यूपी बोर्ड : हाईस्कूल प्रमाणपत्र में जन्मतिथि संशोधन के लिए अब मान्य अभिलेख जरूरी
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल प्रमाणपत्र और अंक पत्र में जन्मतिथि संशोधन के मामलों पर विद्यालयों और प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश दिए हैं।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल प्रमाणपत्र और अंक पत्र में जन्मतिथि संशोधन के मामलों पर विद्यालयों और प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश दिए हैं। परिषद ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की जन्मतिथि का अंकन विद्यालय में प्रथम प्रवेश के समय निर्धारित आयु प्रमाण के आधार पर ही किया जाए। जन्मतिथि संशोधन के लिए बाद में प्रस्तुत की जाने वाली सत्यापित टीसी पर भी अब विशेष सावधानी बरती जाएगी।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय कार्यालयों से जन्मतिथि संशोधन के मामले लगातार मिल रहे हैं। इनमें कई मामलों में प्राथमिक या उच्च प्राथमिक कक्षाओं की सत्यापित टीसी को जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। जांच में ऐसे भी प्रकरण सामने आए हैं, जहां बच्चे की प्रवेश के समय आयु निर्धारित आयु से कम थी। परिषद ने यह भी पाया कि कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापक मूल अभिलेख का उल्लेख नहीं करते। इससे बाद में प्रस्तुत दस्तावेज की प्रामाणिकता पर संदेह उत्पन्न होता है।
ये हैं मान्य अभिलेख
आरटीई अधिनियम के तहत कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु छह वर्ष निर्धारित है। प्रवेश के दौरान बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र न होने पर अस्पताल, सहायक नर्स एवं मिडवाइफ के पंजीकृत अभिलेख, आंगनबाड़ी का अभिलेख या ग्राम पंचायत का जन्म संबंधी आयु प्रमाणपत्र स्वीकार किया जा सकता है।माता-पिता की ओर से शपथपत्र के माध्यम से बच्चे की आयु की घोषणा भी मान्य है। परिषद ने निर्देश दिया है कि विद्यालय में प्रथम प्रवेश के समय इन्हीं मान्य अभिलेखों में से किसी एक के आधार पर जन्मतिथि अंकित की जाए।