up election 2022 result : भाजपा-सपा को छोड़ बाकी सभी की जमानत जब्त
2017 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ तीन सीटों पर बसपा की जमानत जब्त हुई थी और बाकी नौ सीटों पर बसपा के प्रत्याशियों ने जमानत बचा ली थी, लेकिन इस बार बसपा किसी भी सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा सकी। यही हाल कांग्रेस का भी रहा। राष्ट्रीय दल कांग्रेस की सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई।
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विधानसभा चुनाव में भाजपा एवं उसके गठबंधन और सपा को छोड़ बाकी सभी दलों एवं निर्दलीयों की जमानत जब्त हो गई। साफ है कि वोटरों ने दो दलों की सीधी लड़ाई को तरजीह देते हुए अन्य सभी प्रत्याशियों को नकार दिया। राष्ट्रीय दल कांग्रेस और बसपा भी अपनी जमानत नहीं बचा सके।
सबसे बड़ा झटका बसपा को लगा। 2017 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ तीन सीटों पर बसपा की जमानत जब्त हुई थी और बाकी नौ सीटों पर बसपा के प्रत्याशियों ने जमानत बचा ली थी, लेकिन इस बार बसपा किसी भी सीट पर अपनी जमानत नहीं बचा सकी। यही हाल कांग्रेस का भी रहा। राष्ट्रीय दल कांग्रेस की सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई। हर विधानसभा क्षेत्र में लड़ाई सिर्फ भाजपा, उसके गठबंधन दल और सपा के बीच ही नजर आई। ज्यादातर प्रत्याशियों के लिए हजार का आंकड़ा भी छू पाना मुश्किल हो गया।
कई प्रत्याशी हजार का आंकड़ा भी नहीं छू सके
मेजा सीट के लिए कुल 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इनमें से नौ प्रत्याशी वोटों के मामले में हजार का आंकड़ा भी नहीं छू सके। कोरांव में जमानत बचाने के लिए 34490 मतों की जरूरत थी। सपा और भाजपा के प्रत्याशियों को छोड़ बाकी कोई प्रत्याशी इस आंकड़े को नहीं छू सका।
बारा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे 12 उम्मीदवारों में से सपा और भाजपा के गठनबंधन दल अपना दल एस के प्रत्याशी अपनी जमानत बचा सके। सबसे अधिक 21 उम्मीदवार फाफामऊ सीट से चुनाव मैदान में थे। यहां भी सपा और भाजपा के गठबंधन दल को छोड़कर बाकी सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। यहां 13 प्रत्याशी हजार के आंकड़े तक भी नहीं पहुंचे।
हंडिया में निषाद पार्टी को छोड़ सभी की जमानत जब्त
हंडिया में भी सपा और गठनबंधन दल निषाद पार्टी को छोड़कर बाकी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। यहां जमानत बचाने के लिए 35362 मतों की जरूरत थी, लेकिन 12 में से 10 प्रत्याशी जमानत नहीं बचा सके। बसपा प्रत्याशी को 33672 वोट मिले और वह 1690 मतों के अंतर से जमानत बचाने से चूक गए।
सोरांव में भी सपा और भाजपा के गठबंधन अपना दल एस को छोड़कर बाकी सभी 10 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। करछना में भी सपा-बसपा को छोड़ बाकी 10 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई और इनमें से आठ प्रत्याशी हजार के आंकड़े तक भी नहीं पहुंचे।
शहर उत्तरी में सात प्रत्याशियों की जमानत जब्त
शहर उत्तरी में भी भाजपा और सपा को छोड़ दिया जाए तो इस सीट बाकी सात प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। शहर पश्चिमी के 12 प्रत्याशियों में सात उम्मीदवार हजार का आंकड़ा छूने के लिए तरस गए। शहर दक्षिणी में भी कमोवेश यही स्थित रही, जहां सात प्रत्याशी हजार के आंकड़े तक पहुंचे और 13 उम्मीदवारों में सपा एवं भाजपा को छोड़ बाकी सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। करछना सीट पर 12 में से 10, फूलपुर सीट पर 15 में से 13 और प्रतापपुर सीट पर 25 में से 23 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।