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UP: प्रयागराज में कछुओं की तस्करी का भंडाफोड़, 741 कछुए किए बरामद; तस्करों को पुलिस ने पकड़ा

Sat, 09 Dec 2023 01:44 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 09 Dec 2023 01:44 PM IST
सार

वन विभाग की टीम ने शुक्रवार की रात नवाबगंज पुलिस के सहयोग से कछुओं की तस्करी का भंडाफोड़ कर दिया। तस्करी के लिए पिकअप से लाए जा रहे कछुओं की खेप बरामद कर ली गई।

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Turtle smuggling busted in Prayagraj
बरामद कछुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसटीएफ ने वन विभाग की टीम के साथ शनिवार की सुबह नवाबगंज टोल प्लाजा के पास से बोलेरो पिकअप गाड़ी से तस्करी कर ले जाए जा रहे 741 कछुओं को पकड़ा है। तीन तस्कर भी पकड़े गए। इन कछुओं को अमेठी से तस्करी कर पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। जहां इन्हें मंहगे दामों पर बेचा जाता। कछुओं से शक्तिवर्धक दवाएं बनाने का दावा किया जाता है। इसी कारण इनकी तस्करी जाती है।

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एसटीएफ को सूचना मिली थी कि शनिवार को नवाबगंज क्षेत्र के एक पिकअप गाड़ी कछुओं को लेकर गुजरेगी। सूचना पर नवाबगंज टोल प्लाजा के पास चेकिंग लगा दी गई। इसी दौरान एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने एक बोलेरो पिकअप गाड़ी को रोका। ड्राइवर ने बताया कि गाड़ी में धान और भूंसी लदा है। जब चेकिंग की गई तो धान और भूंसी के बीच 27 बोरियों में कछुए मिले। उन्हें गिना गया तो 741 कछुए तस्करी कर ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से अमेठी के जगदीशपुर गांधीनगर निवासी सनी और सूरज तथा रायबरेली के भवानीगढ़ निवासी आदर्श सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने बताया कि वे लंबे से कछुओं की तस्करी करते हैं।
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अमेठी के रहने वाले सलमान, अकबर और फूल मोहम्मद कछुओं की आपूर्ति करते हैं। उनसे कछुए लेकर वे पश्चिम बंगाल जा रहे थे जहां दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के लिए उन्हें मोटी रकम मिलती। वहां के स्थानीय तस्करों द्वारा कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) को सुखाकर शक्तिवर्धक दवा के लिए प्रयोग किया जाता है। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि मौके से पकड़े गए तीनों अभियुक्तों को नवाबगंज थाने ले जाया गया। तीनों के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। एसटीएफ के साथ वन विभाग के रेंज अफसर प्रागी लाल वर्मा और दरोगा कृष्ण कुमार त्रिपाठी अपनी टीम के साथ मौजूद थे। कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया।
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भारत में कछुओं की 29 प्रजातियां, 11 की होती है तस्करी
भारत में कछुओं की 29 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से 15 उत्तर प्रदेश में पाई जाती हैं। 11 प्रजातियों की तस्करी की जाती है। इन कछुओं को हार्ड शेल और साफ्ट सेल में वर्गीकृत किया जाता है।

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