यूपी : ईडी ने बाहुबली विधायक विजय मिश्र के समधी से की पूछताछ
विधायक से संबंधित कंपनियों की छानबीन में ईडी को दिल्ली स्थित वीएसपी स्टार रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड के बारे में जानकारी मिली। सूत्रों का कहना है कि इस कंपनी में विधायक की पत्नी व बेटी के साथ ही उसके मुंबई में रहने वाले समधी डॉ. वीरेंद्र रामामूर्ति तिवारी भी डायरेक्टर हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्र के घरवालों के साथ ही उनके कुछ रिश्तेदारों पर भी है। इसी क्रम में उसने बाहुबली के मुंबई में रहने वाले समधी से लंबी पूछताछ की है। ईडी की टीम ने समन जारी कर उन्हें अपने कार्यालय बुलाया, जिसके बाद उनसे विधायक के कारोबारी मामलों के संबंध में कई सवाल दागे गए। फिलहाल इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
कैबिनेट मंत्री नंदी पर हमले का आरोपी विजय मिश्र मौजूदा समय में आगरा जेल में बंद है। ईडी की टीम ने उसके खिलाफ 10 महीने पहले फरवरी में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। मामले की जांच में जुटी टीम ने हाल ही में आगरा जेल जाकर उसकी संपत्तियों के बारे में पूछताछ करते हुए उसका बयान दर्ज किया था। इसकेबाद से टीम उसकी चल व अचल संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई थी।
सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल में टीम को विधायक व उसके परिवारवालों की कंपनियों का पता चला। सबसे खास बात यह कि कुछ ऐसी कंपनियों के बारे में भी जानकारी मिली जिसमें उसके परिवारवालों के साथ करीबी रिश्तेदार भी हिस्सेदार हैं।
दिल्ली में है कंपनी का ऑफिस
विधायक से संबंधित कंपनियों की छानबीन में ईडी को दिल्ली स्थित वीएसपी स्टार रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड के बारे में जानकारी मिली। सूत्रों का कहना है कि इस कंपनी में विधायक की पत्नी व बेटी के साथ ही उसके मुंबई में रहने वाले समधी डॉ. वीरेंद्र रामामूर्ति तिवारी भी डायरेक्टर हैं। इस कंपनी का ऑफिस दिल्ली में है और इसके जरिए रियल इस्टेट का काम होता है। मूलत: जौनपुर के रहने वाले वीरेंद्र के मुंबई में अस्पताल व डायग्नोसिस सेंटर हैं। इसके बाद ही ईडी ने समन जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया।
पूछा, बाहुबली के कारोबार से क्या है संबंध?
सूत्रों के मुताबिक, विधायक के समधी से ईडी की टीम ने लंबी पूछताछ की। उनसे उस कंपनी कीबाबत जानकारी ली जिसमें वह विधायक की पत्नी और बेटी के साथ ही डायरेक्टर हैं। कंपनी के प्रोजेक्ट्स और उसके लेनदेन की बाबत भी सवाल किए। यह भी पूछा कि विधायक के कारोबार से उनका क्या संबंध है और विधायक की कंपनी में उनकी क्या भूमिका है।
समन के बावजूद नहीं आए तीन परिजन
सूत्रों का यह भी कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में जुटी ईडी की टीम ने विधायक के घर के तीन सदस्यों को भी समन जारी किया था। उन्हें पूछताछ के लिए कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया था। लेकिन वह नहीं आए। ईडी की ओर से उन्हें दोबारा समन जारी किया जएगा। इसके बाद भी नहीं आते हैं तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ईडी ने अहमदाबाद जेल पहुंचकर फिर अतीक से की पूछताछ
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने दोबार अहमदाबाद जेल पहुंचकर अतीक अहमद से पूछताछ की है। मनी लांड्ऱिंग मामले की जांच में जुटी टीम ने अतीक से उन स्रोतों के बारे में जानकारी हासिल की, जिनके जरिए उसके खातों में रुपये पहुंचते थे।
गौरतलब है कि अतीक के खातों में जमा रकम समेत 8.14 करोड़ की संपत्ति अटैच करने के बाद अब ईडी की नजर उसके सहयोगियों पर है। इनमें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उसकी मदद करने वाले शामिल हैं। अतीक के लिए प्लाटिंग करने वाले करेली, खुल्दाबाद, पूरामुफ्ती के उसके मददगारों पर ईडी की खास नजर है। गौरतलब है कि पिछले साल ही पीडीए ने करेली में अतीक के लिए काम करने वाले भूमाफिया की प्लाटिंग को ध्वस्त किया था।