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यूपी बोर्ड: नागरिक शास्त्र के कोर्स से हटाया गया कांग्रेस का इतिहास, खड़ा हुआ विवाद

Wed, 22 Jul 2020 11:25 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 22 Jul 2020 11:25 AM IST
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UP board history of Congress removed from the course of civics
सांकेतिक चित्र - फोटो : सोशल मीडिया
यूपी बोर्ड की ओर से कोरोना संक्रमण के नाम पर नौवीं से बारहवीं तक के कोर्स में की गई 30 प्रतिशत कटौती में कांग्रेस का इतिहास ही गुम कर दिया गया है। पाठ्यक्रम से हटाए गए अंश के तहत बारहवीं नागरिक शास्त्र के कोर्स से स्वतंत्र भारत में राजनीति खंड ‘ख’ में  अध्याय पांच से एक दल के प्रभुत्व का दौर: प्रथम तीन आम चुनाव, राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के प्रभुत्व की प्रकृति, कांग्रेस की गठबंधीय प्रकृति शामिल है। 
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इसी क्रम में खंड ‘ख’ से ही छठें अध्याय से कांग्रेस कार्यप्रणाली की चुनौतियां से लेकर नेहरू के बाद की राजनीतिक परिपाटी, गैर कांग्रेसवाद, 1967 का चुनाव, कांग्रेस का विभाजन एवं पुनर्गठन, कांग्रेस की 1971 के चुनावों में जीत से जुड़ा पूरा अध्याय भी हटाया गया है। इसके अतिरिक्त कोर्स से भौतिक स्रोतों के आधार पर विभाजन में 1940 का इतिहास एवं राष्ट्रीयता, संप्रदायवाद एवं विभाजन को भी हटाया गया।
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फिलहाल पाठ्यक्रम से हटाए गए अंशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बारहवीं नागरिक शास्त्र के कोर्स से कांग्रेस से जुड़े दो महत्वपूर्ण अध्यायों को हटाने का कांग्रेस ने विरोध करने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि केंद्र एवं प्रदेश की सरकार शैक्षिक पाठ्यक्रम से कांग्रेस एवं आजादी के इतिहास से लेकर देश के निर्माण में कांग्रेस के योगदान को खत्म करना चाहती है। 
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लेकिन, इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी कोर्स से हटाए गए महत्वपूर्ण हिस्से को दोबारा जोड़े जाने तक अपना आंदोलन जारी करेगी। वहीं इस बारे में ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ला ने कहा है कि संशोधित पाठ्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की शिकायत होगी तो इस पर विचार किया जाएगा।

अगर कांग्रेस का इतिहास हटा दिया जाएगा तो विद्यार्थी स्वतंत्रता संग्राम एवं इसके विविध चरणों से वंचित रह जाएंगे। ऐसे में उनमें राष्ट्रवाद और राष्ट्रप्रेम की मूल भावना नहीं पनपेगी। संवैधानिक विकास के भावात्मक पक्षों से अपरिचित रहने पर संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारोंऔर नीति निर्देशक तत्वों को समझना भी उनके लिए मुश्किल होगा।
-प्रो.हेरंब चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय

सरकार को कोर्स कम करना ही था, ऐसे में अगर कांग्रेस से जुड़े कुछ तथ्य कोर्स से हटा दिए गए हैं तो किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए। अगर कोई इस मामले को तूल दे रहा है तो वह गलत है। हमारे कोर्स में स्वतंत्रता आंदोलन है और यह हमारे कोर्स में शामिल है, जो भावी पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। 
डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, भाजपा सांसद 

आजादी की लड़ाई में अपनी भूमिका नहीं होने की खीझ मिटाने की कोशिश

कोर्स से कांग्रेस का इतिहास हटाए जाने को लेकर कांग्रेसियों ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य अनुग्रह नारायण सिंह का कहना है कि पाठ्यक्रम से कांग्रेस को हटाना, आजादी के आंदोलन में अपनी भूमिका नहीं होने की खीझ मिटाना है। 

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय का कहना है कि यह आरएसएस के एजेंडे को लागू करने का पहला कदम है, इसका विरोध होगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव मुकुंद तिवारी ने कहा कि जिसका कोई इतिहास नहीं होता, वह दूसरे के इतिहास को खत्म करने की कोशिश करता है। इलाहाबाद-झांसी शिक्षक निर्वाचन के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार शिक्षक नेता अजय कुमार सिंह ने कहा, सरकार हर कदम पर शिक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है, इसका विरोध होगा। पहले बोर्ड सचिव को ज्ञापन देकर इसे दोबारा कोर्स में शामिल करने की मांग होगी। ऐसा न होने पर आंदोलन होगा।
 
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