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जिले में रोज दो महिलाएं हो रहीं उत्पीड़न का शिकार

Wed, 04 Nov 2020 01:27 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 01:27 AM IST
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Two women are victims of harassment daily in the district
Two women are victims of harassment daily in the district
जिले में रोज दो महिलाएं हो रहीं उत्पीड़न का शिकार
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प्रयागराज। करवाचौथ पर महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए निर्जल व्रत रखती हैं और पति भी उन्हें नेग व आशीर्वाद देते हैं। लेकिन जिले में तमाम महिलाएं ऐसी हैं जो घर के भीतर ही पति समेत अन्य ससुरालीजनों के उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। यदि थानों में पहुंचने वाली शिकायतों को देखा जाए तो यहां रोजाना ऐसे दो महिला उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। मौजूदा साल के 10 महीनों में ही महिला उत्पीड़न के 600 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
अक्तूबर तक जिले में महिला उत्पीड़न के कुल 620 मुकदमे जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हुए। इनमें दहेज के साथ ही घरेलू हिंसा के मामले भी शामिल रहे। इस अवधि तक कुल 306 दिन होते हैं और इस तरह से देखा जाए तो रोजाना दो महिलाएं उत्पीडन का शिकार हुईं। इन मामलों में पीड़िताओं की इंसाफ दिलाने के क्रम में कार्रवाई की बात की जाए तो यह प्रक्रिया काफी धीमी है। अब तक कुल दर्ज मामलों में से महज 40 फीसदी मामलों का ही निस्तारण हो सका। 211 मामलों मेें विवेचना पूर्ण करते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किए। जबकि 29 मामले ऐसे भी रहे जिनमें शिकायतें झूठी निकलीं और पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी।
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ग्रामीण क्षेत्र में उत्पीड़न की ज्यादा शिकायतें
जिले में रोजाना सामने आ रहे मामलों पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि यहां ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा महिलाएं उत्पीडन का शिकार हो रही हैं। कुल दर्ज 620 मामलों में से 329 शिकायतें ग्रामीण क्षेत्र की रहीं। इनमें गंगापार में 236 जबकि 93 मामले यमुनापार के हैं। शहर क्षेत्र में कुल 291 महिलाओं ने उत्पीड़न के मामले में थानों में पहुंचकर शिकायतें दर्ज कराईं।
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महिला उत्पीड़न के मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं। इनकी नियमित तौर पर समीक्षा भी की जाती है। जिन मामलों में विवेचना लंबित है, उनमें संबंधितों से पूछताछ की जाएगी।
सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, एसएसपी
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