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Umesh Pal Hatyakand: न एफआईआर और न ही पहचान...एक फोन कॉल से सामने आया उस्मान का नाम; एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी
Mon, 06 Mar 2023 01:14 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 06 Mar 2023 01:14 PM IST
सार
पुलिस एनकाउंटर में मारा गया बदमाश 50 हजार का इनामी था। हालांकि उस्मान चौधरी की पहचान नहीं हो पा रही थी, इस वजह से इस पर प्रयागराज पुलिस ने 50,000 का ही इनाम घोषित किया था। शासन को भेजी गई फाइल में ढाई लाख का इनाम मंजूर नहीं हुआ था। आपको बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड में उस्मान का नाम पहली बार सामने आया है। अभी तक की जांच में और एफआईआर में इसके नाम का जिक्र नहीं था।
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Umesh Pal Hatyakand
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
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विस्तार
प्रयागराज में हुए उमेश पाल और दो यूपी पुलिस के सिपाहियों की हत्या के मामले में पुलिस और एसटीएफ की टीम एक्शन में है। सोमवार की सुबह पुलिस और एसटीएफ ने प्रयागराज के कौंधियारा में हुई मुठभेड़ में बदमाश विजय उर्फ उस्मान चौधरी को ढेर कर दिया।
विजय उर्फ उस्मान चौधरी ने ही उमेश और सरकारी गनर पर पहली गोली चलाई थी। गोली लगने के बाद गनर कुछ नहीं कर पाया था। घटना के बाद एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। फुटेज में एक शख्स हाथ में पॉलीथीन लिए हुए फायरिंग करता हुआ दिखाई दे रहा है। इस बदमाश की फायरिंग से सरकारी गनर गिर गया था। इसी वजह से वह जवाबी कार्रवाई भी नहीं कर पाया था।
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प्रयागराज पुलिस ने उमेश हत्याकांड में शामिल सभी बदमाशों की शिनाख्त कर ली थी, लेकिन विजय उर्फ उस्मान चौधरी की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने अपने मुखिबरों को अलर्ट किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पुलिस को एक फोन आया।
इस फोन पर ही उमेश और सरकारी गनर पर पहली गोली चलाने वाले विजय उर्फ उस्मान की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उस्मान को पकड़ने के लिए घेराबंदी की। तड़के जैसे ही उस्मान को पुलिस ने पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गोली चलाई।
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विजय उर्फ उस्मान चौधरी ने ही उमेश और सरकारी गनर पर पहली गोली चलाई थी। गोली लगने के बाद गनर कुछ नहीं कर पाया था। घटना के बाद एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। फुटेज में एक शख्स हाथ में पॉलीथीन लिए हुए फायरिंग करता हुआ दिखाई दे रहा है। इस बदमाश की फायरिंग से सरकारी गनर गिर गया था। इसी वजह से वह जवाबी कार्रवाई भी नहीं कर पाया था।
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प्रयागराज पुलिस ने उमेश हत्याकांड में शामिल सभी बदमाशों की शिनाख्त कर ली थी, लेकिन विजय उर्फ उस्मान चौधरी की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने अपने मुखिबरों को अलर्ट किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पुलिस को एक फोन आया।
इस फोन पर ही उमेश और सरकारी गनर पर पहली गोली चलाने वाले विजय उर्फ उस्मान की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उस्मान को पकड़ने के लिए घेराबंदी की। तड़के जैसे ही उस्मान को पुलिस ने पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गोली चलाई।
इस दौरान उस्मान को दो गोलियां लग गई। उसे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पचास हजार का इनामी था उस्मान
एनकाउंटर में मारा गया बदमाश 50 हजार का इनामी था। हालांकि उस्मान चौधरी की पहचान नहीं हो पा रही थी, इस वजह से इस पर प्रयागराज पुलिस ने 50,000 का ही इनाम घोषित किया था। शासन को भेजी गई फाइल में ढाई लाख का इनाम मंजूर नहीं हुआ था। आपको बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड में उस्मान का नाम पहली बार सामने आया है। अभी तक की जांच में और एफआईआर में इसके नाम का जिक्र नहीं था।
एनकाउंटर में मारा गया बदमाश 50 हजार का इनामी था। हालांकि उस्मान चौधरी की पहचान नहीं हो पा रही थी, इस वजह से इस पर प्रयागराज पुलिस ने 50,000 का ही इनाम घोषित किया था। शासन को भेजी गई फाइल में ढाई लाख का इनाम मंजूर नहीं हुआ था। आपको बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड में उस्मान का नाम पहली बार सामने आया है। अभी तक की जांच में और एफआईआर में इसके नाम का जिक्र नहीं था।
प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के डॉ. बद्री विशाल सिंह ने कहा कि उस्मान को जब लाया गया था तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी। हमने उसका ECG और अन्य जांच कराकर उसे मृत घोषित किया और उसके शरीर को शव गृह भेजा। उसको सीने में दो गोली लगी थी।
आपको बता दें कि सोमवार की सुबह उमेश हत्याकांड में शामिल एक शातिर शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। हत्याकांड के बाद से पुलिस को उस्मान की तलाश थी। प्रयागराज के कौंधियारा थाना इलाके में सोमवार सुबह क्राइम ब्रांच की टीम और आरोपी विजय उर्फ उस्मान के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में उस्मान को गोली लगी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि उस्मान चौधरी ने ही उमेश पाल और सिपाही को पहली गोली मारी थी। आरोपी विजय उर्फ उस्मान पर 50 हजार का इनामी था। इससे पहले, उमेश पाल और दोनों सिपाहियों की हत्या में शामिल अरबाज को पिछले सोमवार को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया गया था।