फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Two accused arrested for hacking the numbers of officers and ministers

शिकंजे में : अधिकारियों और मंत्रियों का नंबर हैक करने वालों को भेजा जेल, छोटे अफसरों पर फोन कर कराते थे काम

Sun, 21 Aug 2022 07:01 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 21 Aug 2022 07:01 AM IST
सार

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि नंबर नोएडा के जिलाधिकारी का ही था। श्यामेंद्र और अंकित को पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों ने प्ले स्टोर से इंडीकॉल नाम का एप डाउनलोड किया था। इस ऐप के माध्यम से वे जिसका नंबर ऐप में डालते, उसी नंबर से कॉल चली जाती।

विज्ञापन
Two accused arrested for hacking the numbers of officers and ministers
Arrested demo - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

बड़े बड़े अधिकारियों और मंत्रियों का मोबाइल नंबर हैक कर स्थानीय अधिकारियों से काम की सिफारिश करने वाले दो आरोपियों को शनिवार को जेल भेज दिया गया। दोनों ने तमाम बड़े अधिकारियों का नंबर हैक कर स्थानीय अधिकारियों को फोन कर अपना काम करवाया था। कुछ दिन पहले उन्होंने नोएडा के जिलाधिकारी सुहास एल वाई के नाम से एसएसपी को फोन किया था। एसएसपी को उनकी आवाज से शक हुआ तो उन्होंने जांच कराई। जांच में पता चला कि मेजा के रामनगर का श्यामेंद्र उपाध्याय और सोरांव का रहने वाला अंकित शुक्ला ने नोएडा के जिलाधिकारी के नाम से कॉल की थी। 

विज्ञापन



सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि नंबर नोएडा के जिलाधिकारी का ही था। श्यामेंद्र और अंकित को पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला कि दोनों ने प्ले स्टोर से इंडीकॉल नाम का एप डाउनलोड किया था। इस ऐप के माध्यम से वे जिसका नंबर ऐप में डालते, उसी नंबर से कॉल चली जाती। पता चला कि दोनों काफी समय से मंत्रियों और लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों के नाम से स्थानीय अधिकारियों को फोन कर रहे थे। कई अधिकारियों ने बताया कि उनके पास भी इन्हीं लोगों ने उच्चाधिकारियों के नाम पर फोन किया था। दरअसल श्यामेंद्र बिजली का ठेकेदार है। 
विज्ञापन



वह बिजली विभाग के एमडी के मोबाइल नंबर से फोन कर स्थानीय अधिकारियों में धौंस जमाता था। तमाम अधिकारियों ने दोनों के नाजायज काम भी कर दिए थे। पुलिस अब जांच कर रही है। फिलहाल मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अनुचित लाभ प्राप्त करने, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और आईटी एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शनिवार को जेल भेज दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम मेजा को भी किया था फोन
दो दिन पूर्व एसडीएम मेजा विनोद कुमार को फोन आया और उनके मोबाइल पर कमिशभनर प्रयागराज का नंबर शो हो रहा था। सामने वाले ने खुद को कमिशभनर बताया भी और रामनगर गांव में एक नाली खड़ंजे के मामले की सिफारिश की। जिसके बाद एसडीएम मौके पर भी पहुंच गए। इसी तरह से आरोपियों ने कुछ दिन पहले सीओ मेजा को पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी का नंबर हैक करके फोन कर एक मामले की सिफारिश की थी। कुछ महीने पहले इनके द्वारा बिजली विभाग के एमडी का नंबर हैक करके एक्सईएन मेजा को भी फोन कर एक लिपिक के स्थानांतरण का काम बताया गया था।

इंडीकाल एप से अधिकारियों का नंबर करते थे हैक
जांच पड़ताल के बाद इंचार्ज थाना प्रभारी रामभवन ने बताया कि इन दोनों युवकों ने यूट्यूब के जरिए इंडीकाल ऐप की जानकारी ली थी, और इसी के जरिए नंबर हैक करना भी सीखा था। इंडीकाल एप से ही इन्होने अधिकारियों का नंबर हैक किया, और उसका गलत उपयोग किया।



यूपी क्रिकेट अकेडमी अंडर 16 में कराया था अपना चयन
अधिकारियों का नंबर हैक कर उसका उपयोग करने के मामले में आरोपी अंकित शुक्ला कक्षा नौ वीं का छात्र है। इसी सीयूजी हैकिंग कारनामें से अपना चयन उत्तर प्रदेश क्रिकेट अकेडमी की अंडर 16 में भी चयन कराया था, और 23 अगस्त को इसकी ज्वाइनिंग थी, लेकिन उसके पहले ही इसके  कारनामों को पर्दाफाश हो गया।

कैलिफोर्निया से भी मंगाई गई रिपोर्ट
पुलिस ने मामले को लेकर जब आरोपियों को हिरासत में लिया तो इनके पास से साक्ष्य नहीं मिल रहे थे। इंडीकाल ऐप का आईपी एड्रेस भी ट्रेस नहीं किया जा सकता। जिसकी जांच के लिए सइबर सेल को गूगल कंपनी की मदद लेनी पड़ी, और इनके फोन में पड़े जीमेल को गूगल की कैलिफोर्निया में स्थित हेड आफिस में भेजा गया। जहां से इनके काले कारनामें की पूरी रिपोर्ट इकट्ठा की गई।


सबसे ज्यादा हनक बिजली विभाग में
अधिकारियों के फोन हैक करने वाले शातिर युवकों की मेजारोड के बिजली विभाग अािफस में काफी हनक थी। श्यामेंद्र उपाध्याय बिजली विभाग में ठेकेदारी भी करता था, और उसके द्वारा विभाग के बड़े अधिकारियों का नंबर हैक करके स्थानीय अधिकारियों से लाखों रूपए का काम भी ऐंठा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed