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चलती ट्रेन से गिरी दो साल की मासूम, बाल-बाल बची, ट्रेन को चेन पुल्लिंग कर मां ने रोका
Tue, 22 Jun 2021 01:27 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 22 Jun 2021 01:27 AM IST
सार
‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’। यह कहावत सोमवार घूरपुर क्षेत्र में फिर चरित्रार्थ हुई। चलती ट्रेन से दो साल की मासूम नीचे गिर गई। बरसात के कारण वहां घास फूस थी। जिसके कारण बच्ची बच गई।
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prayagraj news : ट्रेन से गिरी बच्ची।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’। यह कहावत सोमवार घूरपुर क्षेत्र में फिर चरित्रार्थ हुई। चलती ट्रेन से दो साल की मासूम नीचे गिर गई। बरसात के कारण वहां घास फूस थी। जिसके कारण बच्ची बच गई। बच्ची को गिरते हुए एक महिला ने देख लिया था। उसके सिर में चोट आई थी। उसी ने बच्ची का इलाज कराया। उधर, जब तक चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी जाती, गाड़ी तीन किलोमीटर पहुंच गई थी। बच्ची की मां बदहवास दौड़ते हुए पहुंची तो बच्ची को सकुशल देख्रकर उसे सीने से लगाकर घंटों रोती रही।
मानिकपुर की रहने वाली माया देवी (21) अपने पति मनोज कुमार से अलग रहती है। उसकी दो साल की एक बेटी सोनाक्षी है। माया ट्रेनों में साफ-सफाई कर अपना जीवन व्यापन करती है। सोमवार सुबह वह अपनी बच्ची सोनाक्षी को लेकर मानिकपुर स्टेशन से गोदान एक्सप्रेस में साफ-सफाई के लिए चढ़ी। जसरा से आगे मनकवार गांव के पास माया गेट पर लगे बेसिन में हाथ मुंह धो रही थी। तभी उसकी बच्ची गेट पर आ पहुंची। इसी दौरान झटका लगने से बच्ची गेट के बाहर गिर गई। मनकवार गांव की आरती पटेल ने बच्ची को गिरते देख लिया था।
वह दौड़ते हुए पहुंची और घास फूस में गिरी बच्ची को उठा लिया। देखा तो उसके सिर में चोट थी। तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया। बच्ची रो रही थी। प्रधान वीपी पटेल भी पहुंच गए थे। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची सामान्य है। उधर, बच्ची को गिरते देखकर उसकी माया बदहवास होकर चीखने लगी। किसी तरह से उसने हाथ पैर जोड़कर लोगों से चेन पुलिंग कराई लेकिन गाड़ी तब तक तीन किलोमीटर आगे पहुंच गई थी। गाड़ी रुकी तो माया बदहवास भागते हुए मौके पर पहुंची। उसने बच्ची को सकुशल देखकर उसे गले लगा लिया और घंटों रोती रही। आसपास की महिलाओं ने उसे ढांढस बंधाया। संवाद
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मानिकपुर की रहने वाली माया देवी (21) अपने पति मनोज कुमार से अलग रहती है। उसकी दो साल की एक बेटी सोनाक्षी है। माया ट्रेनों में साफ-सफाई कर अपना जीवन व्यापन करती है। सोमवार सुबह वह अपनी बच्ची सोनाक्षी को लेकर मानिकपुर स्टेशन से गोदान एक्सप्रेस में साफ-सफाई के लिए चढ़ी। जसरा से आगे मनकवार गांव के पास माया गेट पर लगे बेसिन में हाथ मुंह धो रही थी। तभी उसकी बच्ची गेट पर आ पहुंची। इसी दौरान झटका लगने से बच्ची गेट के बाहर गिर गई। मनकवार गांव की आरती पटेल ने बच्ची को गिरते देख लिया था।
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वह दौड़ते हुए पहुंची और घास फूस में गिरी बच्ची को उठा लिया। देखा तो उसके सिर में चोट थी। तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया। बच्ची रो रही थी। प्रधान वीपी पटेल भी पहुंच गए थे। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची सामान्य है। उधर, बच्ची को गिरते देखकर उसकी माया बदहवास होकर चीखने लगी। किसी तरह से उसने हाथ पैर जोड़कर लोगों से चेन पुलिंग कराई लेकिन गाड़ी तब तक तीन किलोमीटर आगे पहुंच गई थी। गाड़ी रुकी तो माया बदहवास भागते हुए मौके पर पहुंची। उसने बच्ची को सकुशल देखकर उसे गले लगा लिया और घंटों रोती रही। आसपास की महिलाओं ने उसे ढांढस बंधाया। संवाद
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