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यूपी विधानसभा चुनाव 2022 : प्रयागराज में इस बार अपना दल को भाजपा दे सकती है कुछ नई सीटें, इन सीटों के जाने की चर्चा
Thu, 16 Dec 2021 04:32 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 16 Dec 2021 04:32 AM IST
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भाजपा
- फोटो : social media
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विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। अन्य दलों के मुकाबले सत्ता धारी दल भाजपा की सक्रियता इन दिनों कुछ ज्यादा ही है। पिछले चुनाव में जिले की 12 में से नौ सीट जीतने वाली भाजपा और उसके सहयोगी अपना दल इस चुनाव में भी साथ-साथ हैं। पिछले चुनाव में गंगापार की दो विधानसभा चुनाव लड़ चुकी अपना दल को इस बार भाजपा कुछ नई सीट दे सकती है। इसमें एक सीट यमुनापार की करछना एवं एक सीट गंगापार की प्रतापपुर बताई जा रही है। हालांकि पार्टी के नेता इस बारे में आधिकारिक रूप से बोलने को तैयार नहीं है।
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पिछले चुनाव में भाजपा ने दस में से आठ तो अपना दल ने हंडिया और सोरांव सीट से चुनाव लड़कर सोरांव सीट पर जीत हासिल की थी। इस बार भी जिले की 12 में से दो सीटें अपना दल को भाजपा देगी। हालांकि अपना दल की ओर से यहां तीन सीटें मांगे जाने की चर्चा है। भाजपा के अंदरखाने में चर्चा है कि अपना दल को इस बार यमुनापार की करछना और गंगापार की प्रतापपुर सीट दी जा सकती है।
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फाफामऊ पर भी है नजर
हालांकि अपना दल की फाफामऊ विधानसभा पर भी नजर है। लेकिन यहां से पिछला चुनाव जीत चुकी भाजपा शायद ही यह सीट छोड़े। करछना सीट को लेकर कहा जा रहा है कि यहां भाजपा का आज तक खाता नहीं खुला है। इस वजह से पार्टी यमुनापार की यह सीट अपना दल को दे सकती है। वहीं चर्चा इस बात की है कि सीट भले ही अपना दल को दी जाए लेकिन उसके सिंबल पर भाजपा का ही प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा।
उधर खबर यह भी है कि सोरांव सीट से इस बार अपना दल की जगह भाजपा अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेगी, इसके स्थान पर अपना दल को प्रतापपुर सीट दी जा सकती है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र देव पांडेय बताते हैं कि चुनाव के पूर्व इस तरह के कयास हर बार लगाए जाते हैं। वैसे भी सीट बंटवारा शीर्ष नेतृत्व का काम है। स्थानीय स्तर पर इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
हालांकि अपना दल की फाफामऊ विधानसभा पर भी नजर है। लेकिन यहां से पिछला चुनाव जीत चुकी भाजपा शायद ही यह सीट छोड़े। करछना सीट को लेकर कहा जा रहा है कि यहां भाजपा का आज तक खाता नहीं खुला है। इस वजह से पार्टी यमुनापार की यह सीट अपना दल को दे सकती है। वहीं चर्चा इस बात की है कि सीट भले ही अपना दल को दी जाए लेकिन उसके सिंबल पर भाजपा का ही प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा।
उधर खबर यह भी है कि सोरांव सीट से इस बार अपना दल की जगह भाजपा अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेगी, इसके स्थान पर अपना दल को प्रतापपुर सीट दी जा सकती है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र देव पांडेय बताते हैं कि चुनाव के पूर्व इस तरह के कयास हर बार लगाए जाते हैं। वैसे भी सीट बंटवारा शीर्ष नेतृत्व का काम है। स्थानीय स्तर पर इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।