प्रयागराज : सिर्फ अतीक और अशरफ की हत्या के लिए एक हुए थे तीनों शूटर, पहले से नहीं जानते थे एक दूसरे को
अतीक-अशरफ हत्याकांड के शूटरों को लेकर वारदात के बाद से ही तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी क्रम में एक सवाल यह उठ रहा है कि क्या तीनों शूटर केवल इसी हत्याकांड के लिए एक हुए।
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अतीक-अशरफ हत्याकांड के शूटरों को लेकर वारदात के बाद से ही तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी क्रम में एक सवाल यह उठ रहा है कि क्या तीनों शूटर केवल इसी हत्याकांड के लिए एक हुए। इसकी वजह यह है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले शूटर लवलेश की फ्रेंड लिस्ट में अन्य दोनों शूटरों सनी सिंह व अरुण कुमार मौर्य का नाम नहीं है।
बांदा निवासी लवलेश फेसबुक पर ‘महाराज लवलेश तिवारी(चूचू)’ के नाम से आईडी बना रखी है। बृहस्पतिवार तक उसकी प्रोफाइल फेंडलिस्ट में पर 1467 लोगों का नाम शामिल था। खास बात यह है कि इनमें अतीक-अशरफ हत्याकांड में उसके साथ शामिल सनी और अरुण का नाम शामिल नहीं है। तीनों के कनेक्शन को लेकर पहले ही सवाल खड़े हो रहे हैं। अब फेसबुक पर आपस में न जुड़े होने से तीनों को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या वह केवल इसी हत्याकांड के लिए एक साथ हुए।
प्रोफेशनल ट्रेनिंग के बिना संभव नहीं
वीडियो फुटेज से साफ है कि अतीक व अशरफ पर पहली गोलियां लवलेश ने ही दागी। इसके बाद जब वह जमीन पर ढेर हो जाते हैं तब भी वह दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियांं बरसाता है। जानकारों का कहना है कि जिस तरह से उसने विदेशी हथियार से गोलियां बरसाईं, वह दृश्य फिल्मों या गैंगवार, सुपारी किलिंग में ही नजर आता है। ऐसा करने वाला प्रोफेशनल शूटर ही होता है। तो सवाल यह भी है कि अतीक-अशरफ को मारने के लिए क्या उसने ट्रेनिंग ली।
गोली चलाने का एक भी मुकदमा नहीं
चौंकाने वाली बात यह है कि लवलेश का जो आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है, उनमें से एक भी फायरिंग के आरोप से संबधित नहीं है। पहला मुकदमा अवैध शराब के साथ पकड़े जाने का है। इसके बाद मोबाइल फोन पर धमकी देने के आरोप में उस पर मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले एक नाबालिग छात्रा से मारपीट के आरोप में उस पर केस लिखा गया जिसमें वह जेल भी गया था। इसके बाद लाठी-डंडों से सिर फोड़ने के एक मामले में उस पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि कभी तमंचे से भी गोली न चलाने वाला युवक विदेशी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायर बिना किसी ट्रेनिंग के कैसे कर सकता है।