फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UP Board: Formula is fine, but proper assessment of talent is difficult

यूपी बोर्ड : फार्मूला तो ठीक, पर प्रतिभा का सही मूल्यांकन मुश्किल

Mon, 21 Jun 2021 07:54 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 21 Jun 2021 07:54 AM IST
सार

  • यूपी बोर्ड की ओर प्रमोशन के निर्धारित फार्मूले पर बोले प्रधानाचार्य और विद्यार्थी
  • नहीं कर सकेंगे अपनी मेहनत का प्रदर्शन, अब उचित परिणाम आने की उम्मीद

विज्ञापन
UP Board: Formula is fine, but proper assessment of talent is difficult
यूपी बोर्ड : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

यूपी बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं को प्रमोट करने के लिए जो फार्मूला तय किया है, उससे स्कूलों के प्रधानाचार्य और छात्र-छात्राएं संतुष्ट हैं, लेकिन विद्यार्थियों को लगता है कि परीक्षा देने का मौका मिलता तो वे और बेहतर कर सकते थे। प्रधानाचार्यों के अनुसार निर्धारित फार्मूले में प्री बोर्ड के अंकों का जो प्रतिशत तय किया गया है, उससे प्री बोर्ड में दिए गए मनमाने अंकों का अनावश्यक लाभ नहीं मिलेगा और विद्यार्थी को उसकी वास्तविक मेहनत के आधार पर ही अंक मिलेंगे। हालांकि सभी विद्यार्थियों के लिए एक समान फार्मूला लागू होने से उनकी प्रतिभा का सही मूल्यांकन नहीं हो सकेगा।

विज्ञापन


राजा कमलाकर सिंह इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनय प्रताप सिंह से कोविड काल में यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों को प्रमोट किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को प्रमोट करने के लिए जो फार्मूला निर्धारित किया गया है, वह बिल्कुल सटीक है। अगर किसी स्कूल ने अपने विद्यार्थियों को प्री बोर्ड में अनावश्यक रूप से बहुत अधिक अंक दिए भी हैं तो उससे बहुत लाभ नहीं होगा।

विज्ञापन

 

UP Board: Formula is fine, but proper assessment of talent is difficult
उत्तर प्रदेश बोर्ड : यूपी बोर्ड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विद्यार्थी को उसी वास्तविक मेहनत का ही परिणाम मिलेगा। नारायणी आश्रम इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य विभा मिश्रा मानती हैं कि आज के हालात को दउेखते हुए बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय स्पष्ट रूप से विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य के हित में लिया गया है। विद्यार्थियों को आंतरिक व प्री बोर्ड परीक्षा में अंकों के आधार पर उत्तीर्ण करने से उनकी प्रतिभा का सही मूल्यांकन नहीं हो सकेगा, लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

शिव चरण दास कन्हैया लाल इंटर कॉलेज में 10वीं के छात्र विपिन कुमार यूपी बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय और फार्मूले से संतुष्ट हैं। वहीं, नारायणी आश्रम बालिका इंटर कॉलेज में 10वीं की छात्र रिया मौर्य का कहना है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से परीक्षा निरस्त करने का निर्णय बिल्कुल सही है, लेकिन इसका असर हमारे भविष्य से जुड़ी पहली मार्कशीट पर पड़ेगा। विद्यालय द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर हमारा अंकपत्र तो बन जाएगा, लेकिन परीक्षा के लिए हमने जो मेहनत की थी, उसे प्रदर्शित करने के लिए पहला मौक हमें नहीं मिलेगा।

शिव चरण दास कन्हैया लाल इंटर कॉलेज में बारहवीं के छात्र प्रतीक प्रजापति का कहना है कि बोर्ड की ओर से तैयार किया गया फार्मूला प्रशंसनीय है। इस फार्मूले से किसी छात्र का अहित नहीं हो सकता। नारायणी आश्रम बालिका इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा श्रुति यादव का कहना है कि कोरोना काल में परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले का हम स्वागत करते हैं, लेकिन यही अवसर होता है जब हम अपने साल भर की मेहनत का प्रदर्शन करते हैं। उम्मीद करते हैं कि बोर्ड के निर्धारित फार्मूले से हमें उचित परिणाम मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed