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High Court : भूमि अधिग्रहण की जानकारी नहीं देने पर डीएम समेत तीन अधिकारी तलब

Thu, 03 Oct 2024 12:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 03 Oct 2024 12:18 PM IST
सार

करछना तहसील के क्षेत्र में कचरी बिजली पावर प्लांट लगाने के लिए कचरी, कचरा, देवरी कला, गढ़वा कला, देहली, पनासा समेत कुल आठ गांव के 1300 किसानों की 2550 बीघा जमीन को अधिग्रहण किया गया था। किसानों का कहना है कि उन्हें अधिग्रहीत की जा रही भूमि का मुआवजा अदा नहीं किया गया है।

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Three officers including DM summoned for not giving information about land acquisition
अदालत - फोटो : ANI

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करछना के कचरी पावर प्लांट को लेकर भूमि अधिग्रहण की विस्तृत जानकारी मुहैया न कराने पर प्रयागराज के डीएम, विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी व अधिशासी अभियंता वितरण एवं सर्कुलेशन डिवीजन विद्युत विभाग को तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय की अदालत ने कचरी, कचरा, देवरी कला, गढ़वा कला, देहली,पनासा गांव के किसानों की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है।

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करछना तहसील के क्षेत्र में कचरी बिजली पावर प्लांट लगाने के लिए कचरी, कचरा, देवरी कला, गढ़वा कला, देहली, पनासा समेत कुल आठ गांव के 1300 किसानों की 2550 बीघा जमीन को अधिग्रहण किया गया था। किसानों का कहना है कि उन्हें अधिग्रहीत की जा रही भूमि का मुआवजा अदा नहीं किया गया है। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई के बाद कोर ने डीएम, भूमि अधिग्रहण अधिकारी व पावर प्लांट से अधिशाषी अभियंता से विस्तृत जानकारी तलब की थी।

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एक अक्तूबर की सुनवाई के दौरान पेश की गई जानकारी आधी-अधूरी थी। इससे खफा कोर्ट ने तीन अक्तूबर को प्रयागराज के डीएम, विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी व अधिशासी अभियंता वितरण एवं सर्कुलेशन डिवीजन विद्युत विभाग को तलब किया है। जमीन अधिग्रहण करने के बाद पावर प्लांट लगाने की जम्मेदारी जेपी समूह को दी गई थी।

उस दौरान पावर प्लांट में प्रभावित ज्यादातर किसानों को उनके जमीन का भुगतान सरकार ने कर दिया। लेकिन, कुछ किसान मुआवजा नहीं लिए। यहां प्लांट लगाने की तैयारी तेजी से की जा रही थी। इसे लेकर गांव के सामने एक हेलिपैड व कचरी गांव के सामने पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया।

पावर प्लांट स्थापित व भूमि पूजन के लिए जेपी समूह के जेपी गौड़ व अन्य अधिकारी यहां आए थे। उस दौरान किसानों ने जेपी समूह के अधिकारियों से पावर प्लांट के बारे में जानकारी। वहीं, नौकरी व अन्य सुविधाओं के बारे में जानना चाहा। लेकिन, जेपी समूह से आए अधिकारियों ने प्राइवेट कंपनी होने की बात कहकर नौकरी व अन्य सुविधा देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद 29 किसानों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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