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up assembly election 2022 : प्रयागराज में अपना दल एस का चार सीटों पर दावा, भाजपा की उलझन बढ़ी
Fri, 21 Jan 2022 03:33 PM IST
विनोद सिंह
अनूप ओझा, प्रयागराज
अनूप ओझा, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 21 Jan 2022 03:33 PM IST
सार
इस बार भाजपा के खाते की बारा सीट पर भी अनुप्रिया ने रखा हाथ, दलित समाज के नेता डॉ. अजय को लेकर भाजपा की बढ़ी मुश्किल, 2017 के विस चुनाव में अद एस को भाजपा ने दी थीं तीन सीटें, सोरांव से खुला था खाता।
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अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
पिछले विस चुनाव में प्रयागराज में भाजपा को शून्य से शिखर तक पहुंचाने वाले सहयोगी दल अपना दल (एस) ने इस बार चार सीटों पर अपनी दावेदारी ठोंक दी है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल एस ने बारा सीट पर कुर्मियों का जनाधार अधिक होने का दावा करते हुए इस सीट को भी अपने खाते में लेने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया है।
अद एस की बारा सीट पर दावेदारी से भाजपा का सिरदर्द बढ़ गया है। इसलिए कि इस सीट से मौजूदा विधायक अजय कुमार भारती 2017 में भाजपा के ही टिकट पर चुनाव जीते थे। वे चूंकि दलित समाज से आते हैं, ऐसे में पार्टी उनका टिकट काटने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में नई दावेदारी को लेकर भाजपा-अपना दल एस गठबंधन के नेताओं में खींचतान मच गई है।
2017 के विधान सभा चुनाव में जिले की 12 में से नौ सीटें जीतने वाले अपना दल एस-भाजपा गठबंधन को इस बार विजय रथ और आगे बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में सूबे में यादवों के बाद पिछड़ा वर्ग के दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली केंद्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल एस ने इस बार चार सीटों पर अपना दावा किया है।
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पिछले चुनाव में अपना दल एस के खाते में हंडिया, प्रतापपुर और सोरांव को मिलाकर तीन सीटें गईं थीं। इस बार कुर्मी बाहुल्य बारा सीट को लेकर अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भाजपा हाईकमान से बातचीत कर रही है। अद एस ने अपने सर्वे में इस सीट को कुर्मी बाहुल्य बताते हुए कहा है कि अगर बारा सीट उसके खाते में दी जाती है तो गठबंधन को यहां से भी फायदा मिलेगा।
पिछली बार जो तीन सीटें अद एस को मिली थीं, उनमें हंडिया विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी की पत्नी प्रमिला त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन वह 63 हजार वोट पाकर बसपा के हाकिम लाल से हार गई थीं। यहां अपना दल एस दूसरे नंबर पर था। इसी तरह प्रतापपुर विधान सभा सीट से अपना दल एस के करन सिंह बसपा के मोहम्मद मुजतबा सिद्दीकी से महज दो हटार मतों से पीछे रह गए थे। जबकि, सोरांव सीट पर अपना दल एस के जमुना प्रसाद ने बसपा की गीता देवी को हराकर इस सीट पर जीत दर्ज की थी।
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अद एस की बारा सीट पर दावेदारी से भाजपा का सिरदर्द बढ़ गया है। इसलिए कि इस सीट से मौजूदा विधायक अजय कुमार भारती 2017 में भाजपा के ही टिकट पर चुनाव जीते थे। वे चूंकि दलित समाज से आते हैं, ऐसे में पार्टी उनका टिकट काटने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में नई दावेदारी को लेकर भाजपा-अपना दल एस गठबंधन के नेताओं में खींचतान मच गई है।
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2017 के विधान सभा चुनाव में जिले की 12 में से नौ सीटें जीतने वाले अपना दल एस-भाजपा गठबंधन को इस बार विजय रथ और आगे बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में सूबे में यादवों के बाद पिछड़ा वर्ग के दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली केंद्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल एस ने इस बार चार सीटों पर अपना दावा किया है।
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पिछले चुनाव में अपना दल एस के खाते में हंडिया, प्रतापपुर और सोरांव को मिलाकर तीन सीटें गईं थीं। इस बार कुर्मी बाहुल्य बारा सीट को लेकर अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भाजपा हाईकमान से बातचीत कर रही है। अद एस ने अपने सर्वे में इस सीट को कुर्मी बाहुल्य बताते हुए कहा है कि अगर बारा सीट उसके खाते में दी जाती है तो गठबंधन को यहां से भी फायदा मिलेगा।
पिछली बार जो तीन सीटें अद एस को मिली थीं, उनमें हंडिया विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी की पत्नी प्रमिला त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन वह 63 हजार वोट पाकर बसपा के हाकिम लाल से हार गई थीं। यहां अपना दल एस दूसरे नंबर पर था। इसी तरह प्रतापपुर विधान सभा सीट से अपना दल एस के करन सिंह बसपा के मोहम्मद मुजतबा सिद्दीकी से महज दो हटार मतों से पीछे रह गए थे। जबकि, सोरांव सीट पर अपना दल एस के जमुना प्रसाद ने बसपा की गीता देवी को हराकर इस सीट पर जीत दर्ज की थी।
अद एस की नई दावेदारी से दलित नेता अजय कुमार के माथे पर बल
जिले की बारा सुरक्षित सीट है। इस सीट पर भाजपा के डॉ. अजय भारतीय मौजूदा समय विधायक हैं। लेकिन, अपना दल एस का दावा है कि इस सीट पर कुर्मियों की संख्या ज्यादा है। इसलिए बारा सीट अपना दल एस को दी जाए। ऐसा हुआ तो भाजपा-एद एस गठबंधन की ताकत बढ़ेगी। इससे दलित समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले अजय अपना टिकट बचाने के लिए पसीना बहाने लगे हैं।
अद एस ने इन सीटों पर की है दावेदारी: सोरांव, प्रतापपुर, हंडिया, बारा।
दो धड़ों में बंटी है सोनेलाल की सियासी विरासत
प्रयागराज। राजनीतिक भागीदारी के लिए पिछड़ों को एकजुट करने के लिए अपना दल की स्थापना करने वाले डॉ. सोनेलाल पटेल कुर्मी बिरादरी के सर्वमान्य नेता तो रहे, लेकिन कभी चुनाव नहीं जीत सके। अब सोनेलाल पटेल की सियासी विरासत दो धड़ों में बंट गई है। अपना दल के एक धड़े को उनकी पत्नी कृष्णा पटेल और बेटी पल्लवी पटेल संभाल रही हैं, जबकि, दूसरे धड़े अपना दल (एस) की कमान केंद्र में सत्ताधारी भाजपा की सहयोगी अनुप्रिया पटेल के हाथों में है।
जिले की बारा सुरक्षित सीट है। इस सीट पर भाजपा के डॉ. अजय भारतीय मौजूदा समय विधायक हैं। लेकिन, अपना दल एस का दावा है कि इस सीट पर कुर्मियों की संख्या ज्यादा है। इसलिए बारा सीट अपना दल एस को दी जाए। ऐसा हुआ तो भाजपा-एद एस गठबंधन की ताकत बढ़ेगी। इससे दलित समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले अजय अपना टिकट बचाने के लिए पसीना बहाने लगे हैं।
अद एस ने इन सीटों पर की है दावेदारी: सोरांव, प्रतापपुर, हंडिया, बारा।
दो धड़ों में बंटी है सोनेलाल की सियासी विरासत
प्रयागराज। राजनीतिक भागीदारी के लिए पिछड़ों को एकजुट करने के लिए अपना दल की स्थापना करने वाले डॉ. सोनेलाल पटेल कुर्मी बिरादरी के सर्वमान्य नेता तो रहे, लेकिन कभी चुनाव नहीं जीत सके। अब सोनेलाल पटेल की सियासी विरासत दो धड़ों में बंट गई है। अपना दल के एक धड़े को उनकी पत्नी कृष्णा पटेल और बेटी पल्लवी पटेल संभाल रही हैं, जबकि, दूसरे धड़े अपना दल (एस) की कमान केंद्र में सत्ताधारी भाजपा की सहयोगी अनुप्रिया पटेल के हाथों में है।