फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Two employees of NCR Senior Divisional Engineer's office missing from duty, records not found.

गजब : एनसीआर के वरिष्ठ खंड अभियंता कार्यालय के दो कर्मचारी ड्यूटी से लापता, ढूंढे नहीं मिल रहे रिकॉर्ड

Wed, 15 May 2024 08:07 PM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, प्रयागराज
अनूप ओझा, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 15 May 2024 08:07 PM IST
सार

उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता (पीएस) कानपुर ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (सा) प्रयागराज को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि तक्नी-1 मनोज कुमार सिंह बीते सात मार्च से अब तक कार्यालय नहीं आ रहे हैं। उनके पास जो पत्रावलियां और कर्मचारियों के वेतन भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड थे, वह भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

विज्ञापन
Two employees of NCR Senior Divisional Engineer's office missing from duty, records not found.
रेलवे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

एनसीआर वरिष्ठ खंड अभियंता(पीएस) कार्यालय के दो कर्मचारी महीनों से नदारद हैं। एक लिपिक के लगातार अनुपस्थित रहने की वजह से काम प्रभावित होने पर दूसरे कर्मी को चार्ज दिया गया ,लेकिन वेतन भुगतान से संबंधित दस्तावेज, प्रतिभूतियां, प्रमोशन आर्डर, प्रमोशन नोटिंग, रेल राजस्व से संबंधित दस्तावेज और पत्रावलियां उसे हस्तांतरित नहीं की गईं। इससे जहां काम प्रभावित हो गया है, वहीं कई जरूरी फाइलें भी नहीं मिल पा रही हैं। इस मामले की रिपोर्ट कानपुर के वरिष्ठ खंड अभियंता ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता प्रयागराज को दी है। इसे अभियंता और लिपिक के बीच खींचतान का नतीजा भी बताया जा रहा है।

विज्ञापन


उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता (पीएस) कानपुर ने वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (सा) प्रयागराज को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि तक्नी-1 मनोज कुमार सिंह बीते सात मार्च से अब तक कार्यालय नहीं आ रहे हैं। उनके पास जो पत्रावलियां और कर्मचारियों के वेतन भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड थे, वह भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। काम बाधित होने पर उनकी जगह वरिष्ठ लिपिक प्रमेंद्र कुमार गौतम कौ चार्ज दिया गया, लेकिन उनके पास पत्रावलियां उपलब्ध नहीं है।

विज्ञापन

इससे काम प्रभावित हो गया है। वरिष्ठ खंड अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इससे पहले फरवरी में भी मनोज कुमार सिंह के मेडिकल लीव पर जाने के बाद कर्मचारियों का वेतन पास कराने, के लिए प्रमेंद्र को नामित किया गया था। तब भी लिपिक मनोज की ओर से न कोई चार्ज दिया गया ना ही पत्रावलियां उपलब्ध कराई गईं। मनोज के कार्यालय से नदारद होने के कारण रेल कार्य में अत्यधित बाधा उत्पन्न हुई है। कई कर्मचारियों की उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

महिला कर्मी शबाना खातून के एसएपी, सीसीएल, सीएल संबंधी रिकॉर्ड 2018 से ही नहीं मिल पा रहे हैं। इसकी जांच चल रही है। इनके अलावा हेल्पर भगवती प्रसाद भी लगातार 14 महीने से कार्यालय से अनुपस्थित हैं। बिना सूचना दिए इन दोनों कर्मचारियों के लापता होने से कई काम प्रभावित हो गए हैं। इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पता चला है वरिष्ठ खंड अभियंता और लिपिक के बीच लंबे समय से किस बात को लेकर खींचतान चल रही है। अफसर और लिपिक की खींचतान में पूरे कार्यालय का काम प्रभावित हो रहा है।

लिपिक ने अभियंता के खिलाफ नौकरी के लिए अर्हता पूरी न करने समेत की हैं 10 शिकायतें

लिपिक मनोज कुमार सिंह ने वरिष्ठ खंड अभियंता के खिलाफ भी 10 से अधिक शिकायतें की हैं। उनकी डिग्री और अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए आरटीआई के तहत सूचना भी मनोज ने मांगी है। मनोज का आरोप है कि वरिष्ठ खंड अभियंता के पास कंप्यूटर डिप्लोमा नहीं है। बिना कंप्यूटर ज्ञान के वह इस पद के लिए अर्हता पूरी नहीं करते। जबकि, वरिष्ठ खंड अभियंता का कहना है कि ऐसा नहीं है। लिपिक ने ऐसा करके उनके सम्मान को ठेस पहुंचाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed