Fake Notes : पश्चिम बंगाल से लाकर जाली नोटों की तस्करी करने वाले फूफा और भतीजा गिरफ्तार
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पश्चिम बंगाल से जाली नोटों की तस्करी के एक और खेल का भंडाफोड़ मंगलवार को हुआ। एसटीएफ ने तस्करी में शामिल अनुदेशक समेत दो लोगों को मांडा में पकड़ा। इनके कब्जे से 1.95 लाख के नकली नोट भी बरामद हुए हैं। पकड़ गए लोगों में उमाशंकर बिंद निवासी हेमपुर मांडा और रामबाबू बिंद निवासी गोगांव जिगना जनपद मिर्जापुर शामिल हैं।
रिश्ते में दोनों फूफा और भतीजे हैं। रामबाबू अपने गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 2013 से अनुदेशक के पद पर तैनात है। दोनों को मांडा रोड तिराहे से 500 मीटर आगे मिर्जापुर जाने वाले मार्ग पर पकड़ा गया।
तलाशी में इनके कब्जे से 2000 के 49 व 500 के 195 नोट मिले। सख्ती से पूछताछ में दोनों ने बताया कि बरामद नोट नकली हैं। यह भी बताया कि वह नकली नोट की तस्करी करते हैं। नकली नोट वह पश्चिम बंगाल के अंतराज्यीय नोट तस्कर दीपक मंडल के सहयोगियों से लेकर आते हैं।
इससे पहले भी वह करीब 1.5 लाख के नकली नोट बाजार में खपा चुके हैं। उमाशंकर ने बताया कि 2016 में अपने गांव के ही मेवालाल बिंद की हत्या में वह जेल गया। वहां उसकी मुलाकात अच्छेलाल चौरसिया, कपूरचंद जायसवाल व दीपक मंडल के रिश्तेदार सुभाष व बहनोई विश्वजीत सरकार से हुई।
उन्होंने ही उसे मुनाफे का लालल देकर अपने साथ नोट तस्करी के काम में शामिल कर लिया। सुभाष जेल से पहले ही छूट गया और जमानत पर छूटने के बाद उससे संपर्क कर उसे पश्चिम बंगाल बुलाया। वहां से पहली बार में 50 व दूसरी बार में एक लाख के नकली नोट लाकर उसने व रामबाबू ने खपा दिए।
दो नवंबर को वह फिर दो लाख के नकली नोट ले आया। इसमें से 4500 के नकली नोट उसने खपा दिए। इसके एवज में उसने रामबाबू से सुभाष मंडल निवासी जयनपुर मालदा के खाते में 40 हजार रुपये डलवाए। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी मांडा पुलिस को सौंप दिए गए हैं।