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बैंक कर्मियों-ग्राहकों में बढ़ा फासला, बीच में खड़ी हुई पारदर्शी दीवार
Sat, 18 Jul 2020 01:08 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 18 Jul 2020 01:08 AM IST
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बैंक की शाखाओं में तरह-तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में इंडियन बैंक की सिविल लाइंस शाखा में काउंटर पर बैठे कर्मचारी और ग्राहक के बीच एक पारदर्शी दीवार खड़ी कर दी गई है। इससे कर्मचारी और ग्राहक एक दूसरे को देख एवं बात तो कर सकेंगे लेकिन उनके ड्रापलेट एक दूसरे के पास नहीं जा पाएंगे और संक्रमण का खतरा कम होगा।
कोविड-19 के संक्रमित बैंक कर्मियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक निजी बैंक के तो करीब सभी अफसर और कर्मचारी पॉजिटिव आ चुके हैं। इस खतरे को देखते हुए बैंक कर्मियों की जांच के लिए शनिवार और रविवार को विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। इसी क्रम में बैंक की शाखाओं में भी सुरक्षा के अलग-अलग इंतजाम किए जा रहे हैं।
इंडियन बैंक की सिविल लाइंस में काउंटर के आगे प्लास्टिक शीट लगी स्टैंडी खड़ी कर दी गई है। ग्राहक इससे आगे नहीं बढ़ पाएंगे। इसके अलावा शीट भी सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगी। सहायक महाप्रबंधक संजय आहूजा ने बताया कि खतरा लगातार बढ़ रहा है। अन्य स्टाफ के साथ चर्चा में यह समाधान निकाला गया। उनका कहना है कि यह बैंक की ऐतिहासिक शाखा है। इसलिए यहीं से स्टैंडी लगाने की शुरुआत की गई। अन्य शाखाओं में स्टैंडी लगाने की योजना बनाई जा रही है।
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अन्य काम खत्म करने के बाद चार बजे तक बैंक बंद करने का आदेश है। यही व्यवस्था यहां भी लागू की जाए। उन्होंने लिखा है कि शाम को तो लोग पासबुक में इंट्री, केकेसी की लिमिट बढ़ाए जाने जैसी जानकारी के लिए आते हैं। ऐसे में बैंक में काम की अवधि घटाई जाए। ताकि बैंक कर्मी समय से घर जा सकें। कांफेडरेशन के अध्यक्ष सुशील दुबे ने बताया कि अभी चार बजे तक कैश लेनदेन होता है। इसके अलावा पांच बजे तक पैसा ट्रांसफर करने तथा अन्य काम से लोग आते हैं। इसके बाद बैंक बंद करते-करते छह से सात बज जाते हैं। उनका कहना है कि सर्किल स्तर पर भी मुख्यमंत्री से समय करने की मांग की गई है।
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कोविड-19 के संक्रमित बैंक कर्मियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक निजी बैंक के तो करीब सभी अफसर और कर्मचारी पॉजिटिव आ चुके हैं। इस खतरे को देखते हुए बैंक कर्मियों की जांच के लिए शनिवार और रविवार को विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। इसी क्रम में बैंक की शाखाओं में भी सुरक्षा के अलग-अलग इंतजाम किए जा रहे हैं।
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इंडियन बैंक की सिविल लाइंस में काउंटर के आगे प्लास्टिक शीट लगी स्टैंडी खड़ी कर दी गई है। ग्राहक इससे आगे नहीं बढ़ पाएंगे। इसके अलावा शीट भी सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगी। सहायक महाप्रबंधक संजय आहूजा ने बताया कि खतरा लगातार बढ़ रहा है। अन्य स्टाफ के साथ चर्चा में यह समाधान निकाला गया। उनका कहना है कि यह बैंक की ऐतिहासिक शाखा है। इसलिए यहीं से स्टैंडी लगाने की शुरुआत की गई। अन्य शाखाओं में स्टैंडी लगाने की योजना बनाई जा रही है।
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बैंक में काम की अवधि कम करने की मांग
आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कांफेडरेशन की प्रयागराज इकाई ने बैंक में काम करने की अवधि कम करने की मांग की है। कांफेडरेशन की ओर इस बाबत डीएम, एलडीएम को पत्र लिखा गया है। फेडरेशन की ओर से लिखा गया है कि कोविड-19 के संक्रमित होने वाले बैंक कर्मियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे ध्यान में रखकर बैंकिंग ऑवर कम किया जाए। ताकि, खतरा कुछ कम हो सके। सचिव की ओर से लिखा गया है कि वाराणसी, भदोही आदि जिलों में ग्राहक के लिए तीन बजे तक शाखाएं खोलने का आदेश है।अन्य काम खत्म करने के बाद चार बजे तक बैंक बंद करने का आदेश है। यही व्यवस्था यहां भी लागू की जाए। उन्होंने लिखा है कि शाम को तो लोग पासबुक में इंट्री, केकेसी की लिमिट बढ़ाए जाने जैसी जानकारी के लिए आते हैं। ऐसे में बैंक में काम की अवधि घटाई जाए। ताकि बैंक कर्मी समय से घर जा सकें। कांफेडरेशन के अध्यक्ष सुशील दुबे ने बताया कि अभी चार बजे तक कैश लेनदेन होता है। इसके अलावा पांच बजे तक पैसा ट्रांसफर करने तथा अन्य काम से लोग आते हैं। इसके बाद बैंक बंद करते-करते छह से सात बज जाते हैं। उनका कहना है कि सर्किल स्तर पर भी मुख्यमंत्री से समय करने की मांग की गई है।