यूपी विधानसभा चुनाव 2022 : जनपद की सीमाओं पर नाकेबंदी, 83 स्थानों पर चेकिंग, उतारे गए बैनर, होर्डिंग्स
चुनावों की तारीख के एलान के साथ ही पुलिस की ओर से भी कार्रवाई शुरू करा दी गई। एमपी सीमा पर स्थित चाकघाट समेत जनपद की सभी सीमाओं पर भी नाकेबंदी करा दी गई। इन स्थानों पर नाकेबंदी के साथ ही पुलिस टीमों को भी सक्रिय करते हुए चेकिंग शुरू करा दी गई।
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आदर्श आचार संहिता लगने के साथ ही पुलिस भी चुनावी मोड में आ गई। इसके तहत जनपद की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई। साथ ही कुल 83 जगहों पर चेकपोस्ट बनाकर चेकिंग शुरू करा दी गई। इन स्थानों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई गई है, जिसमें 24 घंटे सघन चेकिंग कराई जाएगी। इसके जरिए अवैध शराब, शस्त्र, नगदी केलेनदेन के साथ ही आपराधिक तत्वों पर नजर रखी जाएगी।
चुनावों की तारीख के एलान के साथ ही पुलिस की ओर से भी कार्रवाई शुरू करा दी गई। एमपी सीमा पर स्थित चाकघाट समेत जनपद की सभी सीमाओं पर भी नाकेबंदी करा दी गई। इन स्थानों पर नाकेबंदी के साथ ही पुलिस टीमों को भी सक्रिय करते हुए चेकिंग शुरू करा दी गई। पुलिस अफसरों ने बताया कि पूरे जनपद की बात की जाए तो कुल 83 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं। प्रत्येक चेकपोस्ट पर चार-चार पुलिसकर्मियों को शिफ्टवार तैनात किया जाएगा। जो अनवरत चेकिंग करेंगे।
इनमें अंतरराज्यीय सीमा पर 13 स्थानों पर , अंतरजनपदीय सीमा पर 14 स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा जनपद के भीतर कुल 36 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाकर पुलिसकर्मियों को मुस्तैद कर दिया गया है। बैरियर लगाकर इन प्वाइंट्स पर चेकिंग कराई जाएगी। यहां तैनात पुलिस टीमें अवैध शराब, अवैध शस्त्र के साथ ही अवैध तरीकेसे नगदी के लेनदेन पर नजर रखेंगी। इसके अलावा आपराधिक तत्वों की भी निगरानी की जाएगी।
दौड़ने लगीं स्टैटिक और फलाइंग सर्विलांस टीमें
चेकपोस्ट पर चेकिंग के साथ ही आचार संहिता की घोषणा के साथ ही पूरे जनपद में पुलिस की स्टैटिक और फ्लाइंग सर्विलांस टीमों ने भी दौड़ना शुरू कर दिया। अफसरों ने बताया कि पूरे जनपद में कुल 72 टीमें तैनात की गई हैं। जनपद की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन फ्लाइंग और तीन स्टैटिक सर्विलांस टीमें तैनात की गई हैं।
इस तरह से कुल 36 फ्लाइंग और इतनी ही स्टैटिक सर्विलांस टीमें पूरे जनपद में काम करेंगी। यह सभी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में तीन शिफ्टों में मुस्तैद रहेंगी। स्टैटिक सर्विलांस टीमें अलग-अलग क्षेत्रों का लगातार भ्रमण करेंगी। जबकि फ्लाइंस सर्विलांस टीमें अवैध शस्त्र, शराब या नगदी के लेनदेन के मामले पकड़े जाने पर तुरंत मौकेपर पहुंचकर कार्रवाई करेंगी।
जोन के आठ जनपदों में सीआरपीएफ 10 से संभालेगी मोर्चा
आगामी विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी जल्द ही कर दी जाएगी। इनमें सीआरपीएफ के साथ ही आईटीबीपी व अन्य टीमें शामिल होंगी। प्रयागराज जोन के सभी आठ जनपदों में 10 जनवरी से सीआरपीएफ की टीमें मोर्चा संभाल लेंगी। प्रयागराज में चार जबकि संवेदनशीलता के आधार पर प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, बांदा व महोबा में सीआरपीएफ की कपंनियां तैनात की जाएंगी। एडीजी जोन प्रेमप्रकाश ने बताया कि चुनाव केसंबंध में निरोधात्मक समेत अन्य कार्रवाई के लिए सभी जनपदों के पुलिस प्रमुखों को निर्देशित कर दिया गया है। इसकी मॉनिटरिंग वह स्वयं कर रहे हैं।
एडीजी जोन ने बताया कि चुनाव के संबंध में कार्रवाई की समीक्षा पहले ही कर ली गई है। सीआरपीएफ की टीमों की तैनाती के साथ ही एरिया डॉमिनेशन की कार्रवाई शुरू की जाएगी। सीआरपीएफ व पुलिस की टीमों के साथ ही संवेदनशील इलाकों में चेकिंग कराई जाएगी। सीआरपीएफ की अलग-अलग टुकड़ियां रोजाना संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर भ्रमणशील रहेंगी। आपराधिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए उन्हें पाबंद किया जाना है। इस मामले में शासन स्तर से हुई समीक्षा में जोन के जनपदों की कार्रवाई पिछड़ी हुई है। इस संबंध में सभी जनपदों को निर्देेशित किया जा चुका है। दोनों रेंज के आईजी नियमित रूप से इस कार्रवाई की समीक्षा करेंगे और रिपोर्ट भेजकर उन्हें भी अवगत कराएंगे।
थानेदार से लेकर उच्चाधिकारियों तक, सबकी जिम्मेदारी तय
चुनाव संबंधी तैयारियों में किसी तरह की ढील न हो, इसकेलिए संबंधित कार्रवाई की नियमित तौर पर समीक्षा रेंज व जोन स्तर पर की जाएगी। मातहतों की कार्रवाई के सततपर्यवेक्षण का जिम्मा अफसरों की होगी और इसके लिए थानेदार से लेकर एसपी तक की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
सीमा पर निगरानी के लिए एमपी पुलिस संग बैठक
चुनाव के दौरान बाहरी राज्यों से अवैध शस्त्र, धन और शराब की आवाजाही की भी आशंका है। इस पर प्रभावी रोक के लिए एमपी पुलिस के साथ एक बैठक का भी आयोजन किया गया है। ऑनलाइन मोड में हुई इस बैठक में एडीजी जोन के साथ ही आईजी और मप्र पुलिस के उच्चाधिकारी शामिल हुए। जिसमें तय किया गया कि सीमा पर दोनों राज्यों की पुलिस की ओर से चेकपोस्ट बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि अवैध धन, शस्त्र या शराब की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो।