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मुख्य परीक्षा में नहीं चलेगा तुक्का, दोहरी तैयारी से मुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:41 AM IST
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पीसीएस अफसर बनाना है तो अब ज्यादा पढ़ना होगा। मुख्य परीक्षा में भी तुक्का नहीं चलेगा। सामान्य अध्ययन के अब बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र नहीं आएंगे, बल्कि दीर्घ उत्तरी सवाल पूछे जाएंगे। पीसीएस में पाठ्यक्रम में संशोधन के बाद पीसीएस-2018 से यह व्यवस्था लागू होने जा रही है। पीसीएस मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम आईएएस परीक्षा के समान होने पर प्रतियोगी छात्रों को अब दोहरी तैयारी से भी मुक्ति मिल जाएगी। दोनों परीक्षाओं का पैटर्न एक होने पर अभ्यर्थियों को काफी राहत मिलेगी।
अब तक मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के 200-200 अंकों के दो प्रश्न पत्र आते थे। संशोधित पाठ्यक्रम में अब दो की जगह 200-200 अंकों के चार प्रश्न पत्र होंगे। यानी सामान्य अध्ययन के कुल 800 अंक के पेपर होंगे। अब तक दोनों प्रश्न पत्र बहुविकल्पीय होते थे लेकिन पीसीएस-2018 से ऐसा नहीं होगा। नई व्यवस्था में चार प्रश्न पत्र होंगे और सभी दीर्घ उत्तरी प्रकार के होंगे। ऐसे में अभ्यर्थियों को अब और अधिक गंभीरता के साथ तैयारी करनी होगी। साथ ही तुक्केबाजी का कोई मौका नहीं मिलेगा। चयन के बाद पद मिलने पर उनकी कार्यप्रणाली भी बेहतर होगी। हालांकि इसके साथ ही आयोग के लिए चुनौती बढ़ेगी। ओएमआर कॉपियां को सीधे कंप्यूटर के माध्यम से जांच दी जाती हैं लेकिन अब कॉपियों जांचने के लिए आयोग को स्तरीय विशेषज्ञों की नियुक्ति करनी होगी। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि यह संशोधित पाठ्यक्रम पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा से लागू किया जाएगा।
पीसीएस परीक्षा में इंटरव्यू अब 200 अंकों के बजाय 100 अंकों का होने पर लिखित परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा। इसके साथ ही पहले के मुकाबले अब अधिक योग्य अभ्यर्थियों का चयन होगा और इससे सरकार कार्यप्रणाली और बेतहर ढंग से संचालित की जा सकेगी। पीसीएस परीक्षा के दौरान इंटरव्यू में धांधली की तमाम शिकायतें आने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने इंटरव्यू के अंक घटाए जाने का निर्णय लिया था, जिस पर कैबिनेट की मुहर लग गई है। अब लिखित परीक्षा का महत्व बढ़ने के साथ ही इंटरव्यू की आड़ में अधिक नंबर देकर परीक्षार्थियों को लाभ पहुंचाए जाने जैसी शिकायतों भी खत्म हो जाएंगी।
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नियम के तहत लिखित परीक्षा के अधिकतम 12.2 फीसदी अंक ही इंटरव्यू में दिए जा सकते हैं लेकिन आयोग में पहले से व्यवस्था थी कि इंटरव्यू में अधिकतम 200 अंक दिए जाएंगे। ऐसे में लगातार शिकायतें आती थीं कि किसी को बहुत अधिक तो किसी को बहुत कम नंबर मिले और इससे परिणाम प्रभावित हुआ। इसी के मद्देनजर इंटरव्यू के अंक घटाने का निर्णय लिया गया ताकि परीक्षा में पारदर्शिता आए। वैसे भी सरकार ने ज्यादातर परीक्षाओं से इंटरव्यू को हटा दिया है। इस बदलाव के बाद कम से कम ये आरोप नहीं लगेंगे कि इंटरव्यू में गलत नंबर देकर परिणाम को प्रभावित किया गया।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के कैलेंडर में पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 का कार्यक्रम तो जारी कर दिया गया था लेकिन संशोधित पाठ्यक्रम को कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के इंतजार में इसका विज्ञापन अटका हुआ था। साथ ही आयोग को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के पदों का अधियाचन भी मिला गया है।
पीसीएस मुख्य परीक्षा के संशोधित पाठ्यक्रम को कैबिनेट से हरी झंडी मिलने और आयोग को एडीएम के पदों का अधियाचन मिलने के बाद विज्ञापन का रास्ता साफ हो गया है। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 आयेाग के कैलेंडर में 24 जून को प्रस्तावित है। आयोग को एसडीएम के 119 पदों का अधियाचन मिल गया है। संशोधित पाठ्यक्रम को मंजूरी मिलने से अब विज्ञापन जारी करने में भी कोई रोड़ा नहीं रह गया है। दरअसल, परीक्षा के विज्ञापन में आयोग पाठ्यक्रम भी जारी करता है। विस्तृत विज्ञापन में पाठ्यक्रम के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है। ऐसे में जब तक संशोधित पाठ्यक्रम को मंजूरी नहीं मिलती, तब तक आयोग विज्ञापन भी जारी नहीं कर सकता था। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि सभी पदों का अधियाचन मिल चुका है और संशोधित पाठ्यक्रम को भी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही पीसीएस परीक्षा-2018 के लिए आयोग विज्ञापन जारी करेगा।
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अब तक मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के 200-200 अंकों के दो प्रश्न पत्र आते थे। संशोधित पाठ्यक्रम में अब दो की जगह 200-200 अंकों के चार प्रश्न पत्र होंगे। यानी सामान्य अध्ययन के कुल 800 अंक के पेपर होंगे। अब तक दोनों प्रश्न पत्र बहुविकल्पीय होते थे लेकिन पीसीएस-2018 से ऐसा नहीं होगा। नई व्यवस्था में चार प्रश्न पत्र होंगे और सभी दीर्घ उत्तरी प्रकार के होंगे। ऐसे में अभ्यर्थियों को अब और अधिक गंभीरता के साथ तैयारी करनी होगी। साथ ही तुक्केबाजी का कोई मौका नहीं मिलेगा। चयन के बाद पद मिलने पर उनकी कार्यप्रणाली भी बेहतर होगी। हालांकि इसके साथ ही आयोग के लिए चुनौती बढ़ेगी। ओएमआर कॉपियां को सीधे कंप्यूटर के माध्यम से जांच दी जाती हैं लेकिन अब कॉपियों जांचने के लिए आयोग को स्तरीय विशेषज्ञों की नियुक्ति करनी होगी। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि यह संशोधित पाठ्यक्रम पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा से लागू किया जाएगा।
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पीसीएस परीक्षा में इंटरव्यू अब 200 अंकों के बजाय 100 अंकों का होने पर लिखित परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा। इसके साथ ही पहले के मुकाबले अब अधिक योग्य अभ्यर्थियों का चयन होगा और इससे सरकार कार्यप्रणाली और बेतहर ढंग से संचालित की जा सकेगी। पीसीएस परीक्षा के दौरान इंटरव्यू में धांधली की तमाम शिकायतें आने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने इंटरव्यू के अंक घटाए जाने का निर्णय लिया था, जिस पर कैबिनेट की मुहर लग गई है। अब लिखित परीक्षा का महत्व बढ़ने के साथ ही इंटरव्यू की आड़ में अधिक नंबर देकर परीक्षार्थियों को लाभ पहुंचाए जाने जैसी शिकायतों भी खत्म हो जाएंगी।
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नियम के तहत लिखित परीक्षा के अधिकतम 12.2 फीसदी अंक ही इंटरव्यू में दिए जा सकते हैं लेकिन आयोग में पहले से व्यवस्था थी कि इंटरव्यू में अधिकतम 200 अंक दिए जाएंगे। ऐसे में लगातार शिकायतें आती थीं कि किसी को बहुत अधिक तो किसी को बहुत कम नंबर मिले और इससे परिणाम प्रभावित हुआ। इसी के मद्देनजर इंटरव्यू के अंक घटाने का निर्णय लिया गया ताकि परीक्षा में पारदर्शिता आए। वैसे भी सरकार ने ज्यादातर परीक्षाओं से इंटरव्यू को हटा दिया है। इस बदलाव के बाद कम से कम ये आरोप नहीं लगेंगे कि इंटरव्यू में गलत नंबर देकर परिणाम को प्रभावित किया गया।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के कैलेंडर में पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 का कार्यक्रम तो जारी कर दिया गया था लेकिन संशोधित पाठ्यक्रम को कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के इंतजार में इसका विज्ञापन अटका हुआ था। साथ ही आयोग को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के पदों का अधियाचन भी मिला गया है।
पीसीएस मुख्य परीक्षा के संशोधित पाठ्यक्रम को कैबिनेट से हरी झंडी मिलने और आयोग को एडीएम के पदों का अधियाचन मिलने के बाद विज्ञापन का रास्ता साफ हो गया है। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 आयेाग के कैलेंडर में 24 जून को प्रस्तावित है। आयोग को एसडीएम के 119 पदों का अधियाचन मिल गया है। संशोधित पाठ्यक्रम को मंजूरी मिलने से अब विज्ञापन जारी करने में भी कोई रोड़ा नहीं रह गया है। दरअसल, परीक्षा के विज्ञापन में आयोग पाठ्यक्रम भी जारी करता है। विस्तृत विज्ञापन में पाठ्यक्रम के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है। ऐसे में जब तक संशोधित पाठ्यक्रम को मंजूरी नहीं मिलती, तब तक आयोग विज्ञापन भी जारी नहीं कर सकता था। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि सभी पदों का अधियाचन मिल चुका है और संशोधित पाठ्यक्रम को भी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही पीसीएस परीक्षा-2018 के लिए आयोग विज्ञापन जारी करेगा।