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UP: 'दीनी तालीम... हिजाब पहनना सिखाया, फिर जिहादी ट्रेनिंग', पीड़िता ने बताई पर्ची देने केरल जाने तक की कहानी
Wed, 02 Jul 2025 11:36 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 02 Jul 2025 11:36 AM IST
सार
केरल में धर्मांतरण करा जिहादी प्रशिक्षण के लिए दबाव बनाने में आरोपी ताज पर पुलिस की जांच टिकी है। मुख्य संदिग्ध की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं। ताज पीड़िता से दिल्ली स्टेशन पर मिला था। उसने आरोपी दरकशा के हाथ में पर्ची दी थी।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
केरल ले जाकर फूलपुर निवासी 15 वर्षीय किशोरी का धर्मांतरण कराने और जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले के मुख्य संदिग्ध ताज की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ताज उसे दिल्ली स्टेशन पर मिला था, जहां उसने आरोपी दरकशा को एक पर्ची दी थी। फिर दरकशा संग उसे केरल जाने वाली ट्रेन में बिठाया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार दरकशा और कैफ से प्रारंभिक पूछताछ में जो बातें सामने आईं हैं, उसमें फरार चल रहा ताज ही मुख्य आरोपी माना जा रहा है, जिससे दरकशा फोन पर भी लगातार संपर्क में थी। मोबाइल की कॉल डिटेल से भी इसका खुलासा हुआ है।
पुलिस की जांच में पीड़िता ने जो बयान दिया है, उसके बाद से पुलिस की नजर आरोपी ताज पर टिकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जेल भेजे जाने से पहले पूछताछ में आरोपी दरकशा ने बताया है कि ताज फूलपुर के जोगिया शेखपुर का रहने वाला है।
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वह उसकी बहन का देवर है और कई वर्षों से केरल में रहकर नौकरी करता है। ताज के कहने पर ही वह किशोरी को लेकर केरल गई थी। ताज ने कहा था कि वहां नौकरी के लिए लड़कियों की जरूरत है और इसके लिए उसे अच्छा कमीशन मिलेगा।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार दरकशा और कैफ से प्रारंभिक पूछताछ में जो बातें सामने आईं हैं, उसमें फरार चल रहा ताज ही मुख्य आरोपी माना जा रहा है, जिससे दरकशा फोन पर भी लगातार संपर्क में थी। मोबाइल की कॉल डिटेल से भी इसका खुलासा हुआ है।
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पुलिस की जांच में पीड़िता ने जो बयान दिया है, उसके बाद से पुलिस की नजर आरोपी ताज पर टिकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जेल भेजे जाने से पहले पूछताछ में आरोपी दरकशा ने बताया है कि ताज फूलपुर के जोगिया शेखपुर का रहने वाला है।
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वह उसकी बहन का देवर है और कई वर्षों से केरल में रहकर नौकरी करता है। ताज के कहने पर ही वह किशोरी को लेकर केरल गई थी। ताज ने कहा था कि वहां नौकरी के लिए लड़कियों की जरूरत है और इसके लिए उसे अच्छा कमीशन मिलेगा।
दीनी तालीम के बाद हिजाब पहनना सिखाया, और फिर जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाया
पीड़िता के अनुसार, ट्रेन से केरल पहुंचने पर रेलवे स्टेशन से दरकशा ने किसी को फोन किया था। फिर वहां एक कार आई और उसे त्रिशूर के एक हॉस्टल में ले जाया गया। वहां खाना खिलाने के बाद उन्हें आराम करने भेज दिया गया। फिर अगले दिन से उसे दीनी तालीम दी जाने लगी।
पीड़िता के अनुसार, ट्रेन से केरल पहुंचने पर रेलवे स्टेशन से दरकशा ने किसी को फोन किया था। फिर वहां एक कार आई और उसे त्रिशूर के एक हॉस्टल में ले जाया गया। वहां खाना खिलाने के बाद उन्हें आराम करने भेज दिया गया। फिर अगले दिन से उसे दीनी तालीम दी जाने लगी।
हिजाब पहनना सिखाया गया और कुछ दिनों बाद धर्म परिवर्तन करा दिया गया। फिर जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाया जाने लगा। इससे वह घबरा गई और मौका पाकर वहां से भाग निकली। वह रेलवे स्टेशन पहुंची थी, तभी उसके पीछे दरकशा भी पहुंच गई और उससे झगड़ने लगी। इस दौरान टीटीई ने उन्हें पकड़कर पुलिसवालों को सौंप दिया।
दरकशा देती रही लोकेशन, दिल्ली तक पहुंचने में 13 बार की बात
पुलिस को पूछताछ में पीड़ित किशोरी ने बताया है कि प्रयागराज से दिल्ली पहुंचने तक दरकशा बार-बार ताज से फोन पर बात करती रही। उसे बताती रही कि अब वह कहां पहुंची है।
पुलिस को पूछताछ में पीड़ित किशोरी ने बताया है कि प्रयागराज से दिल्ली पहुंचने तक दरकशा बार-बार ताज से फोन पर बात करती रही। उसे बताती रही कि अब वह कहां पहुंची है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दरकशा के मोबाइल की जांच पड़ताल से पता चला है कि प्रयागराज से दिल्ली तक पहुंचने में आठ मई से नौ मई के बीच दोनों की 13 बार फोन पर बात हुई।
फरार चल रहे ताज की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। उसके कुछ ठिकानों का पता चला है और पुलिस टीमें वहां के लिए रवाना की गईं हैं। उसकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही अन्य बातें सामने आएंगी।-कुलदीप सिंह गुनावत, डीसीपी गंगानगर
एटीएस पहुंची फूलपुर थाने, आरोपियों से तीन घंटे पूछताछ
किशोरी को केरल ले जाकर जबरन धर्मांतरण कराने और फिर जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने भी जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों दरकशा बानो और कैफ से एटीएस अफसरों ने मंगलवार को फूलपुर थाने में तीन घंटे तक गहन पूछताछ की। एटीएस अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी नेटवर्क कनेक्शन के बाबत जानकारी जुटाने में लगी है।
किशोरी को केरल ले जाकर जबरन धर्मांतरण कराने और फिर जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने भी जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों दरकशा बानो और कैफ से एटीएस अफसरों ने मंगलवार को फूलपुर थाने में तीन घंटे तक गहन पूछताछ की। एटीएस अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी नेटवर्क कनेक्शन के बाबत जानकारी जुटाने में लगी है।
पूछा, कैसे संपर्क में आई
पूछताछ के दौरान एटीएस अधिकारियों ने दरकशा से कई अहम सवाल किए, जिनमें यह जानने की कोशिश की गई कि केरल में वह किसके संपर्क में रही। साथ ही यह भी पूछा कि वहां किन-किन संदिग्ध व्यक्तियों से उसकी मुलाकात हुई।
पूछताछ के दौरान एटीएस अधिकारियों ने दरकशा से कई अहम सवाल किए, जिनमें यह जानने की कोशिश की गई कि केरल में वह किसके संपर्क में रही। साथ ही यह भी पूछा कि वहां किन-किन संदिग्ध व्यक्तियों से उसकी मुलाकात हुई।
यह सवाल भी पूछा कि उन लोगों से संपर्क किसके माध्यम से हुआ। किशोरी को जिहादी विचारधारा से जोड़ने की योजना किसने बनाई, एटीएफ अफसरों ने इस बाबत भी जानकारी हासिल की। कैफ से भी उसकी भूमिका, संपर्कों को लेकर सवाल किए गए।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन तो नहीं
एटीएस को आशंका है कि मामला किसी अंतरराष्ट्रीय रेडिकल इस्लामिक नेटवर्क से जुड़ा तो नहीं। यह ऐसा नेटवर्क हो सकता है जो विशेष रूप से नाबालिग, गरीब और असहाय लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के जरिए कट्टरपंथी गतिविधियों में धकेलने की साजिश रचता है।
एटीएस को आशंका है कि मामला किसी अंतरराष्ट्रीय रेडिकल इस्लामिक नेटवर्क से जुड़ा तो नहीं। यह ऐसा नेटवर्क हो सकता है जो विशेष रूप से नाबालिग, गरीब और असहाय लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के जरिए कट्टरपंथी गतिविधियों में धकेलने की साजिश रचता है।
साथ ही यह भी आशंका है कि इसकी फंडिंग किसी दूसरे देश से हो रही हो। फिलहाल, इस मामले में एटीएस अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, एक स्थानीय अफसर ने बताया कि जानकारी जुटाई जा रही है।
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