Prayagra:टिंबर कंपनियों के पास गुणवत्तायुक्त स्लीपर का भंडारण नहीं, संयुक्त टीम ने अफसरों को भेजी वीडियोग्राफी
जिन पांच कंपनियों को साल स्लीपर के वर्क ऑर्डर दिए गए हैं, उन्हें अब तक 40 फीसदी आपूर्ति पूरी कर देनी थी। लेकिन, 19 अगस्त तक सिर्फ 2.03 प्रतिशत ही आपूर्ति हो सकी है। इससे चिंता की लकीरें खिंच गई हैं, लेकिन अफसर मौन साधे हुए हैं।
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महाकुंभ में पांटून पुलों के निर्माण के लिए रायपुर से मंगाए जाने वाले साल स्लीपर के भंडारण और गुणवत्ता को लेकर पासिंग कमेटी ने उच्चाधिकारियों को चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है। वन निगम, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने साल स्लीपर, साल एजिंग की वीडियोग्राफी कराकर मुख्य अभियंता और अन्य अफसरों को भेजी है, ताकि हकीकत सामने आ सके।
जिन पांच कंपनियों को साल स्लीपर के वर्क ऑर्डर दिए गए हैं, उन्हें अब तक 40 फीसदी आपूर्ति पूरी कर देनी थी। लेकिन, 19 अगस्त तक सिर्फ 2.03 प्रतिशत ही आपूर्ति हो सकी है। इससे चिंता की लकीरें खिंच गई हैं, लेकिन अफसर मौन साधे हुए हैं। पीडब्ल्यूडी और वन निगम के अधिकारियों की 10 अगस्त को रायपुर पहुंची दूसरे चरण की संयुक्त टीम की दो दिनों की निरीक्षण आख्या अमर उजाला के पास है। इस दौरान आठ दिनों में सिर्फ 16 साल स्लीपर ही पास हुए।
आपूर्ति का ठेका लेने वालीं पांच टिंबर कंपनियों में से एक केएन पटेल एंड कंपनी के रायपुर स्थित भंडार गृह में 10 अगस्त को हुए साल स्लीपर और साल एजिंग के गुणवत्ता परीक्षण और मापी की रिपोर्ट मुख्य अभियंता एके द्विवेदी को दी गई है। इसमें आठ सदस्यीय पासिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि केएन पटेल एंड कंपनी के परिसर में कुल 35 साल स्लीपर की गुणवत्ता परीक्षण के साथ मापी कराई गई। इसमें तीन साल स्लीपर की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई मानक के अनुरूप उपयुक्त पाई गई। अन्य 32 साल स्लीपर और साल एजिंग गुणवत्ता परीक्षण में उपयुक्त नहीं पाए गए।
संयुक्त टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस दौरान आपूर्तिकर्ता कंपनी की ओर से आपस में वार्ता होने पर साल स्लीपर और साल एजिंग परीक्षण के लिए उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। इसी तरह 12 अगस्त को वन निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने मेसर्स धोरम नाथ ट्रेडर्स की ओर से भंडारण किए गए आरा मशीन सुनील टिंबर पर साल स्लीपर की जांच की गई। इस दौरान 27 साल स्लीपर में से कोई भी मानक के अनुरूप नहीं पाया गया।
संयुक्त टीम ने मुख्य अभियंता को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि अन्य आरा मशीनों पर भी स्लीपरों की उपलब्धता की ऐसी ही स्थिति हो सकती है। संयुक्त टीम ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि 11 अगस्त को इसकी वीडियोग्राफी कराकर भी भेजी जा चुकी है। साथ ही मुख्य अभियंता व वन निगम के महाप्रबंधक से आग्रह किया गया है कि इस पर जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि आगे कदम उठाया जा
पांच टिंबर कंपनियों ने 20 दिन में की लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ दो प्रतिशत साल स्लीपर की आपूर्ति
जिन पांच टिंबर कंपनियों को न्यूनतम दर पर वर्क ऑर्डर दिया गया है, उनमें धोरमनाथ ट्रेडर्स, अनमोल टिंबर, नथानी टिंबर, धोरमनाथ ट्रेडिंग कंपनी और केएन पटेल एंड कंपनी को अनुबंध के तहत छह नवंबर तक आपूर्ति पूरा करने के लिए कहा गया है। लेकिन, 20 दिन में 19 अगस्त सिर्फ 2.03 प्रतिशत ही साल स्लीपर की आपूर्ति हो सकी है। वह भी जो पासिंग कमेटी की ओर से उपयुक्त स्लीपर बताए गए थे। उनमें भी कई स्लीपर यहां थर्ड पार्टी एजेंसी ने रिजेक्ट कर दिए हैं।