प्रयागराज : उफनाई गंगा की तेज धारा में भी हाथ छोड़ा न साथ, एक साथ विदा हुए दो दोस्त
स्कूल की कक्षा हो या कोचिंग की पढ़ाई, रुद्र प्रताप और अर्पण विश्वास की दोस्ती के चर्चे सभी की जुबां पर रहते थे। लोग इन्हें जय-वीरू करते थे। दोनों हर जगह साथ जाते थे। पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक उनकी दोस्ती की मिसाल दी जाती थी।
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स्कूल की कक्षा हो या कोचिंग की पढ़ाई, रुद्र प्रताप और अर्पण विश्वास की दोस्ती के चर्चे सभी की जुबां पर रहते थे। लोग इन्हें जय-वीरू करते थे। दोनों हर जगह साथ जाते थे। पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक उनकी दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। एक दिन पहले शिक्षक दिवस पर दोनों जमकर मस्ती की थी। एक साथ कई तस्वीरें लीं। रविवार को दोनों के एक साथ डूबने की जानकारी पर कोचिंग से स्कूल तक सभी स्तब्ध थे।
तीसरे दोस्त सुमित ने बताया कि गंगा में डूबने के दौरान भी दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामे रखा। दोनों की मौत की खबर स्कूल के शिक्षकों को हुई तो सभी स्तब्ध रह गए। सुमित ने बताया कि शिक्षक दिवस पर दोनों ने एक साथ एक ही बेंच पर बैठकर तस्वीरें लीं। दोनों एक साथ खुश नजर आ रहे थे। परिजनों के लिए सबसे बड़ा सदमा यह है कि दोनों दोस्त जीवनभर साथ रहे और मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी।
स्कूल से लेकर कोचिंग तक साथ रहने वाले इन दोनों दोस्तों की तस्वीरें और यादें अब परिवार के सामने बार-बार आ रही हैं।घर का चिराग था अर्पण, रुद्र प्रताप की मौत से परिजन सदमे में : हवेलिया इलाके में रविवार की दोपहर गंगा में डूबने वाला किशोर अर्पण विश्वास घर का चिराग था। नई झूंसी निवासी अर्पण विश्वास के पिता अरुण किसी तरह परिवार का भर पोषण कर रहे थे। इकलौते बेटे की मौत से मां सुप्रिया विश्वास बेसुध पड़ी रहीं। आवास विकास कॉलोनी योजना तीन के सेक्टर 10 निवासी रुद्र प्रताप के पिता रविकांत सिंह का देव नगर कॉलोनी में जनरल स्टोर है। दो बेटों में रुद्र प्रताप बड़ा था। भाई की मौत से छोटा भाई शौर्य प्रताप और मां हेमलता बेसुध हैं।
सालभर पहले भी सोहम आश्रम में डूबे थे दो किशोर
हवेलिया सोहम आश्रम के पास पिछले साल अप्रैल में भी दो किशोर गंगा में नहाने के दौरान डूब गए थे। नैका गांव निवासी जय सिंह का बेटा अर्पित (11), दिनेश कुमार का बेटा लवकुश (9) और हौसला प्रसाद का बेटा वैभव (14) दोपहर में आम तोड़ने के लिए घर से कुछ दूर स्थित बगिया में साइकिल से पहुंचे।
उन्होंने आम तोड़ा, इसके बाद तीनों सोहम आश्रम के नीचे गंगा में नहाने तट पर पहुंचे और नहाने लगे। लवकुश गहरे पानी में डूबने लगा तो अर्पित उसे बचाने आगे बढ़ा। जब दोनों डूबने लगे तो वैभव ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा। दोनों पानी में डूबने लगे तो वैभव ने शोर मचाना शुरू किया।
मौके से कुछ दूर मौजूद चरवाहे वैभव के पास पहुंचे और दोनों बच्चों को तलाशना शुरू किया। वहीं, एसडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोरों ने भारी मशक्कत के बाद अर्पित का शव बाहर निकाला। दो दिन बाद दूसरे किशोर का भी शव पानी से बाहर निकाला गया।
सुमित बोला- आंखों के सामने डूबे दोस्त, मैं कुछ न कर सका
हवेलिया वार्ड में सोहम आश्रम के किनारे गंगा में दो दोस्तों के डूबने का वाकया बताते-बताते तीसरे दोस्त सुमित की आंखें भर आईं। सुमित यही कहता रहा कि वह अपने दोस्तों को डूबता देखता रहा, उनकी मदद न कर सका।
सुमित ने बताया कि रुद्र प्रताप और अर्पण के साथ वह सोहम आश्रम स्थित गंगा नदी की ओर घूमने आए थे। रुद्र और अर्पण आते ही नदी में उतर गए। वह गहरे पानी में जाने लगे तो सुमित ने मना किया कि मत जाओ लेकिन दोनों नहीं माने और गहरे पानी में चले गए। सुमित अपनी आंखों के सामने रुद्र और अर्पण को डूबता देखता रहा। मदद के लिए आवाज लगाई लेकिन उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था।
कुछ ही पल में दोनों दोस्त उसकी आंखों से ओझल हो गए। जिन दोस्तों के साथ सुमित स्कूल और कोचिंग जाता था। वह दुनिया से विदा हो चुके थे। हादसे के बाद उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और जल पुलिस के साथ दोनों की तलाश शुरू की।