{"_id":"5fd4484d8ebc3e3f755dfbbf","slug":"up-government-love-jihad-bill-to-be-challenged-petition-filed-in-allahabad-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तर प्रदेश सरकार के लव जिहाद अध्यादेश को चुनौती, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तर प्रदेश सरकार के लव जिहाद अध्यादेश को चुनौती, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल
Sat, 12 Dec 2020 10:04 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 12 Dec 2020 10:04 AM IST
विज्ञापन
Allahabad High Court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश सरकार के लव जिहाद से धर्म परिवर्तन को लेकर जारी अध्यादेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। सौरभ कुमार की जनहित याचिका में अध्यादेश को नैतिक व संवैधानिक रूप से अवैध बताते हुए रद्द करने की मांग की गई है। कहा गया है कि इस कानून के तहत उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।
याचिका के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्तूबर 20 को बयान दिया कि उनकी सरकार लव जेहाद के खिलाफ कानून लाएगी। उनका मानना है कि मुस्लिम द्वारा हिंदू लड़की से शादी धर्म परिवर्तन कराने के षड्यंत्र का हिस्सा है।
एकल पीठ ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन को अवैध करार दिया है। इसके बाद यह बयान आया है। खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले के विपरीत फैसला सुनाया और कहा कि दो बालिग शादी कर सकते हैं।
विज्ञापन
धर्म बदलकर शादी करने को गलत नहीं माना है और कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवन साथी व धर्म चुनने का अधिकार है। अध्यादेश सलामत अंसारी केस के फैसले के विपरीत है और जीवन के अधिकार अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है, इसलिए इसे असंवैधानिक घोषित किया जाए।
विज्ञापन
याचिका के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्तूबर 20 को बयान दिया कि उनकी सरकार लव जेहाद के खिलाफ कानून लाएगी। उनका मानना है कि मुस्लिम द्वारा हिंदू लड़की से शादी धर्म परिवर्तन कराने के षड्यंत्र का हिस्सा है।
विज्ञापन
एकल पीठ ने शादी के लिए धर्म परिवर्तन को अवैध करार दिया है। इसके बाद यह बयान आया है। खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले के विपरीत फैसला सुनाया और कहा कि दो बालिग शादी कर सकते हैं।
विज्ञापन
धर्म बदलकर शादी करने को गलत नहीं माना है और कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद से जीवन साथी व धर्म चुनने का अधिकार है। अध्यादेश सलामत अंसारी केस के फैसले के विपरीत है और जीवन के अधिकार अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है, इसलिए इसे असंवैधानिक घोषित किया जाए।