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लॉकडाउन में बिकीं हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन की तीन लाख गोलियां
Mon, 04 May 2020 12:41 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 04 May 2020 12:41 AM IST
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हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्विन (सांकेतिक)
- फोटो : social media
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लॉक डाउन में मलेरिया के इलाज में दी जाने वाली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन दवा की बिक्री अचानक बढ़ी है। एक महीने के दौरान इन दवाओं की करीब तीन लाख गोलियां इस जिले के थोक दवा विक्रेताओं ने मेडिकल स्टोर संचालकों को दी हैं। अमेरिका से कोविड-19 नियंत्रण के लिए इन दवाओं के मंगाए जाने के बाद इन दवाओं की बिक्री बढ़ी। अब इन दवाओं के लिए डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य किए जाने से इनकी बिक्री दस हजार गोलियां प्रतिदिन से सिमट कर करीब चार हजार पर आ गई हैं।
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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन दवाओं को बिना डॉक्टरी सलाह के लिए जाने या अस्पताल में भर्ती मरीजों से इतर अन्य लोगों को दिए जाने के कई जोखिम हैं। दवा बाजार में बढ़ती इन दवाओं की बिक्री और अनर्गल उपयोग रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोरों दवा लेते समय डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य किया है। फिलहाल कोविड नियंत्रण में लगे चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और संक्रमितों को ये दवाएं दिए जाने की सूचनाएं हैं।
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Hydroxychloroquine Tablet
- फोटो : Social Media
शहर में विभिन्न कंपनियों के हैं 15 वितरक
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन क़ो एक नहीं कई कंपनियों बनाती हैं। शहर के 15 थोक विक्रेता इन दवाओं के स्थानीय वितरक हैं। इन्हीं विक्रेताओं के यहां से खरीदी गई गोलियों को फुटकर दवा विक्रेता मरीजों या तीमारदारों को देते हैं।प्रतिदिन देना होता है बिक्री का विवरण
थोक दवा विक्रेताओं को मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन की बिक्री का प्रतिदिन ब्यौरा ड्रग इंस्पेक्टर को देना होता है। शाम पांच बजे थोक बाजार में दवा बिक्री बंद होते ही इनका बिक्री ब्यौरा शासन को भेजने की व्यवस्था है।कोविड संक्रमितों के इलाज में लगे चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ के साथ उनके संपर्क में आने वालों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन तथा अन्य दवाएं जरूरत पर दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास इनका पर्यात भंडार है। - मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी, सीएमओ
दवा बाजार में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है। थोक और फुटकर विक्रेताओं के लिए बिक्री संबंधी निर्देश दिए गए हैं। फुटकर दवा बाजार में बिना पर्चे के इन दवाओं की बिक्री पर पाबंदी है। लॉक डाउन की शुरूआत में लोगों ने बिना जरूरत इन दवाओं की खरीद की जिसमें अब कमी आई है। बिना डॉक्टरी सलाह के इन दवाओं को नहीं लेना चाहिए। - गोविंद लाल गुप्ता, ड्रग इंस्पेक्टर