तिहरा हत्याकांडः शव रखकर डेढ़ घंटे तक चक्काजाम, जमकर हंगामा
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6.30 बजे के करीब मृतक लालू व अजीत के शव लाए गए तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने शव सड़क पर रखकर तीसरी लेन भी जाम करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा। जिस पर पहले तीखी नोकझोंक व फिर धक्कामुक्की भी हुई। हालांकि पुलिसकर्मियोें को धक्का देकर आक्रोशित लोग चौफटका ओवरब्रिज के पास पहुंचे और शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। यह देख पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अफसर मान-मनौव्वल में जुटे रहे। आक्रोशित लोग मृतकों के परिवार को 50 लाख मुआवजा व नौकरी की मांग करते रहे। एसडीएम सिटी अशोक कनौजिया ने नौकरी की बात से तो इंकार कर दिया लेकिन शासन की ओर से स्थापित विभिन्न मदों से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तब करीब 7.45 बजे लोग जाम खत्म करने को तैयार हुए। तब जाकर करीब चार घंटे बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका।
छावनी में तब्दील रहा चौफटका
उधर घटना के बाद तनाव को देखते हुए रात में ही मौके पर फोर्स तैनात कर दी गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव लाए जाने पर बवाल की पूरी आशंका थी जिसे देखते हुए दोपहर में ही अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाने लगी। शाम चार बजे तक चौफटका से लेकर नेहरू पार्क तक का इलाका छावनी में तब्दील हो चुका था। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी यमुनापार, एसपी प्रोटोकॉल कई सीओ व शहर व यमुनापार के कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर जमा रहे। इसके अलावा आईटीबीपी व पीएसी की भी एक टुकड़ी तैनात की गई थी। बवाल की आशंका थी ऐसे में फायरब्रिगेड के जवान भी मुस्तैद किए गए। उधर सिविल लाइंस से लेकर नेहरू पार्क तक बड़ी संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी तैनात रहे।
मासूम बेटा पूछता रहा सवाल, कब आएंगे पापा
उधर मृतक लालू के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी छवि तो रोते-रोते बेहोश हुए जा रही थी। उसके दो बच्चों में बेटा अविरल(9) और बेटी आराध्या(3) साल की है। परिजनों ने बताया कि आराध्या ऑटिज्म से पीड़ित है। उधर मासूम बेटा बार-बार मां से पूछता रहा कि पापा कब आएंगे। उसके साथ मृतक की मां व बहनों के साथ अन्य रिश्तेदार महिलाएं भी फूट-फूटकर रोती रहीं। उनका कहना था कि अब उनका परिवार कौन पालेगा। बताया कि मृतक लालू अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। पत्नी व दो बच्चों के साथ ही दो अविवाहित बहनों व मां माया की जिम्मेदारी भी उस पर थी। उधर अन्य मृतक अजीत व करन के घरों में भी कोहराम मचा रहा। दोनों अविवाहित थे।
क्षतिग्रस्त हो गई थीं दोनों के सिर की हड्डियां
प्रयागराज। चौफटका में मारे गए लालू यादव व अजीत के सिर में कई गोलियां मारी गई थीं। इसके अलावा उन पर चापड़े से भी हमला किया गया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के दौरान यह बात सामने आई। सूत्रों के मुताबिक, कई गोलियां लगने से लालू व अजीत के सिर की लगभग सभी हड्डियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। लालू पर चापड़ से भी वार किया गया था। जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट पहुंची थी। उधर तीसरे मृतक करन को एक गोली मारी गई थी जो सीने को चीरते हुए पार हो गई थी। हालांकि गोली लगने से उसका फेफड़ा क्षतिग्रस्त हो गया था।