IRCTC : पहले से ज्यादा आरामदायक होगा भारत गौरव ट्रेन से सफर, एलएचबी रेक लगाने का आदेश
आईआरसीटीसी का कहना है कि एलएचबी रेक लगने के बाद सफर तो आरामदायक होगा ही, साथ ही यात्रा केदौरान यात्रियों को झटके भी नहीं लगेंगे। देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ही रेलवे ने बीते वर्ष भारत गौरव ट्रेन शुरू की।
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तीर्थयात्रियों को देश के तमाम धार्मिक स्थलों की सैर करवाने वाली भारत गौरव ट्रेन का सफर अब और आरामदायक होगा। रेलवे ने इस ट्रेन में अनिवार्य रूप से एलएचबी रेक लगाने का फरमान जारी किया है। आईआरसीटीसी का कहना है कि एलएचबी रेक लगने के बाद सफर तो आरामदायक होगा ही, साथ ही यात्रा केदौरान यात्रियों को झटके भी नहीं लगेंगे।
देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ही रेलवे ने बीते वर्ष भारत गौरव ट्रेन शुरू की। इसमें अब तक आईसीएफ रेक ही लग रहे थे। यात्रियों की ओर से सफर के दौरान आईसीएफ रेक की तमाम असुविधाओं का मुद्दा उठाए जाने केबाद रेलवे ने उनकी सुविधा के लिए भारत गौरव ट्रेन में अब एलएचबी कोच लगाने का फैसला किया है। ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें।
रेलवे बोर्ड के नए आदेश के तहत भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत अब केवल लिंक हॉफमैन बुश कोच (एलएचबी) ही आवंटित किए जाएंगे। इस बारे में रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर टीएंडसी सुमित सिंह ने उत्तर मध्य रेलवे जोन समेत सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधक एवं प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को पत्र भी भेजा है।
एलएचबी कोच की खासियत
एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक पर आधारित है। आईसीएफ कोच के मुकाबले एलएचबी कोच का वजन कम रहता है। इसलिए इस कोच के साथ ट्रेनें पहले के मुकाबले तेज गति से दौड़ सकेंगी। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से भी एलएचबी कोच काफी बेहतर हैं। दरअसल एलएचबी कोच को जर्मनी के लिंक-होफमैन-बुश की ओर से तैयार किया गया है।
अब इनका निर्माण देश की तमाम रेल कोच फैक्टरी में किया जा रहा है। एलएचबी कोच में डिस्क ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें ब्रेक लगाने पर 160 की रफ्तार में चल रही ट्रेन 1200 मीटर के अंदर रुक जाती है। एलएचबी कोच का सस्पेंशन हाइड्रोलिक होता है, इसलिए ये कम शोर करता है। साथ ही इसमें साइड सस्पेंशन भी होता है, जो यात्रियों को झटकों को महसूस नहीं होने देता है।