{"_id":"613b75de8ebc3e266351108f","slug":"two-nominated-including-senior-superintendent-of-head-post-office-accused-of-cheating-of-two-and-a-half-lakhs-sued-on-court-order","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधान डाकघर के प्रवर अधीक्षक समेत दो नामजद, ढाई लाख की धोखाधड़ी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधान डाकघर के प्रवर अधीक्षक समेत दो नामजद, ढाई लाख की धोखाधड़ी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा
Fri, 10 Sep 2021 08:42 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 10 Sep 2021 08:42 PM IST
सार
कानपुर के फजलगंज निवासी भुक्तभोगी ने तहरीर देकर बताया है कि उसने प्रधान डाकघर सिविल लाइंस में ढाई लाख रुपये सावधि जमा योजना के अंतर्गत जमा किए थे।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रधान डाकघर में ढाई लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कानपुर निवासी 70 वर्षीय लल्लूराम यादव ने आरोप लगाया है कि उनके ढाई लाख रुपये फर्जीवाड़ा कर गायब कर दिए गए हैं। उनकी तहरीर पर प्रवर अधीक्षक संजय डी व डाकपाल राजेश श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। साथ ही अज्ञात कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
कानपुर के फजलगंज निवासी भुक्तभोगी ने तहरीर देकर बताया है कि उसने प्रधान डाकघर सिविल लाइंस में ढाई लाख रुपये सावधि जमा योजना के अंतर्गत जमा किए थे। जनवरी में रुपयों की जरूरत होने पर वह डाकघर पहुंचे तो बताया गया कि उनके रुपये निकाले जा चुके हैं। मामले में लिखित शिकायत करने के कुछ दिनों बाद उनके घर पर पत्र भेजकर बताया गया कि डाकघर के अभिलेखों के अनुसार उक्त खाता अस्तित्व में नहीं है।
भुक्तभोगी का आरोप है कि उनके दस्तखत के बिना फर्जीवाड़ा कर उनके खाते से रुपये निकाल लिए गए। उसने मामले की शिकायत सिविल लाइंस थाने और एसएसपी से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद उसने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने आदेश किया तब जाकर सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर के फजलगंज निवासी भुक्तभोगी ने तहरीर देकर बताया है कि उसने प्रधान डाकघर सिविल लाइंस में ढाई लाख रुपये सावधि जमा योजना के अंतर्गत जमा किए थे। जनवरी में रुपयों की जरूरत होने पर वह डाकघर पहुंचे तो बताया गया कि उनके रुपये निकाले जा चुके हैं। मामले में लिखित शिकायत करने के कुछ दिनों बाद उनके घर पर पत्र भेजकर बताया गया कि डाकघर के अभिलेखों के अनुसार उक्त खाता अस्तित्व में नहीं है।
विज्ञापन
भुक्तभोगी का आरोप है कि उनके दस्तखत के बिना फर्जीवाड़ा कर उनके खाते से रुपये निकाल लिए गए। उसने मामले की शिकायत सिविल लाइंस थाने और एसएसपी से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद उसने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने आदेश किया तब जाकर सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
विज्ञापन