फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   UGC NET has increased every year a theme

यूजीसी नेट में हर साल बढ़ गया एक विषय

Mon, 02 Jan 2017 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 02 Jan 2017 01:36 AM IST
विज्ञापन
UGC NET has increased every year a theme
यूजीसी - फोटो : demo
यूजीसी नेट जनवरी-2017 में योग को शामिल कर लिया गया। इसी के साथ नेट में कुल विषयों की संख्या 100 हो गई है। नेट में विषयों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। पिछले पांच साल में विषयों की संख्या 94 से बढ़कर 100 हो गई है। नए विषयों में योग के अलावा ड्रामा, संगीत के विभिन्न विधा से संबंधित सब्जेक्ट शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन


पहले यूजीसी खुद राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) कराता था लेकिन तृतीय प्रश्न पत्र भी वस्तुनिष्ट आधारित होने के साथ नेट में बैठने और उसमें सफल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए नेट की अनिवार्यता होने की वजह से भी आवेदकों की संख्या में इजाफा हुआ। मात्र इलाहाबाद में आवेदकाें की संख्या 30 हजार को पार कर गई। ऐसे में यूजीसी के लिए परीक्षा कराना मुश्किल हो गया है और 2015 में यह जिम्मेदारी सीबीएसई को दे दी गई।
विज्ञापन


जून 2012 में यूजीसी नेट के प्रारूप में बदलाव किया गया था। इससे पहले 2011 में नेट में ‘बोडो’ को विषय के रूप में शामिल किया गया था। इसके बाद छह नए विषय शामिल कर लिए गए। नए विषय वे हैं जिनकी मांग बढ़ गई या जिन क्षेत्रों में सरकार का विशेष ध्यान है। योग इसका ताजा उदाहरण है। इसके अलावा विगत कुछ वर्षों में मानवाधिकार, पर्यटन प्रशासन एवं प्रबंधन, पर्यावरण विज्ञान जैसे विषय शामिल किए गए। इसी क्रम में नए अवसर खुलने के बाद संगीत के विभिन्न विधाओं को एक विषय के रूप में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूजीसी की नियमावली के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए नेट-जेआरएफ क्वालीफाई होना अनिवार्य है। जुलाई-2016 की नियमावली के तहत पीएचडी करने वालों को ही इससे छूट है। ऐसे में बीएड शिक्षक की भर्ती को लेकर दुविधा बनी रहती है। अभी इसमें नेट नहीं है। ऐसे में शिक्षाशास्त्र विषय में नेट अभ्यर्थियों को मौका दिए जाता है। इसको लेकर विरोध भी हो चुका है। इसी तरह से कई अन्य क्षेत्र भी हैं जो पहले किसी विषय का हिस्सा हुआ करते थे लेकिन अब इनकी एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाई होती है। इसके विपरीत नेट में अभी इन्हें शामिल नहीं किया गया है। इन विषयों को भी नेट में शामिल करने की मांग शुरू हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed