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Prayagraj : आजादी के नायकों की गौरव गाथा के शिलापट का अनावरण, न्यायमूर्ति ने कहा

Sun, 28 Jan 2024 07:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 28 Jan 2024 07:40 PM IST
सार

न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि आज खुसरो बाग में 1857 की क्रांति के नायकों की याद में बना यह शिलापट भारत भाग्य विधाता द्वारा क्रांति के नायकों की कहानी और उनकी जानकारी एकत्र करने का जो कार्य किया जा रहा है, यह पहले ही किया जाना चाहिए। इस कार्य में मेरा जो भी सहयोग होगा मैं करने के लिए तैयार हूं।

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Unveiling the headstone of the glory story of freedom heroes, Justice said
आजादी के महानायकों की वीरगाथा के शिलापट का अनारण किया गया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

खुसरो बाग में आजादी के महानायकों की गाथाओं के शिलापट का अनावरण इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों की गौरव गाथा का यह शिलापट हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन करेगा। आज खुसरो बाग में 1857 की क्रांति के नायकों की याद में बना यह शिलापट भारत भाग्य विधाता द्वारा क्रांति के नायकों की कहानी और उनकी जानकारी एकत्र करने का जो कार्य किया जा रहा है, यह पहले ही किया जाना चाहिए। इस कार्य में मेरा जो भी सहयोग होगा मैं करने के लिए तैयार हूं।

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पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने कहा कि विदेशी दमन तो करते ही थे, साथ ही लोगों में हीन भावना भी भरते थे, कि उनके नायक कमजोर हैं, उनका नेतृत्व कमजोर है। यह शिलालपट हमारे पूर्वजों की बहादुरी और नेतृत्व की क्षमता को दर्शाता है। आने वाली पीढ़ियों  को सही राह दिखाएगा। उन्होंने सुल्ताना डाकू और अंग्रेजों की कहानी बता कर स्पष्ट किया कि किस तरह से भारतीयों के अंदर अंग्रेज हीन भावना को भरते थे। भारत भाग्य विधाता के सदस्य  जीए आशुतोष संड ने कहा कि आज भी लोग क्रांतिकारियों की इस दस्तान को नहीं जानते, क्योंकि इतिहासकारों ने कभी लिखा ही नहीं। सही इतिहास लिखने पढ़ने की जरूरत है।

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प्रारंभ में भारत भाग्य विधाता के अध्यक्ष वीरेंद्र पाठक ने 1857 की क्रांति कैसे की गई, खुसरो बाग मुख्यालय क्यों बना के साथ 30 लाख रुपए अंग्रेजों से कैसे छीने गये, और फिर उसका क्या हुआ।  भारतीयों ने अपनी सरकार बनाई और चलाई के साथ कर्नल नील के दमन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खुसरो बाग आने वाले लोग जो हिंदी नहीं जानते वह भी अब अंग्रेजी भाषा के शिलापट के कारण क्रांतिकारियों के इस मुख्यालय को जान सकेंगे।

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भारत भाग्य विधाता द्वारा  इलाहाबाद की पहली आजादी की स्मृति में जिसमें 1857 में अंग्रेजों से भारतीयों ने इलाहाबाद को मुक्त करा कर अपने अधिकारी नियुक्त किया तथा सरकार चलाई। इसी की याद में क्रांतिकारियों के मुख्यालय खुसरो बाग में अंग्रेजी का शिलापत आज लगाया गया। अध्यक्षता पूर्व जज डीपीएन सिंह ने की। संचालन डॉ प्रमोद शुक्ला ने तथा धन्यवाद ज्ञापन उद्यान के प्रभारी बीके सिंह ने दिया। इस अवसर पर मॉर्निंग वाकर संगठन के राजकुमार जी शैलेंद्र अवस्थी सीएल सिंह शशिकांत मिश्रा दिनेश तिवारी सोनू पाठक पार्षद विक्रम मालवीय, जगत नारायण तिवारी अनिल पांडेय, देवराज पाठक, कुलदीप शुक्ला अशोक पाठक आनंद कक्कड़ बाबा मिश्रा नीरज अग्रवाल मो आमिर,  लईक आरव भारद्वाज, श्यामू प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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