यूपी : सिराथू से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज, मौजूदा तीनों विधायकों का कट सकता है टिकट
विधानसभा चुनाव को लेकर अभी तक केवल बहुजन समाज पार्टी ने ही अपने पत्ते खोले हैं। पार्टी ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए सिराथू से संतोष त्रिपाठी और चायल क्षेत्र से अतुल द्विवेदी को उम्मीदवार बनाया है।
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2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर जिले का सियासी समीकरण पल-पल बदल रहा है। बसपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। डिप्टी सीएम केशव मौर्य की सक्रियता के कारण सिराथू से मैदान में उतरने की संभावना है। जबकि चायल और सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है। इसी तरह सदर सीट से राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का सपा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। कांग्रेस अभी दावेदारों की स्क्रीनिंग में लगी हुई है।
विधानसभा चुनाव को लेकर अभी तक केवल बहुजन समाज पार्टी ने ही अपने पत्ते खोले हैं। पार्टी ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए सिराथू से संतोष त्रिपाठी और चायल क्षेत्र से अतुल द्विवेदी को उम्मीदवार बनाया है। जबकि मंझनपुर क्षेत्र से नीतू कनौजिया को पहले ही प्रत्याशी घोषित कर रखा है। सत्ताधारी दल भाजपा में तीनों सीटिंग विधायकों के टिकट को लेकर उहापोह बना हुआ है। वहीं सक्रियता को देखते हुए सियासी पंडित सिराथू क्षेत्र से डिप्टी सीएम केशव मौर्य की उम्मीदवारी तय मान रहे हैं।
चायल से भी प्रत्याशी बदलने की अटकलें
यदि ऐसा हुआ तो मौजूदा विधायक शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल मैदान से बाहर हो जाएंगे। इसका दूसरा प्रभाव चायल क्षेत्र के टिकट पर भी पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। सियासी जानकारों की मानें तो जातिगत समीकरण साधने के लिए भाजपा चायल के टिकट में भी फेरबदल कर सकती है। मंझनपुर(सुरक्षित) सीट पर भी अंदरखाने उम्मीदवार बदलने की चर्चा चल रही है।
ऐसा ही कुछ घमासान प्रमुख विपक्षी पार्टी सपा में चल रहा है। पार्टी ने फिलहाल अभी उम्मीदवारों की घोषणा तो नहीं की है, लेकिन पूर्वमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का मंझनपुर से चुनाव लड़ना तकरीबन तय माना जा रहा है। जबकि सिराथू और चायल सीट पर दावेदारों के बीच होड़ मची है। वहीं कांग्रेस अभी उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग कर रही है।
सम्मेलन में भाजपा पर साधा निशाना
पूर्व राज्यमंत्री एवं बसपा के सेक्टर प्रभारी प्रयागराज मंडल अशोक गौतम ने कहा कि सपा-भाजपा धोखेबाजों की पार्टी है। इनकी सरकारों में जनता को सिर्फ धोखा देने का काम किया गया है। इसलिए किसी के बहकावे में आने के बजाय सभी लोग एकजुट होकर बसपा प्रत्याशियों का समर्थन कर मायावती को मुख्यमंत्री बनाने का काम करें। पूर्व मंत्री रविवार को करारी में आयोजित बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कहा कि सपा और भाजपा एक ही जैसी पार्टी है। बसपा सरकार में दलितों, गरीबों के लिए तमाम योजनाएं चलाई गई थी। समाज के महापुरुषों के नाम से जिले बनाए गए।
बसपा सरकार की योजनाओं को बदल दिया
2012 में सपा सरकार बनने पर बसपा शासन की योजनाओं को बंद कर दिया गया। जिलों के नाम बदल दिए गए। सरकारी नौकरियों में प्रमोशन को खत्म करने के साथ ही प्रमोशन पाने वालों का डिमोशन कर दिया गया। इसी तरह लोगों को झूठा आश्वाशन देकर भाजपा सरकार में आई। लोगों को दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया। नौकरी तो नहीं दी बल्कि नौकरी कर रहे लोगों की नौकरी छीन ली गई। पूर्व राज्य मंत्री ने नाम लिए बगैर मंझनपुर के पूर्व विधायक व सपा राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज की खिंचाई की। कहा कि कथरी व पैरा में सोने वाले को आप लोगों ने चार बार जिताया।
भाजपा ने कम करने के बजाय बढ़ा दी महंगाई
पांचवीं बार उसने पार्टी को धोखा दे दिया। अब जागरूक जनता ऐसे लोगों को धोखा देकर सबक सिखाएगी। भाजपा को जुमलेबाजों की पार्टी बताते हुए कहा कि महंगाई कम होने के बजाय बढ़ गई। महिलाओं पर अत्याचार, दुराचार की घटनाएं बढ़ गईं। इस मौके पर मंझनपुर से पार्टी प्रत्याशी नीतू कनौजिया, सिराथू से प्रत्याशी संतोष त्रिपाठी व चायल के अतुल द्विेवेदी, जिलाध्यक्ष शैलेंद्र गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिलाल बौद्ध, महेंद्र गौतम, एकलाख कुरैशी, मैदान सिंह पटेल, रामू सरोज, राजेंद्र गौतम, अमिर काजी, उबैद अंसारी, घनश्याम गौतम, शुकरू लाल निर्मल, मोतीलाल अंबेडकर, नजीर अहमद, विशंभर सरोज, प्रदीप गौतम समेत तमाम बसपाई मौजूद रहे।