{"_id":"69f514e999be359b4609d90a","slug":"thyroid-testing-stopped-at-the-community-health-center-allahabad-news-c-3-1-hld1039-875662-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में थायराइड की जांच बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में थायराइड की जांच बंद
Sat, 02 May 2026 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 02 May 2026 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महीनों से थायराइड की जांच बंद होने के कारण स्थानीय मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जिसका आर्थिक बोझ मरीजों की जेब पर पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। यहां पिछले कई महीनों से थायराइड जांच में उपयोग होने वाला आवश्यक रसायन करीब चार महीने से उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण वहां जांच नहीं की जा रही है। शासन ने मरीजों को सस्ती और सुलभ जांच सुविधा देने के उद्देश्य से सीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं लेकिन व्यवस्थागत खामियों के कारण इसका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है।
सराय अभयचंद्र उर्फ चंदौकी गांव के रहने वाले राजकुमार, लिलहट के जियाउद्दीन अहमद, अमोलवा गांव के लोक बहादुर गोंड का आरोप है कि ग्रामीणों को मजबूरन निजी पैथोलॉजी सेंटरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर एचआईवी, मलेरिया, हीमोग्लोबिन, टायफाइड, सीबीसी, केएफटी और थायराइड की जांच के लिए पांच साै रुपये से अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पताल में सभी जांच सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध हों, तो उन्हें निजी लैब में महंगी जांच कराने की जरूरत न पड़े और आर्थिक शोषण से बचा जा सके।
अस्पताल में एचआईवी, मलेरिया, टायफाइड, सीबीसी, केएफटी, एनएफटी और थायराॅइड सहित कई जांच मात्र एक रुपये की पर्ची पर की जाती है। फिलहाल थायराइड जांच के लिए जरूरी रसायन उपलब्ध न होने से यह सेवा बाधित है, जिसकी मांग उच्चाधिकारियों से की गई है। रसायन उपलब्ध होते ही जांच सेवा पुन: बहाल हो जाएगी। - डॉ. नीरज पटेल, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर।
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। यहां पिछले कई महीनों से थायराइड जांच में उपयोग होने वाला आवश्यक रसायन करीब चार महीने से उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण वहां जांच नहीं की जा रही है। शासन ने मरीजों को सस्ती और सुलभ जांच सुविधा देने के उद्देश्य से सीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं लेकिन व्यवस्थागत खामियों के कारण इसका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है।
विज्ञापन
सराय अभयचंद्र उर्फ चंदौकी गांव के रहने वाले राजकुमार, लिलहट के जियाउद्दीन अहमद, अमोलवा गांव के लोक बहादुर गोंड का आरोप है कि ग्रामीणों को मजबूरन निजी पैथोलॉजी सेंटरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर एचआईवी, मलेरिया, हीमोग्लोबिन, टायफाइड, सीबीसी, केएफटी और थायराइड की जांच के लिए पांच साै रुपये से अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पताल में सभी जांच सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध हों, तो उन्हें निजी लैब में महंगी जांच कराने की जरूरत न पड़े और आर्थिक शोषण से बचा जा सके।
अस्पताल में एचआईवी, मलेरिया, टायफाइड, सीबीसी, केएफटी, एनएफटी और थायराॅइड सहित कई जांच मात्र एक रुपये की पर्ची पर की जाती है। फिलहाल थायराइड जांच के लिए जरूरी रसायन उपलब्ध न होने से यह सेवा बाधित है, जिसकी मांग उच्चाधिकारियों से की गई है। रसायन उपलब्ध होते ही जांच सेवा पुन: बहाल हो जाएगी। - डॉ. नीरज पटेल, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर।