Umesh Pal Murder: 47 सेकंड में वारदात, छह शूटरों ने पहले सड़क पर फिर घर में घुसकर बरसाए बम और गोलियां
घटना उमेश पाल के घर के ठीक बाहर अंजाम दी गई और घर के बाहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई। फुटेज के मुताबिक, उमेश 4.56 मिनट 24 सेकेेंड पर अपनी सफेद रंग की क्रेटा कार से घर के बाहर पहुंचे।
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प्रयागराज के राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद उमेश पाल व उनके गनर की हत्या की वारदात महज 47 सेकंड में अंजाम देकर हत्यारे निकल भागे। उमेश पर पहली गोली 4.56 मिनट 28 सेकेंड पर दागी गई।
जबकि, 4.57 मिनट 15 सेकेंड पर बदमाश वारदात को अंजाम दे चुके थे। हमलावरों की संख्या छह थी जो एक सफेद रंग की कार व एक लाल रंग की बाइक से आए थे।
घटना उमेश पाल के घर के ठीक बाहर अंजाम दी गई और घर के बाहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई। फुटेज के मुताबिक, उमेश 4.56 मिनट 24 सेकेेंड पर अपनी सफेद रंग की क्रेटा कार से घर के बाहर पहुंचे। वह पिछली सीट पर बैठे थे।
दरवाजा खोलकर वह बाहर निकले ही थे कि तभी एक हमलावर ने उनके पास आकर पिस्टल तान दी। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उसने गोली चलानी शुरू कर दी।
एक गोली लगते ही जमीन पर गिर पड़े उमेश
एक गोली लगते ही उमेश जमीन पर गिर पड़े और उधर तब तक एक अन्य हमलावर ने भी आकर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एक गोली उमेश के गनर राघवेंद्र को भी लगी और वह भी जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़ा।
उधर घायल उमेश जान बचाने के लिए उठकर घर के भीतर भागे तो एक हमलावर ने उन्हें खदेड़ते हुए घर में घुसकर गोलियां बरसाईं जिसमें वह लहूलुहान होकर जमी पर गिर पड़े और फिर नहीं उठे।
उधर, गोली लगने से घायल राघवेंद्र जान बचाने के लिए भीतर भागा तो हमलावरों ने उस पर बम से हमला किया। वह घर के भीतर पहुंच चुका था और तभी एक बम सीधे उसकी पीठ पर दाहिनी ओर लगा और वह वहीं जमीन पर लुढ़क गया।
चर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम स्वचालित हथियार से गोली मार कर हत्या कर दी गई। उनकी सुरक्षा में लगे दो गनर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली और बम की तड़तड़ाहट से इलाका थर्रा उठा।
घटना शुक्रवार की शाम 5:15 बजे उस वक्त हुई जब उमेश जिला कचहरी से कार से धूमनगंज स्थित अपने घर पहुंचे। घटना के बाद हमलावर बाइक से भाग निकले। पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने हत्या की पुष्टि की।
वारदात के बाद धूमनगंज और आसपास का इलाका छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस का कहना है कि घर वाले जैसी तहरीर देंगे, उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा में तैनात दोनों सिपाही संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
शहर पश्चिम के विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को धूमनगंज इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके रिश्तेदार और दोस्त उमेश पाल मुख्य गवाह थे।
उमेश ने लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में राजू पाल हत्याकांड की पैरवी की थी। इसी कारण अतीक गिरोह से उनकी खुलेआम दुश्मनी हो गई थी। कचहरी में गवाही देने गए उमेश का 2016 में अपहरण कर लिया गया था।