UP : हाईकोर्ट की टिप्पणी- सामाजिक दबाव में अंतरधार्मिक बालिग जोड़े की आजादी छीनना अवैध
इलाहाबाद हाईकोर्ट में शनिवार को छुट्टी के दिन अंतर धार्मिक जोड़ के लापता होने के मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट बैठी। इस दौरान अकराबाद पुलिस ने जोड़े को कोर्ट में हाजिर किया। कोर्ट ने बरेली एसएसपी को जोड़े की सुरक्षा और सही सलामत बरेली पहुंचना सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सामाजिक दबाव में अंतरधार्मिक बालिग जोड़े से उनके जीवन कि आजादी नहीं छीनी जा सकती। दुनिया की भलाई-बुराई के डर से उन्हें हिरासत में रखना अवैध है। उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।
इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने अलीगढ़ के अंतरधार्मिक जोड़े की हिरासत को अवैध करार दिया। अवैध हिरासत की जांच अलीगढ़ के एसएसपी को सौंपते हुए एक महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। 28 नवंबर को सुनवाई पर एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा।
मामला अलीगढ़ और बरेली से जुड़ा है। जोड़े ने मर्जी से अंतरधार्मिक विवाह किया। इससे नाराज अलीगढ़ निवासी लड़की के पिता ने बरेली के लड़के के खिलाफ अपहरण सहित विभिन्न मामलों में मुकदमा दर्ज कराया। लड़के ने दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मुकदमे की पैरवी को लेकर जोड़ा बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट आया था। सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर निकले तो दोनों लापता हो गए। इस पर परेशान लड़के के भाई ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की।
इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छुट्टी के दिन शनिवार को विशेष सुनवाई की बात कही तो जोड़े को पुलिस ने पेश किया। वहां दोनों ने कहा कि कोई दबाव नहीं है, शादी अपनी इच्छा से की है। वहीं, पुलिस की ओर से राज्य सरकार के अधिवक्ता ने दलील दी कि अंतरधार्मिक जोड़ों के कारण समाज में तनाव फैलने की संभावना है। लिहाजा, उनकी हिरासत वैध है।
कोर्ट ने सरकार के तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि लड़की बालिग है। इसलिए वह जिसे चाहे, उसके साथ रहने के लिए स्वतंत्र है। सामाजिक तनाव के डर से उनकी जीवन की स्वतंत्रता का हनन नहीं किया जा सकता। अब तक की हिरासत अवैध है। लिहाजा, कोर्ट ने जोड़े को तत्काल रिहा कर उन्हें उनके सुरक्षित चुने स्थान पर पहुंचाने का आदेश दिया। साथ ही अलीगढ़, बरेली के एसएसपी व प्रयागराज के पुलिस आयुक्त को उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है।