभी प्रमुख चौराहों, मार्गों पर कैमरों के अलावा पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम भी लगाए जाएंगे। 206 स्थानों पर यह सिस्टम लगाने का काम शुरू हो गया है। सिविल लाइंस समेत कई स्थानों पर यह सिस्टम काम करने लगा है। यह सिस्टम भी आईसीसीसी से जुड़ा होगा। अक्तूबर तक काम पूरा हो जाएगा।इसके बाद कोई भी सूचना पूरे शहर में एक साथ प्रसारित की जा सकेगी। ट्रैफिक कंट्रोल में इससे काफी मदद मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा डायल-100 के 43 वाहन भी जीपीएस के माध्यम से आईसीसीसी से अक्तूबर तक जुड़ जाएंगे। आईटी अफसर मणि शंकर ने बताया कि बाडीवॉल कैमरे युक्त वर्दी, पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम और डायल-100 को आईसीसीसी से जोड़े जाने का काम एक साथ पूरा होना है।