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Prayagraj News: स्ट्रीट लाइट की रोशनी के नीचे काले कारनामे, लाखों का खेल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 06:26 AM IST
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Under the light of street light, dark deeds, a game worth millions
स्ट्रीट लाइट लगाने में लाखों रुपये की अनियमितता की गई है। मानक से 44 किग्रा कम वजन के खंभे लगाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा होने के बाद कार्यदायी संस्था ने भी स्वीकार किया है कि 70 जगहों पर मानक के अनुसार खंभे नहीं लगे हैं। खास बात यह है कि संस्था को भुगतान भी कर दिया गया है। ऐसे में अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस मामले की जांच अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव को दी गई है।
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एक व्यक्ति ने मंडलायुक्त से स्ट्रीट लाइटें लगाने में गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि झूंंसी में छतनाग रोड से पुलिस चौकी के बीच कम वजन के खंभे लगाए गए हैं। इसी तरह की शिकायत बाघंबरी गद्दी तथा पानी की टंकी के पास भी है। मंडलायुक्त के निर्देश पर प्रकाश मार्ग विभाग के प्रभारी अपर नगर आयुक्त अरविंद राय ने जांच की तो अनियमितता की परतें खुलती गईं। जांच के दौरान शिकायतकर्ता का नाम सही नहीं पाया गया। साथ ही दिए गए मोबाइल नंबर पर भी बात नहीं हो पाई। लेकिन, शिकायती पत्र में लगाए गए आरोप सही पाए गए।
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अपर नगर आयुक्त ने थर्ड पार्टी डीयूवी एसयूडी साउथ एशिया की मदद से प्रकाश मार्ग तथा कार्यदायी संस्था मेसर्स नींव एनर्जी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खंभे उखड़वाकर उसकी तौल कराई तो वजन मात्र 110 किग्रा निकला। जबकि, खंभे का वजन 154 किग्रा होना चाहिए। इस तरह से 44 किग्रा वजन कम पाया गया। इतना ही नहीं जांच में खंभे की लंबाई भी कम पाई गई। जांच में यह भी पाया गया कि प्रकाश मार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता के हस्ताक्षर के बाद संस्था को भुगतान भी कर दिया गया है, जिसे मुख्य अभियंता ने भी अग्रसारित किया है।
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इस तरह की खामी सामने आने के बाद कार्यदायी संस्था से जवाब मांगा गया। कार्यदायी संस्था का जवाब भी आ गया है जिसमें उसने स्वीकार किया है कि कम वजन के खंभे लगाए गए हैं। संस्था की ओर से कहा गया है कि आंतरिक सर्वे कराया गया है। इसमें 70 स्थानों पर कम वजन वाले खंभे लगाए गए हैं। संस्था ने यह भी कहा कि अनुमति मिले तो निर्धारित समय में सभी खंभे बदलवा दिए जाएंगे। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग ने अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव को जांच सौंपी है। इसमें मानक के विपरीत खंभे तथा अन्य उपकरण लगाने के साथ भुगतान करने वाले अफसरों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
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