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आउटर पर नहीं फंसेंगी ट्रेनें, तीन रेल फ्लाईओवर देंगे रफ्तार
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Trains will not be stuck on the outer, three rail flyovers will give speed
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प्रयागराज। आउटर पर ट्रेनों की लेट लतीफी रोकने के लिए रेलवे ने आखिरकार इस बार के बजट में तीन रेल फ्लाई ओवर बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। इसमें नैनी-इरादतगंज, इरादतगंज-कुनवाडीह और करछना-इरादतगंज रेल फ्लाई ओवर है। तीनों फ्लाई ओवर में सबसे लंबा रेल फ्लाई ओवर इरादतगंज-कुनवाडीह (झूंसी के पास) हैै। इसकी कुल लंबाई 20.1 किलोमीटर रहेगी। इन तीनों फ्लाई ओवर के निर्माण के बाद इलाहाबाद जंक्शन आने वाली ट्रेनें आउटर पर नहीं फंसेंगी। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट के बाद जारी की गई रेलवे की पिंक बुक से इसकी तसदीक हुई है। रेल मंत्रालय ने 2595 करोड़ का बजट एनसीआर प्रशासन को वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिए दिया है।
दरअसल पिछले कुछ रेल बजट में इन तीनों ही फ्लाई ओवर को उत्तर मध्य रेलवे की पिंक बुक में शामिल किया गया था लेकिन बजट जारी नहीं किया गया था।इस बार एनसीआर की पिंक बुक में इन तीनों ही रेल फ्लाई ओवर के बजट का प्रावधान किया है। इन सभी में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण इरादतगंज-कुनवाडीह फ्लाई ओवर माना जा रहा है। इसके निर्माण के बाद मुंबई, झांसी रूट से वाराणसी आने वाली ट्रेनें फ्लाई ओवर के रास्ते सीधे पूर्वोत्तर रेलवे के इलाहाबाद सिटी-मंडुवाडीह रेल ट्रैक पर पहुंच जाएगी। इस वर्ष फ्लाईओवर की पहली किश्त के रूप में तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके लिए गंगा पर एक नया पुल भी बनाया जाएगा। साथ ही झूंसी के निकट कुनवाडीह को स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। ताकि यात्री कुनवाडीह आकर ट्रेन पकड़ सके। इसके अलावा नैनी को इरादतगंज से जोड़ने के लिए भी 12 किमी लंबे फ्लाई ओवर का बजट भी जारी किया गया है। इसके बनने के बाद मुंबई रूट की ट्रेनें सीधे दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर आ जाएंगी।
इलाहाबाद-मुगलसराय थर्ड लाइन के लिए पहली किस्त में 30 करोड़ रुपये
इलाहाबाद-मुगलसराय रूट पर ट्रेनों की लेट लतीफी रोकने के लिए रेलवे ने थर्ड लाइन निर्माण के लिए पहली किस्त 30 करोड़ रुपये के रूप में इस बार पिंक बुक में दर्शाई गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट का कुल बजट 2650 करोड़ रुपये है। इसके अलावा नैनी-छिवकी के बीच तीसरी लाइन के लिए 13 करोड़, इलाहाबाद-बम्हरौली के बीच चौथी लाइन का बजट भी जारी किया गया है। इस दौरान सूबेदारगंज स्टेशन के ऊपर से एक फ्लाई ओवर गुजरेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए पहली किश्त में एक करोड़ रुपये एनसीआर प्रशासन को आवंटित किए गए हैं। इसकी कुल लागत पांच अरब रुपये है।
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प्रमुख मद जहां एनसीआर करेगा खर्च
नई लाइन निर्माण 02 करोड़ रुपये
दोहरी लाइन बिछाना 27 करोड़ रुपये
रेल ट्रैक नवीनीकरण 670 करोड़ रुपये
सिगनलिंग एवं दूरसंचार 214 करोड़ रुपये
कर्मचारी कल्याण 28 करोड़ रुपये
यात्री सुविधाएं 168 करोड़ रुपये
आरओबी/आरयूबी 421 करोड़ रुपये
100 रुपये कमाने के लिए एनसीआर खर्च करता है 65.10 रुपये
एनसीआर ने पिछले वित्तीय वर्ष में सौ रुपये कमाने के लिए 65.10 रुपये खर्च किए। जबकि ओवरऑल भारतीय रेलवे की बात करें तो सौ रुपये कमाने के लिए 97.46 रुपये खर्च किए गए। सीपीआरओ अजीत सिंह ने बताया कि एनसीआर की बेहतर आंकड़े को देखते हुए इस बार वित्तीय वर्ष 2020-21 में सौ रुपये कमाने के लिए 64.50 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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दरअसल पिछले कुछ रेल बजट में इन तीनों ही फ्लाई ओवर को उत्तर मध्य रेलवे की पिंक बुक में शामिल किया गया था लेकिन बजट जारी नहीं किया गया था।इस बार एनसीआर की पिंक बुक में इन तीनों ही रेल फ्लाई ओवर के बजट का प्रावधान किया है। इन सभी में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण इरादतगंज-कुनवाडीह फ्लाई ओवर माना जा रहा है। इसके निर्माण के बाद मुंबई, झांसी रूट से वाराणसी आने वाली ट्रेनें फ्लाई ओवर के रास्ते सीधे पूर्वोत्तर रेलवे के इलाहाबाद सिटी-मंडुवाडीह रेल ट्रैक पर पहुंच जाएगी। इस वर्ष फ्लाईओवर की पहली किश्त के रूप में तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके लिए गंगा पर एक नया पुल भी बनाया जाएगा। साथ ही झूंसी के निकट कुनवाडीह को स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। ताकि यात्री कुनवाडीह आकर ट्रेन पकड़ सके। इसके अलावा नैनी को इरादतगंज से जोड़ने के लिए भी 12 किमी लंबे फ्लाई ओवर का बजट भी जारी किया गया है। इसके बनने के बाद मुंबई रूट की ट्रेनें सीधे दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर आ जाएंगी।
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इलाहाबाद-मुगलसराय थर्ड लाइन के लिए पहली किस्त में 30 करोड़ रुपये
इलाहाबाद-मुगलसराय रूट पर ट्रेनों की लेट लतीफी रोकने के लिए रेलवे ने थर्ड लाइन निर्माण के लिए पहली किस्त 30 करोड़ रुपये के रूप में इस बार पिंक बुक में दर्शाई गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट का कुल बजट 2650 करोड़ रुपये है। इसके अलावा नैनी-छिवकी के बीच तीसरी लाइन के लिए 13 करोड़, इलाहाबाद-बम्हरौली के बीच चौथी लाइन का बजट भी जारी किया गया है। इस दौरान सूबेदारगंज स्टेशन के ऊपर से एक फ्लाई ओवर गुजरेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए पहली किश्त में एक करोड़ रुपये एनसीआर प्रशासन को आवंटित किए गए हैं। इसकी कुल लागत पांच अरब रुपये है।
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प्रमुख मद जहां एनसीआर करेगा खर्च
नई लाइन निर्माण 02 करोड़ रुपये
दोहरी लाइन बिछाना 27 करोड़ रुपये
रेल ट्रैक नवीनीकरण 670 करोड़ रुपये
सिगनलिंग एवं दूरसंचार 214 करोड़ रुपये
कर्मचारी कल्याण 28 करोड़ रुपये
यात्री सुविधाएं 168 करोड़ रुपये
आरओबी/आरयूबी 421 करोड़ रुपये
100 रुपये कमाने के लिए एनसीआर खर्च करता है 65.10 रुपये
एनसीआर ने पिछले वित्तीय वर्ष में सौ रुपये कमाने के लिए 65.10 रुपये खर्च किए। जबकि ओवरऑल भारतीय रेलवे की बात करें तो सौ रुपये कमाने के लिए 97.46 रुपये खर्च किए गए। सीपीआरओ अजीत सिंह ने बताया कि एनसीआर की बेहतर आंकड़े को देखते हुए इस बार वित्तीय वर्ष 2020-21 में सौ रुपये कमाने के लिए 64.50 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।