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‘ढाई आखर’ प्रेम का राग सुनने, सुनाने में बीता दिन

Thu, 15 Feb 2018 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 15 Feb 2018 02:04 AM IST
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'Two and a half', listening to the passion of love, the days spent listening
valentines day
‘तमाम जिस्म को आंखें बना के राह तको/तमाम खेल मोहब्बत में इंतजार का है’ बुधवार को प्रेम के पर्व वैलेंटाइन डे पर दिलों के बीच मुनव्वर का यह शेर सौ फीसदी मुफीद रहा। प्रेम की तमाम कल्पनाओं में रंग भरने की बारी, बेताबी रही। ‘ढाई आखर प्रेम’ के राग को सुनने और सुनाने के लिए तरह-तरह की तैयारियां की गई थीं। तमाम पहरों के बावजूद जवां दिलों ने जज्बा-ए-इश्क का इजहार किया। कुछ कही, कुछ सुनी, गिले-शिकवे भी हुए, पर मनपसंद उपहारों का सिलसिला भी चला।
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कुछ ने बड़े नामचीन होटलों में कुछ पल गुजारे तो कुछ ने बड़ी मुलाकातों के लिए छोटी जगहें तलाशीं। वैसे को वैलेंटाइन के नाम पर कुछ खास नहीं रहा लेकिन शहर के तमाम रेस्तरां और होटलों में तकरीबन पूरे दिन लोग जुटे, बैठे, बतियाते रहे। कई दोस्तों ने तो दोस्तों के साथ मिलजुल कर पर्व को खास बना लिया। लोग खाने-पीने के सामान के साथ शहर से दूर किसी पिकनिट स्पॉट या ऐसी ही किसी जगह पर जुटकर दोस्तों संग लुत्फ लेते रहे। तमाम ऐसे भी रहे जिन्होंने किसी पार्क या होटल में जाने की जगह रोड साइड रेस्टोरेंट या ढाबों पर पार्टियों के बीच दिन गुजारा।
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रेस्तरां, होटलों से इतर शहर के तमाम पार्क और संगम की रेती पर लोगों ने दिन बिताया। सिनेमाघरों में भी बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी देखी गई। अपने वैलेंटाइन के साथ वैलेंटाइन को खास बनाने के लिए उसकी पसंद के उपहार भी दिए गए। इसके अतिरिक्त वैलेंटाइन डे को खास बनाने के लिए पतियों ने अपनी पत्नियों या फिर पत्नियों ने पतियों की पसंद की ऐसी चीजें खरीदीं जो घर के लिए भी जरूरी थीं, पर काफी दिनों से इसी खास दिन का इंतजार था।
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वैलेंटाइन डे को खास बनाने के लिए तरह-तरह के जतन किए गए थे। तमाम जोड़ों ने एक दूसरे को जीवनसाथी बनाने के लिए यही खास दिन चुना। सिविल लाइंस के जलसाघर से लेकर शहर के तमाम विवाहघरों में शादियों की धूम रही। कोई सात फेरों के साथ परिणय सूत्र की डोर में बंध गया तो तमाम जोड़ों ने मर्जी की मुहर लगाकर एक दूसरे को अपना जीवनसाथी चुन लिया।
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