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ख्वाब टूटने से दुखी युवती ने छोड़ी दुनिया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 24 May 2016 02:05 AM IST
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जुटे लाेग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शादी से पहले तमाम सपने दिखाने वाला पति युवती के ससुराल में पहुंचते ही पलट गया। वह उसे पाबंदी में रखने लगा और बात-बात पर फटकारता। पढ़ाई और नौकरी करने से भी मना करने लगा। अपने ख्वाब पूरे नहीं होते देख दुखी युवती ने सोमवार दोपहर हनुमानगंज के निकट रामनाथपुर रेलवे स्टेशन के आउटर पर ट्रेन से कटकर जान दे दी। उसने दो पन्ने के सुसाइड नोट में पति के बदले रवैये की बात लिखी है।
अनीता (22) जमुनीपुर कोटवा सरायइनायत निवासी अवधनारायण मिश्रा की इकलौती बेटी थी। उसका ब्याह पिछले साल 27 अप्रैल को थरवई के सिताऊपुर में राहुल दुबे से किया गया था, जो मैकेनिकल इंजीनियर है। उसकी पोस्टिंग मिर्जापुर में है। अनीता ने इस साल बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी। ससुराल में उसे परेशानी झेलनी पड़ रही थी। सास उर्मिला से अक्सर उसकी कहासुनी हो जाती। उसे प्रताड़ित किया जाता। पति राहुल भी बेरुखी से पेश आने लगा था। शनिवार को उसने पिता अवधनारायण को फोन किया और कहा कि उसे आकर मायके ले जाएं। पिता जाकर उसे मायके ले आए थे। सोमवार सुबह दस बजे अनीता मां को यह बताकर घर से निकली कि हनुमानगंज स्थित बैंक से स्कालरशिप के पैसे लेने जा रही है। वह जमुनीपुर से हनुमानगंज के बजाय जा पहुंची रामनाथपुर रेलवे स्टेशन। वहां स्टेशन मास्टर से ट्रेनों के बारे में पूछा। फिर 12.12 बजे मुंबई से वाराणसी जा रही पवन एक्सप्रेस आती दिखी तो आउटर पर जाकर ट्रेन के आगे कूद गई। आसपास मौजूद लोग भागकर वहां पहुंचे लेकिन ट्रेन गुजरने के बाद अनीता की क्षतविक्षत लाश दिखी। एक हैंडबैग पड़ा था, जिसमें दो पेज का सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और कुछ पैसे थे। सूचना पाकर वहां पहुंची रेलवे पुलिस ने अनीता के मोबाइल से फोनकर मायके और ससुराल में घटना की जानकारी दी। उसके पिता अवधनारायण समेत कई रिश्तेदार रोते-कलपते वहां आ गए। ससुराल से देवर अक्षय दुबे कुछ लोगों के साथ आया मगर थोड़ी ही देर बाद मायकेवालों का गुस्सा देख भाग गया।
पुलिस ने अनीता का सुसाइड नोट पढ़ा, जिससे साफ हो गया कि उसे सास और पति से बेहद परेशानी थी। शादी के साल भर ही गुजरे थे लेकिन उसे बेहद तंग किया गया। पिता अवधनारायण ने आरोप लगाया कि दहेज में दस लाख रुपये नगद के लिए भी बेहद प्रताड़ित किया गया। पिता की तहरीर पर जीआरपी चौकी रामबाग में पति राहुल दुबे, ससुर महेंद्र दुबे, सास और दो देवर के खिलाफ दहेज के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सुसाइड नोट में है अनीता की व्यथा
दो पन्ने के सुसाइड नोट में अनीता ने अपने दिल का दर्द बयां कर दिया है। इस नोट से पता चलता है कि वह मरना नहीं चाहती थी लेकिन पति राहुल और सास उर्मिला से वह इतना तंग आ गई कि जीना मुश्किल हो गया। पति के लिए अनीता ने लिखा है-मैं तुम्हारी खुशी के लिए जा रही हूं। खुश रहना अब अपनी जिंदगी में। अनीता ने राहुल के लिए यह भी लिखा है कि उसने भरोसा दिया था कि उसे जॉब करने देगा, मिर्जापुर में साथ रखेगा लेकिन उसने सारे सपने तोड़ दिए। यह भी लिखा कि वह तो पिछले साल जुलाई और फिर नवंबर में भी मरने की सोच बैठी थी लेकिन तब इसलिए ऐसा नहीं किया क्योंकि वह जीना चाहती थी। अब नहीं जी सकती। सास के लिए लिखा कि वह सीमेंट की तरह कठोर है, जिसमें दया नहीं है।
अनीता (22) जमुनीपुर कोटवा सरायइनायत निवासी अवधनारायण मिश्रा की इकलौती बेटी थी। उसका ब्याह पिछले साल 27 अप्रैल को थरवई के सिताऊपुर में राहुल दुबे से किया गया था, जो मैकेनिकल इंजीनियर है। उसकी पोस्टिंग मिर्जापुर में है। अनीता ने इस साल बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी। ससुराल में उसे परेशानी झेलनी पड़ रही थी। सास उर्मिला से अक्सर उसकी कहासुनी हो जाती। उसे प्रताड़ित किया जाता। पति राहुल भी बेरुखी से पेश आने लगा था। शनिवार को उसने पिता अवधनारायण को फोन किया और कहा कि उसे आकर मायके ले जाएं। पिता जाकर उसे मायके ले आए थे। सोमवार सुबह दस बजे अनीता मां को यह बताकर घर से निकली कि हनुमानगंज स्थित बैंक से स्कालरशिप के पैसे लेने जा रही है। वह जमुनीपुर से हनुमानगंज के बजाय जा पहुंची रामनाथपुर रेलवे स्टेशन। वहां स्टेशन मास्टर से ट्रेनों के बारे में पूछा। फिर 12.12 बजे मुंबई से वाराणसी जा रही पवन एक्सप्रेस आती दिखी तो आउटर पर जाकर ट्रेन के आगे कूद गई। आसपास मौजूद लोग भागकर वहां पहुंचे लेकिन ट्रेन गुजरने के बाद अनीता की क्षतविक्षत लाश दिखी। एक हैंडबैग पड़ा था, जिसमें दो पेज का सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और कुछ पैसे थे। सूचना पाकर वहां पहुंची रेलवे पुलिस ने अनीता के मोबाइल से फोनकर मायके और ससुराल में घटना की जानकारी दी। उसके पिता अवधनारायण समेत कई रिश्तेदार रोते-कलपते वहां आ गए। ससुराल से देवर अक्षय दुबे कुछ लोगों के साथ आया मगर थोड़ी ही देर बाद मायकेवालों का गुस्सा देख भाग गया।
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पुलिस ने अनीता का सुसाइड नोट पढ़ा, जिससे साफ हो गया कि उसे सास और पति से बेहद परेशानी थी। शादी के साल भर ही गुजरे थे लेकिन उसे बेहद तंग किया गया। पिता अवधनारायण ने आरोप लगाया कि दहेज में दस लाख रुपये नगद के लिए भी बेहद प्रताड़ित किया गया। पिता की तहरीर पर जीआरपी चौकी रामबाग में पति राहुल दुबे, ससुर महेंद्र दुबे, सास और दो देवर के खिलाफ दहेज के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सुसाइड नोट में है अनीता की व्यथा
दो पन्ने के सुसाइड नोट में अनीता ने अपने दिल का दर्द बयां कर दिया है। इस नोट से पता चलता है कि वह मरना नहीं चाहती थी लेकिन पति राहुल और सास उर्मिला से वह इतना तंग आ गई कि जीना मुश्किल हो गया। पति के लिए अनीता ने लिखा है-मैं तुम्हारी खुशी के लिए जा रही हूं। खुश रहना अब अपनी जिंदगी में। अनीता ने राहुल के लिए यह भी लिखा है कि उसने भरोसा दिया था कि उसे जॉब करने देगा, मिर्जापुर में साथ रखेगा लेकिन उसने सारे सपने तोड़ दिए। यह भी लिखा कि वह तो पिछले साल जुलाई और फिर नवंबर में भी मरने की सोच बैठी थी लेकिन तब इसलिए ऐसा नहीं किया क्योंकि वह जीना चाहती थी। अब नहीं जी सकती। सास के लिए लिखा कि वह सीमेंट की तरह कठोर है, जिसमें दया नहीं है।