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ट्रिपलआईटी-एमएनएनआईटी साथ मिलकर करेंगे शोध
Tue, 09 Mar 2021 11:49 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 09 Mar 2021 11:49 PM IST
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- फोटो : prayagraj
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शहर के दो नामचीन तकनीकी संस्थान भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) और मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) पहली बार औपचारिक रूप से शैक्षिक एवं शोध के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करेंगे। मंगलवार को झलवा स्थित ट्रिपल आईटी परिसर में हुई महत्वपूर्ण बैठक में दोनों तकनीकी संस्थानों के निदेशकों की उपस्थिति में वहां के कुलसचिवों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थानों के बीटेक के छात्र एक-दूसरे संस्थान में वैकल्पिक विषय की पढ़ाई कर सकेंगे और परीक्षा दे सकेंगे। अगर किसी एक संस्थान में वैकल्पिक विषय उपलब्ध नहीं है तो छात्र को यह सुविधा मिलेगी। ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. पी. नागभूषण ने इस समझौते को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूरा करने की तरफ एक बड़ा कदम बढ़ाया है।
समझौते के तहत नए शिक्षकों, खासतौर पर सहायक एवं एसोसिएट प्रोफेसरों को अपनी क्षमताओं और प्रतिभाओं को पूर्णरूप से विकसित करने का अवसर मिलेगा। दोनों संस्थान अपनी चहारदीवारी से बाहर आकर संयुक्त रुप से किसी भी शोध या शैक्षिक कार्यक्रम को राष्ट्र के नाम समर्पित कर सकेंगे।
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एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने कहा कि ट्रिपलआईटी की स्थापना से ही दोनों संस्थान एक-दूसरे का सहयोग करते रहे हैं, जिसे अब एक समझौते का स्वरुप दिया गया है। दोनो संस्थान शैक्षिक आदान-प्रदान के अलावा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुछ नए शोध कार्य करेंगे। डॉ. त्रिपाठी ने दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों के बीच एक क्रिकेट मैच का भी प्रस्ताव रखा।
कहा कि हमें शैक्षिक एवं शोध गतिविधियों के अलावा अन्य क्रियाकलापों में भी संयुक्त रुप से कार्य करना होगा। समझौता पत्र पर ट्रिपलआईटी की कुलसचिव डॉ. विजयश्री तिवारी एवं एमएनएनआईटी के कुलसचिव डॉ. सर्वेश तिवारी ने हस्ताक्षर किए। बैठक का संचालन डॉ. माधवेंद्र मिश्र ने किया।
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इस समझौते के तहत दोनों संस्थानों के बीटेक के छात्र एक-दूसरे संस्थान में वैकल्पिक विषय की पढ़ाई कर सकेंगे और परीक्षा दे सकेंगे। अगर किसी एक संस्थान में वैकल्पिक विषय उपलब्ध नहीं है तो छात्र को यह सुविधा मिलेगी। ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. पी. नागभूषण ने इस समझौते को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूरा करने की तरफ एक बड़ा कदम बढ़ाया है।
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समझौते के तहत नए शिक्षकों, खासतौर पर सहायक एवं एसोसिएट प्रोफेसरों को अपनी क्षमताओं और प्रतिभाओं को पूर्णरूप से विकसित करने का अवसर मिलेगा। दोनों संस्थान अपनी चहारदीवारी से बाहर आकर संयुक्त रुप से किसी भी शोध या शैक्षिक कार्यक्रम को राष्ट्र के नाम समर्पित कर सकेंगे।
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एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने कहा कि ट्रिपलआईटी की स्थापना से ही दोनों संस्थान एक-दूसरे का सहयोग करते रहे हैं, जिसे अब एक समझौते का स्वरुप दिया गया है। दोनो संस्थान शैक्षिक आदान-प्रदान के अलावा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुछ नए शोध कार्य करेंगे। डॉ. त्रिपाठी ने दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों के बीच एक क्रिकेट मैच का भी प्रस्ताव रखा।
कहा कि हमें शैक्षिक एवं शोध गतिविधियों के अलावा अन्य क्रियाकलापों में भी संयुक्त रुप से कार्य करना होगा। समझौता पत्र पर ट्रिपलआईटी की कुलसचिव डॉ. विजयश्री तिवारी एवं एमएनएनआईटी के कुलसचिव डॉ. सर्वेश तिवारी ने हस्ताक्षर किए। बैठक का संचालन डॉ. माधवेंद्र मिश्र ने किया।