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यूपी बोर्ड 2019: बोर्ड की सख्ती से नकल मंडी से भागे बाहरी परीक्षार्थी
Wed, 06 Feb 2019 02:10 PM IST
vivek shukla
डॉ. अखिलेश मिश्र, प्रयागराज
डॉ. अखिलेश मिश्र, प्रयागराज
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 06 Feb 2019 02:10 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए बोर्ड और सरकार की सख्ती के बाद अबकी नकलचियों के हौसले पस्त दिखते हैं। नकलमंडी के रूप में चर्चित गाजीपुर, कौशांबी एवं प्रयागराज के मेजा, मांडा, नैनी, राजरूपपुर में अबकी बार बाहरी परीक्षार्थियों ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया। बोर्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि 2017 की परीक्षा में दूसरे राज्यों से 1.50 लाख, 2018 की परीक्षा में 1.12 लाख और अबकी 2019 की परीक्षा में मात्र 6300 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है।
बोर्ड की सख्ती के चलते अबकी बार बाहरी परीक्षार्थियों की संख्या में एक लाख से अधिक की कमी आई है। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश सहित कई दूसरे प्रदेशों के छात्रों के लिए यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के लिए मुफीद माना जाता था। परीक्षार्थी गाजीपुर, कौशांबी, प्रयागराज आदि के ग्रामीण क्षेत्र के कई विद्यालयों से नियमित छात्र के रूप में आवेदन करके परीक्षा पास कर लेते थे।
दो वर्ष पूर्व प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद नकलचियों की पर अंकुश लग गया। नकल पर रोक लगने और बोर्ड परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन में आधार कार्ड अनिवार्य करने के बाद बाहरी परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड से किनारा कर लिया।
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2017 की अपेक्षा 2018 में लगभग 13 हजार परीक्षार्थी कम हुए जबकि 2019 की परीक्षा में यह संख्या सीधे एक लाख छह हजार कम हो गई। बोर्ड के अपर सचिव शिवलाल ने बताया कि नकल पर रोक के चलते अबकी बार बाहरी परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड से किनारा कर लिया।
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बोर्ड की सख्ती के चलते अबकी बार बाहरी परीक्षार्थियों की संख्या में एक लाख से अधिक की कमी आई है। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश सहित कई दूसरे प्रदेशों के छात्रों के लिए यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के लिए मुफीद माना जाता था। परीक्षार्थी गाजीपुर, कौशांबी, प्रयागराज आदि के ग्रामीण क्षेत्र के कई विद्यालयों से नियमित छात्र के रूप में आवेदन करके परीक्षा पास कर लेते थे।
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दो वर्ष पूर्व प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद नकलचियों की पर अंकुश लग गया। नकल पर रोक लगने और बोर्ड परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन में आधार कार्ड अनिवार्य करने के बाद बाहरी परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड से किनारा कर लिया।
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2017 की अपेक्षा 2018 में लगभग 13 हजार परीक्षार्थी कम हुए जबकि 2019 की परीक्षा में यह संख्या सीधे एक लाख छह हजार कम हो गई। बोर्ड के अपर सचिव शिवलाल ने बताया कि नकल पर रोक के चलते अबकी बार बाहरी परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड से किनारा कर लिया।