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आरक्षण की मांग पर रोकी ट्रेन, 250 पर मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 08 Jun 2018 01:03 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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निषाद-बिंद समाज को प्रदेश में अनुसूचित जाति का दर्जा देने और आरक्षण की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैरहना क्रासिंग पर करीब घंटे भर तक ट्रेन रोककर हंगामा किया। कार्यकर्ता प्रदेश सरकार से निषाद समाज को मंझवार-आरक्षण में शामिल करने की मांग कर रहे थे। वहीं इस मामले में आरपीएफ ने चार नामजद सहित 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विशाल साहनी ने कहा कि 2015 में सात जून को ही आरक्षण की मांग को लेकर निषाद समाज का एक युवा शहीद हो गया था। उसी की याद में और निषाद समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर ट्रेन रोकी गई। राम नरायण निषाद ने कहा कि पूर्व अखिलेश यादव सरकार ने निषाद समाज को आरक्षण देने की घोषणा की थी। सपा सरकार की ओर से आरक्षण देने की घोषणा के समय योगी आदित्यनाथ ने अनुसूचित जाति का आरक्षण देने का समर्थन किया था। अब कोर्ट की ओर से भी निषाद समाज को मंझवार आरक्षण में शामिल करने के सुझाव के बाद भी प्रदेश सरकार आरक्षण देने से पीछे हट रही है। कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने आरक्षण की घोषणा नहीं की तो आगे भी ट्रेन रोकेंगे। इस मौके पर शिव लखन बिंद, डीएन प्रसाद सहित सैकड़ों की संख्या में निषाद पार्टी के लोग शामिल रहे।
इधर, इलाहाबाद सिटी-मंडुवाडीह पैसेंजर को बैरहना के पास रोक लिए जाने पर रेलवे प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। पूर्वोत्तर रेलवे इलाहाबाद सिटी (रामबाग) की आरपीएफ ने इस मामले में 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलाव चार ज्ञात लोगों के खिलाफ भी आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज किया है। आरपीएफ रामबाग प्रभारी राजेश कुमार के मुताबिक ट्रेन रोकना रेलवे एक्ट की धारा का उल्लंघन करना है। इस मामले में विशाल साहनी, श्रीनाथ निषाद, मुरलीधर एवं इंद्रजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि गाड़ी संख्या 55128 मंडुवाडीह पैसेंजर रामबाग स्टेशन से दिन में 1.20 बजे चली। बैरहना रेल ओवर ब्रिज पर लाल टोपी पहने लोगों का ट्रैक पर हुजूम देखकर ट्रेन ड्राइवर ने दिन में डेढ़ बजे के आसपास ट्रेन रोक ली। इस बीच रेल ट्रैक पर हो रहे प्रदर्शन की सूचना आरपीएफ को मिली तो तमाम जवान मौके पर पहुंच गए। घंटे भर ट्रेन वहीं खड़ी रही। बाद में पौने तीन बजे के आसपास ट्रेन वहां से रवाना हो सकी।
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विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विशाल साहनी ने कहा कि 2015 में सात जून को ही आरक्षण की मांग को लेकर निषाद समाज का एक युवा शहीद हो गया था। उसी की याद में और निषाद समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर ट्रेन रोकी गई। राम नरायण निषाद ने कहा कि पूर्व अखिलेश यादव सरकार ने निषाद समाज को आरक्षण देने की घोषणा की थी। सपा सरकार की ओर से आरक्षण देने की घोषणा के समय योगी आदित्यनाथ ने अनुसूचित जाति का आरक्षण देने का समर्थन किया था। अब कोर्ट की ओर से भी निषाद समाज को मंझवार आरक्षण में शामिल करने के सुझाव के बाद भी प्रदेश सरकार आरक्षण देने से पीछे हट रही है। कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने आरक्षण की घोषणा नहीं की तो आगे भी ट्रेन रोकेंगे। इस मौके पर शिव लखन बिंद, डीएन प्रसाद सहित सैकड़ों की संख्या में निषाद पार्टी के लोग शामिल रहे।
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इधर, इलाहाबाद सिटी-मंडुवाडीह पैसेंजर को बैरहना के पास रोक लिए जाने पर रेलवे प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। पूर्वोत्तर रेलवे इलाहाबाद सिटी (रामबाग) की आरपीएफ ने इस मामले में 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलाव चार ज्ञात लोगों के खिलाफ भी आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज किया है। आरपीएफ रामबाग प्रभारी राजेश कुमार के मुताबिक ट्रेन रोकना रेलवे एक्ट की धारा का उल्लंघन करना है। इस मामले में विशाल साहनी, श्रीनाथ निषाद, मुरलीधर एवं इंद्रजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि गाड़ी संख्या 55128 मंडुवाडीह पैसेंजर रामबाग स्टेशन से दिन में 1.20 बजे चली। बैरहना रेल ओवर ब्रिज पर लाल टोपी पहने लोगों का ट्रैक पर हुजूम देखकर ट्रेन ड्राइवर ने दिन में डेढ़ बजे के आसपास ट्रेन रोक ली। इस बीच रेल ट्रैक पर हो रहे प्रदर्शन की सूचना आरपीएफ को मिली तो तमाम जवान मौके पर पहुंच गए। घंटे भर ट्रेन वहीं खड़ी रही। बाद में पौने तीन बजे के आसपास ट्रेन वहां से रवाना हो सकी।
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