Prayagraj : 40 सड़कों पर नहीं रुकेगा ट्रैफिक, नए सिरे से होगा विकास, जर्मनी की संस्था ने किया सर्वे
जेब्रा लाइन, चौराहों से पहले स्लोप आदि भी ऐसी जगह बनाए जाएंगे जहां से सिग्नल पर स्वत: नजर पड़ती रहे। जहां जरूरत नहीं है वहां से सिग्नल भी हटाए जाएंगे। अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि चौराहे चिह्नित कर लिए गए हैं। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निगम चौराहों का नए सिरे से निर्माण कराएगा।
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शहर की सड़क पर गड्ढे और जाम इन दिनों सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में महाकुंभ में आने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन का पूरा जोर यातायात प्रबंधन पर है। इस कवायद के तहत सड़क चौड़ीकरण, नए फ्लाईओवर का निर्माण समेत कई काम कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में 40 चौराहों को नया रूप देने की योजना बनाई गई है। इन चुनिंदा 40 चौराहों की बनावट होगी कि वाहन स्वत: आगे बढ़ते जाएंगे। यातायात नहीं रुकेगा।
इतना ही नहीं, पुलिस की भी आवश्यकता नहीं होगी। कई जगहों पर तो सिग्नल लाइट की व्यवस्था भी नहीं रहेगी। इसके तहत नए रोटरी का निर्माण, चौराहों का दायरा बढ़ाने समेत कई कार्य कराए जाएंगे। गोल चौराहा के चारों तरफ आईलैंड या डिवाइडर बनाए जाएंगे, ताकि वाहन अपने मार्ग पर बिना किसी बाधा के आगे बढ़ते जाएं।
जेब्रा लाइन, चौराहों से पहले स्लोप आदि भी ऐसी जगह बनाए जाएंगे जहां से सिग्नल पर स्वत: नजर पड़ती रहे। जहां जरूरत नहीं है वहां से सिग्नल भी हटाए जाएंगे। अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि चौराहे चिह्नित कर लिए गए हैं। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निगम चौराहों का नए सिरे से निर्माण कराएगा।
जर्मनी की संस्था के सहयोग से तीन महीने तक हुआ सर्वे
बिना बाधा यातायात के लिए शहर का सर्वे कराया गया। सर्वे जर्मनी की संस्था ट्रैक्टेबल इंडिया के सहयोग से तीन महीने तक चला था। इसी आधार पर चौराहे चिह्नित किए गए हैं, साथ ही इन चौराहों पर होने वाले बदलाव और नए कार्यों का खाका तैयार किया गया है। संस्था ने महाकुंभ की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर एवं आसपास के चौराहों, मार्गों पर पड़ने वाले दबाव, आने वाले पांच वर्षों में कितना ट्रैफिक बढ़ जाएगा आदि पहलुओं को ध्यान में रखकर सर्वे किया है। इसके आधार पर तैयार योजना को अलग-अलग संस्थाओं के साथ साझा करने के अलावा यातायात सलाहकार समिति में भी रखा गया था। उसमें मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
पौधरोपण के साथ सौंदर्यीकरण भी
चिह्नित चौराहों और इसके चारों तरफ बनने वाले आईलैंड, डिवाइडर का सौंदर्यीकरण भी होगा। इसके तहत लाइटिंग और पौधे लगाए जाएंगे। चौराहों पर अलग-अलग तरह की आकृतियां भी बनाई जाएंगी।
इस चौराहों पर होगा कार्य
अलोपीबाग, बांगड़, जीटी जवाहर, हर्षवर्धन, लेप्रोसी, दूरदर्शन, आईईआरटी सलोरी-एक, आईईआरटी सलोरी-दो, मजार, तेलियरगंज, नैनी छिवकी, जवाहर लाल नेहरू मार्ग, बलुआ घाट, लल्ला चुंगी, अलोपीबाग मंदिर, फाफामऊ तिराहा, एयरपोर्ट गेट, मयूर विहार, एयरपोर्ट के पास टी प्वाइंट जंक्शन, ट्रिपलआईटी, बजरंग तिराहा, सूबेदारगंज, कालिंदीपुरम तिराहा, शुक्ला सर्किल, धूमनगंज थाना, अपट्राॅन चौराहा, गोविंदपुर, अरैल, झूंसी में काली त्रिवेणी ढाल, शुक्ला मार्केट, शिव चरणदास, रामबाग फ्लाईओवर, आर्य कन्या, कोठापार्चा, हाईकोर्ट, सोमेश्वर महादेव, डीपीएस स्कूल, अरैल रोड जीरो प्वाइंट तथा मेवालाल की बगिया।