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फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहे दो शिक्षकों की सेवा समाप्त, दर्ज हुई एफआईआर
Fri, 04 Jan 2019 10:07 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 04 Jan 2019 10:07 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर प्राथमिक विद्यालय में नौकरी कर रहे दो सहायक अध्यापकों की सेवा बीएसए ने समाप्त कर दी है। साथ ही इन दोनों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और राजकोष से वेतन की रिकवरी कराने का निर्देश खंड शिक्षाधिकारी धनुपुर को दिया है।
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धनुपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय राजापुर में तैनात सहायक अध्यापक संजय कुमार भारतीय एवं प्राथमिक विद्यालय बुनवापुर के सहायक अध्यापक अमर सिंह ने नौकरी पाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र लगाया था। अध्यापकों के प्रमाणपत्रों को लेकर गौरा, कौशांबी के परमेश ने 12 मार्च 2018 को शिकायत की थी। शिकायत के बाद जांच में दोनों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इन दोनों शिक्षकों को दो जुलाई 2016 को परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति दी गई थी।
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बीएसए संजय कुमार कुशवाहा की ओर से जारी सेवा समाप्ति के निर्देश में कहा गया है कि कौशांबी के बलीपुर टाटा, चरवा निवासी संजय कुमार भारतीय पुत्र एमएल भारतीय ने लखनऊ विवि का 1999 का बीए का प्रमाणपत्र नियुक्ति के समय लगाया था। इसी तरह अमर सिंह पुत्र फकीरे लाल निवासी राजापुर कैंट थाना, प्रयागराज ने लखनऊ विवि का 2010 का बीएससी का प्रमाणपत्र लगाया था, जांच में पता चला कि दोनों को विवि की ओर से कोई अनुक्रमांक आवंटित नहीं किए गए। जांच के बाद दोनों शिक्षकों को खंड शिक्षाधिकारी के समाने उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। यह दोनों शिक्षक जांच कमेटी के सामने उपस्थित नहीं हुए, ऐसे में बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने दोनों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।
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