up assembly election 2022 : विधानसभा चुनाव में बेटे को टिकट न मिलने पर क्या बोलीं सांसद रीता जोशी...
रीता ने कहा कि उनके पुत्र को भले ही पार्टी ने टिकट न दिया हो लेकिन वह इसके लिए नाराज नहीं हैं। रीता ने कहा, मेरा स्टैंड क्लीयर है। मैं भाजपा में हूं और भाजपा में ही रहूंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें इस बात का दुख नहीं है कि पार्टी ने उनके पुत्र मयंक जोशी को टिकट नहीं दिया। कहा कि इस मामले में कुछ लोग उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर तमाम तरह की भ्रामक सूचनाओं का प्रचार कर रहे हैं।
रीता ने कहा कि उनके पुत्र को भले ही पार्टी ने टिकट न दिया हो लेकिन वह इसके लिए नाराज नहीं हैं। रीता ने कहा, मेरा स्टैंड क्लीयर है। मैं भाजपा में हूं और भाजपा में ही रहूंगी।
पहले लखनऊ और फिर दिल्ली में कई दिन का प्रवास करने के बाद शुक्रवार को ही सांसद रीता प्रयागराज लौटीं। प्रयागराज आने के बाद दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण करने को निकलीं। वह अभिषेक शुक्ला, विजय पुर्सवानी, मनु कक्कड़ के साथ भाजपा उपाध्यक्ष बृजेश मिश्र के मीरापुर स्थित आवास पर पहुंचीं।
सांसद के रूप में है आखिरी कार्यकाल
बाद में सुभाष पांडेय के घर भी गईं। सांसद रीता ने बताया कि वह अब पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगी। इस संबंध में शनिवार को उनके आवास पर उनके संसदीय क्षेत्र की पांच विधानसभा के सभी विस्तारकों और प्रभारियों की बैठक होगी।
इस बीच रीता के पुत्र मयंक जोशी के सपा में शामिल होने की खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने पर सांसद ने कहा कि किसी ने शरारतन ऐसा किया है। ऐसा कुछ भी नहीं है। रीता ने कहा कि वह प्रयागराज की सांसद हैं। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह उनका आखिरी कार्यकाल है। सांसद के रूप में कार्यकाल वर्ष 2024 तक है।
पुत्र मयंक के लिए रीता ने की थी सांसद पद छोड़ने की पेशकश
पुत्र मयंक जोशी के लिए सांसद डा. रीता ने पिछले दिनों सांसदी छोड़ने की पेशकश की थी। इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखने के साथ प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। हालांकि बाद में उनके पुत्र के लिए टिकट की मनाही हो गई।